हेल्थ के साथ वेल्थ भी:डेयरी कंपनियों के शेयरों पर दाव 2021 में दिला सकता है दमदार रिटर्न

10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पहली छमाही में दूध की लागत कम रह सकती है, दूसरी छमाही में बढ़ सकते हैं मिल्क प्रॉडक्ट्स के दाम
  • डेयरी कंपनियों की आमदनी में अगले साल 12 पर्सेंट और मुनाफे में 28 पर्सेंट सालाना की बढ़ोतरी हो सकती है

डेयरी कंपनियों के शेयरों पर दाव लगाना निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है। ICICI सिक्योरिटीज के मुताबिक 2021 की पहली छमाही में दूध का लागत मूल्य कम रह सकता है। दूसरी छमाही में फूड इनफ्लेशन के चलते पशुओं का चारा महंगा होने पर उनके दूध की लागत बढ़ सकती है। ब्रोकरेज हाउस का यह भी कहना है कि डेयरी कंपनियां दूसरी छमाही में अपने प्रॉडक्ट्स के दाम बढ़ा भी सकती हैं। जहां तक डेयरी कंपनियों की फाइनेंशियल पोजिशन की बात है तो अगले साल इनकी आमदनी में 12 पर्सेंट और मुनाफे में 28 पर्सेंट सालाना की बढ़ोतरी हो सकती है।

हैरिटेज है टॉप बाय, हैटसन और पराग के लिए होल्ड रेटिंग

ICICI सिक्योरिटीज शेयरों में निवेश करने वालों को डेयरी कंपनियों में हैरिटेज का चुनाव करने की सलाह दे रही है। यह ब्रोकरेज हाउस का टॉप पिक है, जिसको उसने बाय रेटिंग दी है जबकि हैटसन को वह होल्ड करने की सलाह दे रही है, क्योंकि इसके दाम में बढ़ोतरी की संभावना सीमित है। पिछले साल बेहतर फाइनेंशियल रिजल्ट्स के चलते इसके शेयरों का दाम 40 पर्सेंट उछल गया था।

हेरिटेज को 400 रुपये के टारगेट के साथ खरीदने की सलाह

ब्रोकरेज फर्म ने पराग की होल्ड रेटिंग बनाए रखी है क्योंकि ब्रोकरेज हाउस के हिसाब से कंपनी दूध की कम लागत का फायदा ज्यादा समय तक नहीं उठा पाएगी। पराग को 35 पर्सेंट आमदनी दूसरी कंपनियों को अपने प्रॉडक्ट्स बेचने से हासिल होती है। हेरिटेज को ब्रोकरेज हाउस ने 400 रुपये के टारगेट के साथ खरीदने की सलाह दी है जबकि हैटसन के लिए 820 रुपये और पराग के लिए 112 रुपये के टारगेट के साथ होल्ड रेटिंग दी है।

2021 में भी हाई लेवल पर ​​​​​​​रह सकता है प्रॉफिट मार्जिन

ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि कैलेंडर ईयर 2020 में दूध की लागत में कमी आने के चलते डेयरी कंपनियों का मार्जिन ऑल टाइम हाई पर है और यह स्थिति नए साल में भी बनी रह सकती है। ICICI सिक्योरिटीज का कहना है कि फूड सर्विसेज और होटल इंडस्ट्रीज और संस्थागत खरीदारों से हासिल सेल्स रेवेन्यू में गिरावट आई है लेकिन कंज्यूमर्स सेगमेंट की सेल्स पर कोई असर नहीं हुआ।

डेयरी ​​​​​​​कंपनियों को मिला दूध की कम लागत का फायदा

ICICI सिक्योरिटीज के मुताबिक, इस साल डेयरी कंपनियों के दूध की लागत में गिरावट दो वजहों से आई। पहली, फूड सर्विसेज और होटल इंडस्ट्रीज की तरफ से दूध की कम मांग निकली और दूसरी, मॉनसून सीजन सामान्य रहने और चारे की बेहतर उपलब्धता के चलते दूध का उत्पादन ज्यादा रहा। दूध के दाम पर ग्लोबल मार्केट में स्किम्ड मिल्क की कीमत में 10 पर्सेंट की गिरावट का भी असर पड़ा।

खबरें और भी हैं...