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होगी ई-वोटिंग:DHFL का नया मालिक 15 जनवरी तक चुन लेंगे कंपनी के लेंडर्स

मुंबई6 महीने पहले
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  • बैंकरों ने दो दिन से चल रहा बैठकों का दौर शुक्रवार को खत्म होने के बाद मतदान कराने का फैसला किया है
  • कंपनी के नए मालिक के चुनाव को लेकर तीन हफ्ते चलने वाली मतदान प्रक्रिया इसी वीकेंड शुरू हो सकती है

दिवालिया होम लोन कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी DHFL पर जिन बैंकों का बकाया है, वे 14-15 जनवरी को उसके लिए नया मालिक चुनने वाले हैं। कंपनी के बैंकरों ने दो दिन से चल रहा बैठकों का दौर शुक्रवार को खत्म होने के बाद इस प्रस्ताव पर मतदान कराने का फैसला किया है। मामले के जानकार सूत्रों ने बताया कि कंपनी के नए मालिक के चुनाव को लेकर तीन हफ्ते चलने वाली मतदान प्रक्रिया इसी वीकेंड शुरू हो सकती है।

एक दो दिन में फॉर्मल तौर पर शुरू हो जाएगा प्रोसेस

कंपनी का नया मालिक चुनने की प्रक्रिया में शामिल एक बैंकर ने कहा, ‘हमने बोलियों से जुड़े हर पहलू पर चर्चा की, उनका विश्लेषण किया और अब उन पर मतदान कराया जा रहा है।‘ उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से अप्वाइंटेड एडमिनिस्ट्रेटर के फॉर्मल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम बना देने के बाद यह प्रोसेस फॉर्मली शुरू हो जाएगा।

लेंडर्स, डिपॉजिटर्स, बॉन्डहोल्डर के पास हैं पाँच प्रपोजल

कंपनी के लेंडर्स, डिपॉजिटर्स और बॉन्डहोल्डर के सामने वोटिंग के लिए पाँच प्रपोजल मौजूद हैं। ओकट्री कैपिटल और पिरामल और अदाणी ग्रुप ने पूरी कंपनी खरीदने की बोली लगाई है। पिरामल ने अलग से कंपनी का रिटेल लोन पोर्टफोलियो खरीदने का ऑफर दिया है। हांगकांग के एस सी लोई और अदाणी ने उसके होलसेल और स्लम रिहैबिलिटेशन लोन पोर्टफोलियो में दिलचस्पी दिखाई है।

बैंक सहित कंपनी के सभी बॉन्डहोल्डर्स के 46 पर्सेंट वोट शेयर हैं

बैंक सहित कंपनी के सभी बॉन्डहोल्डर्स के 46 पर्सेंट और डिपॉजिटर्स के 7 पर्सेंट वोट शेयर हैं। बताया जाता है कि DHFL के बॉन्ड में जिन फॉरेन इनवेस्टर्स का पैसा लगा हुआ है, उनमें डोएचे बैंक, हांगकांग के अर्कान कैपिटल और सिंगापुर की SSG कैपिटल शामिल हैं। कंपनी के लेंडर्स के पास लगभग 47 पर्सेंट वोट शेयर है।

बैंकरों ने खारिज कर दिया पुराने प्रमोटर वाधवन का ऑफर

इस बीच DHFL के बैंकरों ने उसके पुराने प्रमोटर कपिल वाधवन के बकाया लोन चुकाने के ऑफर को बैंकरों ने फर्जी करार देकर खारिज कर दिया। RBI के एडमिनिस्ट्रेटर का कहना है कि वह 90 पर्सेंट लेंडर्स के राज़ी होने पर ही ऐसे प्रपोजल पर विचार करेगा। इसके अलावा लेंडर्स को RBI से कंपनी के खिलाफ बैंकरप्सी की कार्रवाई वापस लेने के लिए कहना होगा।

ओकट्री के ऑफर की नेट प्रेजेंट वैल्यू 36,410 करोड़ रुपये होगी

पिरामल ग्रुप और ओकट्री कैपिटल ने गुरुवार को संकेत दिया था कि उनके ऑफर में लेंडर्स को पहले के अनुमान से ज्यादा पैसा मिलेगा। अमेरिकी फर्म ओकट्री ने रिजॉल्यूशन प्लान की मंजूरी से लेकर उसके प्रभावी होने की तारीख तक संभावित तौर पर जमा होनेवाली 1700 करोड़ रुपये की इंटरेस्ट इनकम का भी भुगतान करने का वादा किया है। इससे ओकट्री के ऑफर की नेट प्रेजेंट वैल्यू 36,410 करोड़ रुपये होगी जबकि पिरामल ग्रुप ने लगभग 35,000 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है। पिरामल ग्रुप ने लेंडर्स से कहा है कि DHFL की इंश्योरेंस कंपनी की कीमत पिछले अनुमान से ज्यादा होगी।

फेयर वैल्यू 41,000 करोड़, लिक्विडेशन वैल्यू 26,500 करोड़

RBSA एडवाइजर्स ने शुक्रवार को लोन पोर्टफोलियो के अलग वैल्यूएशन पर प्रेजेंटेशन दिया था। कंपनी की फेयर वैल्यू लगभग 41,000 करोड़ रुपये जबकि लिक्विडेशन वैल्यू लगभग 26,500 करोड़ रुपये लगाई जा रही है।