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दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका:संविधान को चुनौती देते हैं CGST एक्ट के कई प्रावधान, याचिका पर केंद्र-DGGI से मांगा जवाब

नई दिल्ली4 महीने पहले
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ट्रांसलाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अरुण गुप्ता ने CGST एक्ट के सेक्शन 69 और सेक्शन 132 पर सवाल उठाया गया है। - Dainik Bhaskar
ट्रांसलाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अरुण गुप्ता ने CGST एक्ट के सेक्शन 69 और सेक्शन 132 पर सवाल उठाया गया है।
  • फेक इनवॉयस जारी करने के आरोपी ने दाखिल की याचिका
  • कोर्ट ने याचिका दाखिल करने वाले की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

केंद्रीय गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स (CGST) एक्ट के कई प्रावधानों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह प्रावधान गैरसंवैधानिक, गैरकानूनी, लागू न करने लायक और संवैधानिक अधिकारों में हस्तक्षेप करते हैं। जस्टिस मनमोहन और संजीव नरूला की बेंच ने केंद्र सरकार और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ GST इंटेलीजेंस (DGGI) से जवाब मांगा है।

सेक्शन 69 और 132 पर उठाए सवाल

यह याचिका ट्रांसलाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अरुण गुप्ता ने दाखिल की है। इसमें CGST एक्ट के सेक्शन 69 और सेक्शन 132 पर सवाल उठाया गया है। सेक्शन 69 किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की शक्ति देता है। वहीं, सेक्शन 132 किसी अपराध व्यक्ति को सजा देने से संबंधित है। अरुण गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट से संबंधित अधिकारियों को किसी भी अपराध की जांच के लिए CrPC के अनुसार करने का आदेश देने की गुहार लगाई है।

अरुण गुप्ता पर फेक इनवॉयस जारी करने का आरोप

DGGI ने अरुण गुप्ता पर वस्तुओं की आपूर्ति किए बिना फेक इनवॉयस जारी करने का आरोप लगाया है। साथ ही गुप्ता पर CGST एक्ट के तहत कथित तौर पर 13 करोड़ रुपए के अपराध करने का आरोप है। गुप्ता ने मांग की है कि ट्रांसलाइन टेक्नोलॉजी की लंबित जांच के संबंध में अथॉरिटी उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई ना करें।

DGGI के अधिकारियों पर थप्पड़ मारने का आरोप

सुनवाई के दौरान अरुण गुप्ता के एडवोकेट विजय अग्रवाल ने कोर्ट को एक वीडियो दिखाया। अग्रवाल ने दावा किया कि DGGI के अधिकारियों ने याचिकाकर्ता यानी अरुण गुप्ता के कर्मचारियों को थप्पड़ मारा और गलत व्यवहार किया। इसके अलावा कोर्ट में एक कॉल रिकॉर्डिंग की ऑडियो भी पेश की गई। कोर्ट ने अधिकारियों को अगली तारीख तक गुप्ता को गिरफ्तार ना करने और घर-गोदाम की सील खोलने का आदेश दिया है। अब अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।

गुप्ता को DGGI के सामने पेश होने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता अरुण गुप्ता को 11 दिसंबर को DGGI के डिप्टी डायरेक्टर के सामने पेश होकर अपना बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है। साथ ही अधिकारी के अनुसार जांच में सहयोग करने को कहा है।

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