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GST प्रणाली:ई-इनवॉयसिंग ने पकड़ी रफ्तार, अक्टूबर के मुकाबले नवंबर में 17% की ग्रोथ रही

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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500 करोड़ या इससे ज्यादा कारोबार करने वाली इकाइयों के लिए 1 अक्टूबर से ई-इनवॉयसिंग को अनिवार्य किया गया था - Dainik Bhaskar
500 करोड़ या इससे ज्यादा कारोबार करने वाली इकाइयों के लिए 1 अक्टूबर से ई-इनवॉयसिंग को अनिवार्य किया गया था
  • नवंबर में 56 मिलियन इनवॉयस रेफरेंस नंबर जेनरेट हुए
  • 1 जनवरी 2021 से लागू होगा ई-इनवॉयसिंग का दूसरे फेस

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) प्रणाली के तहत ई-इनवॉयसिंग व्यवस्था ने रफ्तार पकड़ ली है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद दूसरे महीने यानी नवंबर 2020 में ई-इनवॉयसिंग में 17% की ग्रोथ रही है। 500 करोड़ या इससे ज्यादा कारोबार करने वाली इकाइयों के लिए 1 अक्टूबर से ई-इनवॉयसिंग को अनिवार्य किया गया था।

नवंबर में 56 मिलियन इनवॉयस रेफरेंस नंबर जेनरेट हुए

देश में आर्थिक गतिविधियों में लगातार सुधार हो रहा है। सरकारी डाटा के मुताबिक, नवंबर में 56 मिलियन इनवॉयस रेफरेंस नंबर (IRN) जेनरेट हुए हैं, जबकि पिछले महीने यानी अक्टूबर में 48 मिलियन IRN जेनरेट हुए थे। 100 करोड़ या इससे ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारों के लिए ई-इनवॉयसिंग व्यवस्था 1 जनवरी 2021 से अनिवार्य होगी, जबकि शेष कारोबारियों के लिए यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2021 से लागू होगी। बिजनेस-टू-बिजनेस ट्रांजेक्शन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-इनवॉयसिंग व्यवस्था लागू की गई है।

6 नवंबर को सबसे ज्यादा IRN जेनरेट हुए

डाटा के मुताबिक, 1 अक्टूबर को ई-इनवॉयसिंग व्यवस्था लागू होने के बाद 6 नवंबर को सबसे ज्यादा IRN जेनरेट हुए। इस दिन 3.26 मिलियन IRN जेनरेट हुए थे। माना जा रहा है कि दिवाली सीजन के कारण IRN जेनरेट का यह रिकॉर्ड बना है। इसके अलावा रोजाना IRN जेनरेट होने के औसत में भी सुधार हुआ है। नवंबर में रोजाना IRN जेनरेशन 2.5 से 2.7 मिलियन रहा। अक्टूबर में यह 1.5 मिलियन प्रतिदिन था।

1 जनवरी से अगले फेस के लिए तैयार

एक अधिकारी का कहना है कि ई-इनवॉयसिंग सिस्टम में अब कोई शिकायत नहीं है। इसका कारण यह है कि बड़ी बिजनेस फर्म्स के पास अच्छा टेक सिस्टम है। हम 1 जनवरी से अगला फेस लागू करने के लिए तैयार हैं। इस फेस के लागू होने के बाद सेल्स रिपोर्टिंग में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा मिसमैच और एरर को दूर करने, ऑटोमेटिंग डाटा एंट्री वर्क, अनुपालन में सुधार में मदद मिलेगी। स्मॉल एंड मीडियम फर्म्स के लिए लागू होने के बाद टैक्स चोरी में भी मदद मिलेगी।

500 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वालों को 20 हजार GSTIN आवंटित

अधिकारी के मुताबिक, अभी तक 500 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वालों को करीब 20 हजार GST आइडेंटिफिकेशन नंबर (GSTIN) आवंटित कर दिया गया है। 1 जनवरी 2021 तक 90 हजार और GSTIN आवंटित होने की उम्मीद है। आवंटित हो चुके GSTIN के साथ 15 नवंबर से ई-इनवॉयसिंग व्यवस्था की टेस्टिंग चल रही है।