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1 जून से महंगा होगा घरेलू हवाई सफर:सरकार ने न्यूनतम किराया 13-16% बढ़ाया, 3 घंटे के सफर पर 1100 रुपए ज्यादा खर्च करने होंगे

नई दिल्ली6 महीने पहले
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कोरोना शुरू होने के बाद शेड्यूल्ड डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मार्च 2020 से रोक दिया गया था। 25 मई से इसे कुछ शर्तों और प्री-कोविड लेवल के मुकाबले एक-तिहाई क्षमता के साथ धीरे-धीरे खोलना शुरू किया गया।- सिम्बॉलिक इमेज - Dainik Bhaskar
कोरोना शुरू होने के बाद शेड्यूल्ड डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मार्च 2020 से रोक दिया गया था। 25 मई से इसे कुछ शर्तों और प्री-कोविड लेवल के मुकाबले एक-तिहाई क्षमता के साथ धीरे-धीरे खोलना शुरू किया गया।- सिम्बॉलिक इमेज
  • घरेलू हवाई सफर के अधिकतम किराए में कोई बदलाव नहीं
  • इससे पहले फरवरी में 10-30% बढ़ाया गया था प्राइस बैंड

केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई यात्रा करने वालों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने न्यूनतम हवाई किराए यानी किराए के निचले स्तर में 13% से 16% तक की बढ़ोतरी की है। हालांकि, अधिकतम किराया यानी किराए के उपरी स्तर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। नया किराया 1 जून 2021 से लागू होगा।

एयरलाइंस को मिलेगी राहत
कोरोना की पहली लहर के कारण देश में हवाई यात्रा पर रोक लगानी पड़ी थी। इसके बाद सरकार ने मई में हवाई सफर को मंजूरी दी थी। हालांकि, सरकार ने पूरी क्षमता के साथ उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी थी। साथ ही सरकार ने किराए की न्यूनतम और अधिकतम दरों पर लिमिट लगा दी थी। इससे एयरलाइंस पर बोझ पड़ रहा था। कोरोना की दूसरी लहर के साथ हवाई सफर करने वालों की संख्या में भी गिरावट आई है। इससे एयरलाइन कंपनियों पर बोझ और बढ़ गया है। ऐसे में न्यूनतम किराया बढ़ने से एयरलाइंस को मदद मिल सकती है। इसके अलावा डीजीसीए ने कहा है कि 1 जून से फ्लाइट कंपनियां कोविड के पहले जितनी फ्लाइट उड़ाती थीं, उसका 50% ही उड़ा पाएंगी। अभी यह सीमा 80% थी। इसका मतलब यह है कि फ्लाइट की संख्या कम करके किराया बढ़ाया जा रहा है।

40 मिनट की यात्रा पर 300 रुपए ज्यादा खर्च होंगे
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अब 40 मिनट तक के सफर के लिए कम से कम 2600 रुपए खर्च करने होंगे। अभी तक 40 मिनट के सफर के लिए न्यूनतम किराया 2300 रुपए था। अब यात्रियों को 40 मिनट तक के सफर में 300 रुपए ज्यादा खर्च करने होंगे। इसी प्रकार से अवधि के अनुसार न्यूनतम किराए की दरों में बढ़ोतरी की गई है। सबसे लंबी दूरी 180 से 210 मिनट तक के सफर के लिए न्यूनतम किराए में 1100 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। 180 मिनट से ज्यादा के सफर के लिए यात्रियों को अब कम से कम 7600 के बजाए 8700 रुपए खर्च करने होंगे।

बढ़ोतरी के बाद नया प्राइस बैंड

  • कैटेगिरी-1: 40 मिनट तक की यात्रा के लिए प्राइस बैंड 2600-7800 रुपए है।
  • कैटेगिरी-2: 40-60 मिनट तक की यात्रा के लिए प्राइस बैंड 3300-9800 रुपए है।
  • कैटेगिरी-3: 60 से 90 मिनट तक की यात्रा के लिए प्राइस बैंड 4000-11700 रुपए है।
  • कैटेगिरी-4: 90-120 मिनट तक की यात्रा के लिए प्राइस बैंड 4700 से 13000 रुपए तक है।
  • कैटेगिरी-5: 120-150 मिनट तक की यात्रा के लिए प्राइस बैंड 6100 से 16900 रुपए है।
  • कैटेगिरी-6: 150 से 180 मिनट तक की यात्रा के लिए प्राइस बैंड 7400 से 20400 रुपए है।
  • कैटेगिरी-7: 180 से 210 मिनट तक की यात्रा के लिए प्राइस बैंड 8700 से 24200 रुपए है।

फरवरी में 10-30% बढ़ाया गया था प्राइस बैंड
इससे पहले सरकार ने फरवरी में हवाई किराए के प्राइस बैंड में 10-30% की बढ़ोतरी की थी। इस बार सरकार ने न्यूनतम प्राइस बैंड में बढ़ोतरी की है। अधिकतम प्राइस बैंड में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह प्राइस इकोनॉमी क्लास के लिए है और इसमें यूजर डेवलपमेंट फीस, पैसेंजर सिक्योरिटी फीस और जीएसटी शामिल नहीं है। वर्तमान में हवाई किराया सात कैटेगिरी में बंटा हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 30 जून तक प्रतिबंध रहेगा
देश-विदेश में कोरोना की स्थिति को देखते हुए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध को जारी रखने का फैसला किया है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अब 30 जून 2021 तक प्रतिबंध जारी रहेगा। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सभी अंतरराष्ट्रीय कार्गो उड़ानों और DGCA की ओर से अनुमति प्राप्त उड़ानों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। यानी कार्गो और अन्य अनुमति प्राप्त उड़ानें पहले की तरह जारी रहेंगी।

लॉकडाउन के बाद डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मई से खुला
कोरोना शुरू होने के बाद शेड्यूल्ड डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मार्च 2020 से रोक दिया गया था। 25 मई से इसे कुछ शर्तों और प्री-कोविड लेवल के मुकाबले एक-तिहाई क्षमता के साथ धीरे-धीरे खोलना शुरू किया गया। हवाई किराए पर न्यूनतम और अधिकतम सीमा लगाई गई थी, ताकि विमानन कंपनियां बहुत ज्यादा किराया न लें और सिर्फ जरूरी कार्यों के लिए ही हवाई यात्रा हो।