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नौकरी वालों के लिए अच्छी खबर:अगले साल मिलेगा औसतन 8% तक का इनक्रीमेंट, डिमांड से कम टैलेंट की सप्लाई का फायदा मिलेगा

नई दिल्ली2 महीने पहले
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अगर आप नौकरी करते हैं, तो अगला फाइनेंशियल ईयर आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है। दिग्गज रिक्रूटमेंट कंपनियों के मुताबिक, आपकी सैलरी में नॉर्मल से ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। उनका कहना है कि कंपनियां अगले साल लॉकडाउन से उबर चुकी होंगी। इसके अलावा, जॉब मार्केट में टैलेंट की सप्लाई डिमांड से कम रह सकती है।

सैलरी में औसतन लगभग 8% की बढ़ोतरी मुमकिन

दिग्गज रिक्रूटमेंट फर्म्स माइकल पेज और एऑन पीएलसी के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष कंपनियां सैलरी में औसतन लगभग 8% की बढ़ोतरी कर सकती हैं। लेकिन यह तभी मुमकिन हो पाएगा, अगर सरकारी एजेंसियां कोविड संक्रमण की तीसरी लहर को उठने से रोक पाएंगी। रिक्रूटमेंट फर्म्स ने पहले इस साल 6 से 8% सैलरी हाइक होने का अनुमान दिया था।

एशियाई देशों में सबसे ज्यादा सैलरी इनक्रीमेंट इंडिया में

आमतौर पर एशियाई देशों में सबसे ज्यादा सैलरी इनक्रीमेंट इंडिया में होता है। ऐसा कम-से-कम अगले दो साल तक होते रहने की संभावना है। लेकिन, पिछले दशक में दस पर्सेंट और ज्यादा की महंगाई दर में कमी आने के साथ ही हाल के वर्षों में सैलरी हाइक का पर्सेंटेज भी घट रहा है।

कोविड के दौरान फिर बढ़ी खुदरा महंगाई की दर

वैसे खुदरा महंगाई कोविड के दौरान फिर से बढ़ी है, लेकिन इसकी वजह सामान और सेवाओं की मांग में बढ़ोतरी नहीं बल्कि कुछ समय के लिए उनकी सप्लाई में आई कमी है। सैलरी हाइक के अनुमान खास तौर पर ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के हिसाब से निकाले गए हैं, जिनका टोटल वर्कफोर्स में 20% से भी कम हिस्सा है।

सैलरी हाइक की वजह, टैलेंट की सप्लाई-डिमांड में असंतुलन

ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में टैलेंट की डिमांड के हिसाब से क्वॉलिफाइड कैंडिडेट उपलब्ध नहीं होने के चलते भी सैलरी में इजाफा हो सकता है। यह बात रिक्रूटमेंट फर्म एऑन के चीफ कमर्शियल ऑफिसर-ह्यूमन कैपिटल सॉल्यूशन, इंडिया और साउथ एशिया रूपांक चौधरी ने कही है।

सैलरी हाइक में नहीं है महंगाई या GDP ग्रोथ का सीधा हाथ

चौधरी के मुताबिक, 'यह जरूरी नहीं है कि इंडिया में ज्यादा सैलरी हाइक की वजह महंगाई या जीडीपी ग्रोथ हो। उनमें कोई सीधा संबंध नहीं है। यहां वेतन में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह टैलेंट की डिमांड और सप्लाई में कमी रही है।'

ई-कॉमर्स, फार्मा और IT फर्मों में ज्यादा सैलरी हाइक

अब यह सवाल उठता है कि किस सेक्टरों की कंपनियों में औसत से ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। ई-कॉमर्स, फार्मा, IT और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर की कंपनियां अगले वित्त वर्ष ज्यादा सैलरी हाइक दे सकती हैं। रिटेल, एयरोस्पेस, होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनियों में वेतन बढ़ोतरी औसत से कम रह सकती है।

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