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नहीं आ रहे अच्छे दिन:आने वाले दिनों में डीजल भी हो सकता है 100 रुपए के पार, ईरान के ऊपर से प्रतिबंध हटे बिना आम आदमी को राहत मिलना मुश्किल

नई दिल्ली9 दिन पहले
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पेट्रोल के बाद अब डीजल के दाम भी 100 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच गए हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में डीजल 99 रुपए 24 पैसे पर पहुंच गया है। अगर ऐसा ही रहा तो जल्द ही डीजल भी 100 रुपए पार निकल सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार अगर ईरान पर लगा प्रतिबंध नहीं हटता है तो आने वाले दिनों में कच्चा तेल 75 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल सकता है, जो अभी 71 डॉलर के करीब है।

बढ़ रही कच्चे तेल की मांग
यूरोपीय देशों में भी जीवन सामान्य हो रहा है। इससे पेट्रोलियम पदार्थों की मांग बढ़ रही है। कल कच्चे तेल की कीमतें खूब चढ़ीं और यह दो साल के उच्चतम स्तर पर आ गया। ऐसे में कच्चा तेल महंगा होने लगा है।

ईरान पर लगे प्रतिबंध हटने से सस्ता हो सकता है कच्चा तेल
IIFL सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनुज गुप्ता कहते हैं कि भारत अपनी जरूरतों का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। साल 2019 से पहले भारत, ईरान का दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक था। ईरान के कच्चे तेल से कई फायदे हैं। इसमें ट्रैवेल रूट छोटा है और इससे माल ढुलाई सस्‍ती पड़ती है। इतना ही नहीं ये रुपयों में भारत को कच्चा तेल देता है जबकि बाकि देश डॉलर में कच्चे तेल का व्यापर करते हैं। ऐसे में डॉलर के महंगे होने से भारत को कच्चे तेल के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं।

अनुज गुप्ता कहते हैं कि अगले हफ्ते ईरान पर लगे प्रतिबंधों को लेकर मीटिंग है। ऐसे में अगर ईरान पर लगे प्रतिबंध हटते हैं तो कच्चा तेल 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है। अगर अमेरिका, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देता है तो भारत उससे फिर से तेल का आयात शुरू कर सकता है। साल 2019 से ईरान से तेल आयात बंद है।

अगर ईरान पर से प्रतिबंध नहीं हटता है तो क्या होगा?
पेट्रोल या डीजल की कीमतें मुख्य रूप से 4 कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें कच्चे तेल की कीमत, रुपए के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की कीमत, टैक्स और इनकी मांग का स्तर। अनुज गुप्ता कहते हैं कि अगर ईरान से प्रतिबंध नहीं हटता है तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की मांग बढ़ने से ये 75 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।

इसके अलावा अमेरिका में वैक्सीनेशन पूरा होने से यहां की अर्थव्यवस्था में स्थिरता आने लगी है इससे रुपए के मुकाबले डॉलर भी मजबूत होने लगा है। आने वाले 1-2 महीने में डॉलर 75 रुपए तक पहुंच सकता है जो अभी 73 रुपए के करीब है। इससे आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं।

आने वाले दिनों में 3 रुपए तक महंगे हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल
अनुज गुप्ता कहते हैं कि अगर कच्चा तेल 75 डॉलर और डॉलर 75 रुपए तक पहुंचता है तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल 2 से 3 रुपए तक जा सकते हैं। ऐसे में ईरान पर लगे प्रतिबंध के हटने से ही आम आदमी को राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल पेट्रोल-डीजल के GST के दायरे में आने की उम्मीद नहीं
केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने देश में पेट्रोल, डीजल के दाम में हो रही बढ़ोतरी के लिये वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी को जिम्मेदार बताया। केन्द्रीय ने माना कि हाल के दिनों में पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल को माल एवं सेवाकर (GST) के दायरे में लाने के बारे में कोई भी निर्णय GST काउंसिल को लेना है। माना जा रहा है कि पेट्रोल, डीजल को GST के दायरे में लाने से इनके दाम में कमी आ सकती है।

GST के दायरे में लाने पर कितने कम हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
अगर पेट्रोल-डीजल आधे दाम में मिलने लगे तो आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। ये संभव हो सकता है, अगर पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाया जाए। हालांकि सरकार ऐसा करने के मूड में नहीं है। ऐसा होता है तो इससे सरकार की टैक्स से होने वाली कमाई घट जाएगी। अगर इस समय पेट्रोल-डीजल पर GST लागू होती तो पेट्रोल 81 और डीजल 74 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा होता।

पेट्रोल-डीजल पर सरकार वसूल रही भरी टैक्स
हमारे देश में पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं है लेकिन सरकार के टैक्स लगाने के बाद ये बहुत महंगा हो जाता है। हमारे देश में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस तो अभी 33 रुपए के करीब ही है। लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इस पर टैक्स लगाकर इसे 100 रुपए पर पहुंचा देती हैं।

इस पर केंद्र सरकार 33 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है। इसके बाद राज्य सरकारें इस पर अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिसके बाद इनका दाम बेस प्राइज से 3 गुना तक बढ़ गया है। भारत में पेट्रोल पर 54 और डीजल पर 44 रुपए से भी ज्यादा टैक्स वसूला जाता है।