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इस हफ्ते शेयर बाजार:कोरोना के बढ़ रहे नए मामलों ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता; लॉकडाउन बढ़ने का असर बैंकिंग सेक्टर पर होगा, अब आगे इन इवेंट्स पर रहेगी नजर

मुंबई6 महीने पहले
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कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों से शेयर बाजार का सेंटिमेंट खराब हो रहा है। इससे बीते हफ्ते बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिली। सेंसेक्स 438 अंकों की गिरावट के साथ 49,591 पर और निफ्टी 32 पॉइंट नीचे 14,834 पर बंद हुए। हालांकि RBI द्वारा ब्याज दरों को लगातार पांचवीं बार जस का तस रखा, जिससे बाजार में रिकवरी आई थी। लेकिन लॉकडाउन से बैंकिंग शेयरों में दबाव बना और ओवरऑल मार्केट में गिरावट रही। बैंक निफ्टी इंडेक्स 1400 पॉइंट गिरा। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप सेक्टर्स ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होते रुपए से IT और फार्मा सेक्टर में जोरदार खरीदारी रही। हफ्तेभर में दोनों इंडेक्स 4-6% की बढ़त दर्ज की गई। इस दौरान टेक महिंद्रा का शेयर 6% बढ़ा। इसके अलावा रिकॉर्ड उत्पादन और बढ़ती कीमतों की वजह से मेटल कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही। मार्केट एनालिस्ट के मुताबिक आगे भी इन्हीं सेक्टर्स से अच्छे रिटर्न की उम्मीद है।

ओवरऑल मार्केट के लिहाज से मध्यम अवधि के लिए बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना है। इसकी दो मुख्य वजह है, मार्च तिमाही के नतीजे और कोरोना महामारी के नए केस। ऐसे में चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी तो कुछ में गिरावट देखने को मिल सकती है। इसमें IT और बैंकिंग शेयर फोकस में हो सकते हैं।

निवेशकों के लिए इस हफ्ते पांच बड़े इवेंट काफी अहम होंगे...

2020-21 की चौथी तिमाही के नतीजे: सोमवार को IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS के तिमाही नतीजे आएंगे। इसके साथ ही चौथी तिमाही के नतीजे आने शुरु हो जाएंगे। इस हफ्ते इंफोसिस, विप्रो, HDFC बैंक, माइंडट्री, हैथवे भवानी, HDIL, लॉयड मेटल सहित करीब 21 कंपनियां तिमाही नतीजे पेश करेंगी।

कोरोना के नए मामले और लॉकडाउन की स्थिति: देश में शनिवार को एक लाख 52 हजार 565 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। महामारी की शुरुआत के बाद से पहली बार एक दिन में इतने ज्यादा संक्रमितों की पहचान हुई है। पिछले 24 घंटे में 90,328 लोग ठीक भी हुए और 838 लोगों की मौत हुई। रिकवरी रेट भी गिरकर 90% के करीब आ गया है, जो शुक्रवार को 93.3% था। वहीं, देश में अब तक 10 करोड़ लोगों का वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए देश के प्रमुख राज्यों में लॉकडाउन लगाया जा रहा है। महाराष्ट्र, यूपी, दिल्ली, मध्य प्रदेश, गुजरात सहित केरल राज्यों में नाइट कर्फ्यू और संपूर्ण लॉकडाउन हैं।

लॉकडाउन का बैंकिंग सेक्टर पर असर: प्रमुख राज्यों में जगह-जगह लॉकडाउन और बढ़ती सख्ती से बैंकिंग सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्योंकि इससे बैंक के क्वालिटी असेट पर असर पड़ रहा है। मतलब कर्ज वसूली सहित अन्य बैंकिंग कारोबार पूरी तरह प्रभावित होंगे। इसी का ही नतीजा रहा कि बीते हफ्ते बैंक इंडेक्स 4% से ज्यादा टूटा। यह बढ़ती सख्ती से साथ और भी गिर सकता है। इससे ओवरऑल मार्केट का सेंटिमेंट पर असर पड़ेगा।

घरेलू अर्थव्यवस्था के आंकड़े आएंगे: इसी हफ्ते सोमवार को इकोनॉमी के आंकड़े भी आएंगे। इसमें फरवरी माह के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मार्च के रिटेल महंगाई के डेटा जारी होंगे, जबकि बुधवार को सरकार थोक महंगाई के आंकड़े जारी करेगी। जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर में गिरावट के चलते इंडस्ट्रियल प्रोडक्श गिरकर 1.6% रहा था। वहीं, खाने-पीने के सामानों की कीमतें बढ़ने से रिटेल महंगाई फरवरी में बढ़कर 5.03% रही, जो जनवरी 4.06% थी। इसी तरह गुरुवार को ट्रेड डेटा और शुक्रवार को फॉरेन रिजर्व एक्सचेंज डेटा को सार्वजनिक किया जाएगा।

रुपए की चाल पर रहेगी नजर: कोरोना के बढ़ते नए मामलों, वैक्सीन पर खर्च और RBI द्वारा बॉन्ड खरीदने की योजना से डॉलर के मुकाबले रुपया 161 पैसे कमजोर हुआ है। अब एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 74.43 रुपए हो गई है। रुपया इस स्तर पर 4 नवबंर 2019 को आया था। मार्केट एनालिस्ट के मुताबिक अगले कुछ दिनों में रुपए में एक फिर मजबूती देखने को मिल सकती है। क्योंकि जल्द ही अमेरिकी फेड रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक होने वाली है।

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