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56 कंपनियों ने जुटाए 1.23 लाख करोड़:7 कंपनियां जुटाएंगी 19 हजार करोड़, सॉवरेन गोल्ड और भारत बॉन्ड ETF में भी निवेश का मौका

मुंबई2 महीने पहलेलेखक: अजीत सिंह
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दिसंबर महीने में निवेशकों को भरपूर मौके निवेश के लिए मिलेंगे। 7 कंपनियां IPO लेकर आएंगी। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की स्कीम खुली रहेगी। साथ ही भारत बॉन्ड ETF भी 3 दिसंबर से खुलेगा।

पहले बात करते हैं IPO बाजार की

निवेश के इन तीन अवसरों में सबसे पहले बात करते हैं IPO बाजार की। अगले महीने सात कंपनियां बाजार में उतरेंगी। इसमें से स्टार हेल्थ का इश्यू दो दिसंबर तक खुला रहेगा। निवेशक 870 से 900 रुपए के भाव पर पैसा लगा सकते हैं। कम से कम 16 शेयर्स के लिए आवेदन करना होगा। कंपनी 7,249 करोड़ रुपए जुटाएगी। दूसरा इश्यू तेगा इंडस्ट्रीज का है। यह 1 दिसंबर से खुलेगा और 3 को बंद होगा। यह 600 करोड़ रुपए जुटाएगी। इश्यू का भाव 443 से 453 रुपए है। कम से कम 33 शेयर्स के लिए अप्लाई करना होगा।

आनंद राठी वेल्थ का IPO 2 दिसंबर से

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी वेल्थ का IPO 2 से 6 दिसंबर के बीच खुलेगा। इसका भाव 530 से 550 रुपए है। इसमें कम से कम 27 शेयर्स के लिए आवेदन करना होगा। कंपनी 700 करोड़ जुटाएगी। किसी भी शेयर में कम से कम 15 हजार रुपए के लिए आवेदन करने होते हैं। यह शेयर्स के लॉट पर निर्भर होता है।इसके साथ ही अडाणी विल्मर का इश्यू 15 दिसंबर से पहले खुलेगा। कंपनी 4,500 करोड जुटाएगी। गो एयरलाइंस 3,600 करोड़ रुपए के लिए अगले महीने बाजार में उतरेगी। रेट गेन ट्रैवल 1,200 करोड़ और मैप इंडिया 1,500 करोड़ रुपए जुटाएगी।

यह सभी कंपनियां क्रिसमस से पहले ही बाजार में उतरने वाली हैं। मैप इंडिया का इश्यू अगले हफ्ते खुलेगा। इस साल जनवरी से अब तक कुल 56 कंपनियां बाजार में उतरी हैं। इन्होंने 1.23 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं।

दिसंबर तक 1.45 लाख करोड़ जुटाने की योजना

दिसंबर के जो आंकड़े अभी तक दिख रहे हैं, उसके मुताबिक इस साल जनवरी से दिसंबर तक कंपनियां इश्यू के जरिए 1.45 लाख करोड़ रुपए जुटा सकती हैं। यह साल 2017 में अब तक सबसे ज्यादा जुटाई जाने वाली रकम 75 हजार करोड़ रुपए की तुलना में करीबन 100% ज्यादा है।

2015 में 21 कंपनियों ने जुटाया रकम

साल दर साल की बात करें तो 2015 में कुल 21 कंपनियों ने बाजार से 13,513 करोड़ रुपए जुटाए। 2016 में 26 कंपनियों ने 26,501 करोड़ और 2018 में 24 कंपनियों ने 31,731 करोड़ रुपए की रकम जुटाई थी। 2019 में 16 कंपनियों ने 12,687 और पिछले साल 15 कंपनियों ने 26,628 करोड़ रुपए की रकम जुटाई।

लेटेंट व्यू टॉप पर

सब्सक्रिप्शन के मामले में इसी महीने लिस्ट हुआ लेटेंट व्यू टॉप पर रहा। इसका इश्यू 326 गुना भरा था। इसने पारस डिफेंस का 304 गुना का रिकॉर्ड तोड़ा था। इस साल प्रदर्शन के मामले में टॉप IPO में पारस डिफेंस सबसे आगे है। इसने लिस्टिंग के बाद से 3.20 गुना का फायदा दिया है। 175 रुपए पर इसका IPO आया था। अभी यह 708 रुपए पर है। न्यूरेका का IPO फरवरी में 400 रुपए के भाव पर आया था और 666 पर लिस्ट हुआ था। अब इसका दाम 1,489 रुपए है। यानी 2.69 गुना का रिटर्न इसने दिया है।

लक्ष्मी ऑर्गेनिक का 130 रुपए का शेयर 164 रुपए पर लिस्ट हुआ था। यह 434 रुपए पर कारोबार कर रहा है। यानी 2.05 गुना का फायदा इसने दिया है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में 3 दिसंबर तक निवेश का मौका

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2021-22 के तहत 3 दिसंबर तक सोने में निवेश का मौका मिलेगा। इस बार सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए 4,791 रुपए प्रति ग्राम का भाव तय किया है। ऑनलाइन अप्लाई करने और डिजिटल पेमेंट करने पर प्रति ग्राम 50 रुपए का डिस्काउंट मिलेगा। यानी, आपको 10 ग्राम सोने के लिए 47,410 रुपए देने होंगे।

हर साल 2.50% का निश्चित ब्याज

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50% का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में आपके खाते में पहुंच जाता है। हालांकि, इस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। बैंक की शाखाओं, पोस्ट ऑफिस, स्टॉक एक्सचेंज और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) के जरिए इसमें निवेश किया जा सकता है। निवेश करने के लिए पैन होना अनिवार्य है। यह बॉन्ड सभी बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के माध्यम से बेचे जाएंगे।

भारत बॉन्ड में 3 दिसंबर से निवेश का अवसर

भारत बॉन्ड का तीसरा चरण 3 दिसंबर को लॉन्च किया जाएगा। भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) एक डेट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है। इसके जरिए निवेशक सरकारी कंपनियों के बांड्स में निवेश कर सकते हैं। इसका प्रबंधन एडलवाइस म्यूचुअल फंड करता है। इस ETF का यह तीसरा चरण होगा जो अप्रैल 2032 में मैच्योर होगा। भारत बॉन्ड ETF का पहला चरण 2020 में लॉन्च किया गया था।

कम ब्याज दरों से हो सकता है घाटा

ऐसे प्रोडक्ट में अगर कोई निवेशक आज के कम ब्याज दर के माहौल में लंबे समय के लिए निवेश करता है और बाद में ब्याज दरें बढ़ती हैं तो उसे घाटा हो सकता है। जबकि इस समय पूरी दुनिया में ब्याज दरें अगले कुछ समय में बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है और अगले साल से ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। ऐसे में आप अगर इस तरह के कम ब्याज दर के माहौल में डेट फंड में निवेश करते हैं तो यह आपके लिए एक गलत फैसला साबित हो सकता है।

अगले साल से बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

कई सारे ब्रोकरेज हाउस और रेटिंग एजेंसियों का मानना है कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अब ब्याज दरों को ऊपर ले जाना चाहते हैं। ऐसे में यह उम्मीद है कि रिजर्व बैंक भी अगली मॉनिटरी पॉलिसी में अपनी दरों को बढ़ाने का फैसला कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो बैंक डिपॉजिट और कंपनियों के डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। ऐसे में आपको जनवरी या फिर मार्च तक इंतजार करना चाहिए, ताकि आपको निवेश पर ज्यादा ब्याज दर का लाभ मिल सके।

पिछले एक साल में देखें तो भारत बॉन्ड ETF में 1 लाख का निवेश 1.04 लाख रुपए हुआ है। यानी एक साल में आपको 4% का फायदा हुआ है। जबकि इसी अवधि में अगर आप छोटे बैंकों या कंपनियों की FD में निवेश किए होते तो आपको 7-9% का रिटर्न मिलता।