दिवालिया प्रक्रिया / एस्सार स्टील के प्रमोटर्स ने दूसरी बार आर्सेलर की बोली खारिज करने की अपील की

Dainik Bhaskar

May 07, 2019, 06:50 PM IST


आर्सेलरमित्तल के चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल। आर्सेलरमित्तल के चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल।
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आर्सेलरमित्तल के चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल।आर्सेलरमित्तल के चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल।

  • दिवालिया कोर्ट में याचिका लगाकर कहा- आर्सेलरमित्तल के प्रमोटर लक्ष्मी मित्तल ने भाइयों की कंपनियों से संबंध होने की बात छिपाई
  • इसलिए आर्सेलर दिवालिया प्रक्रिया में हिस्सा लेने के अयोग्य हो गई है
  • पिछले साल अक्टूबर में भी प्रमोटर्स ने कर्जदाताओं से आर्सेलर की बोली नामंजूर करने की अपील की थी
  • एस्सार स्टील को खरीदने के लिए आर्सेलर की 42000 करोड़ रु. की बोली मंजूर हो चुकी

नई दिल्ली. दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही एस्सार स्टील की प्रमोटर एस्सार स्टील एशिया होल्डिंग्स लिमिटेड (ईएसएएचएल) ने आर्सेलरमित्तल के 42,000 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को नामंजूर करने की अपील की है। ईएसएएचएल के पास एस्सार स्टील के 72% शेयर हैं। उसने मंगलवार को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) में याचिका लगाई। ईएसएएचएल का आरोप है कि आर्सेलर के प्रमोटर लक्ष्मी मित्तल ने अपने भाइयों की डिफॉल्टर कंपनियों से संबंध होने की बात छिपाई। इसलिए मित्तल की कंपनी दिवालिया प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य हो गई है।ट्रिब्यूनल ने याचिका स्वीकार कर आर्सेलर मित्तल से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 13 मई को होगी।

लक्ष्मी मित्तल ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया: एस्सार स्टील एशिया

  1. ईएसएएचएल का आरोप है कि मित्तल जीपीआई टेक्सटाइल्स, बालासोर अलॉयज और गोंटरमन पीपर्स में प्रमोटर थे। ये कंपनियां उनके भाई प्रमोद और विनोद मित्तल की हैं। इनके कर्ज को बैंक एनपीए घोषित कर चुके हैं।

  2. ईएसएएचएल ने याचिका में कहा है कि आर्सेलरमित्तल इंडिया लिमिटेड और इसके प्रमोटर लक्ष्मी मित्तल ने सुप्रीम कोर्ट, कर्जदाताओं और दिवालिया अदालत को गुमराह किया। ईएसएएचएल ने लक्ष्मी मित्तल की ओर से 17 अक्टूबर 2018 को दिए गए उस एफिडेविट को चुनौती दी है जिसमें कहा गया था कि उनका या उनकी कंपनी आर्सेलर का 20 साल से भाइयों और उनकी कंपनियों से कोई संबंध नहीं है।

  3. ईएसएएचएल ने विभिन्न दस्तावेज पेश कर बताया है कि 30 सितंबर 2018 तक लक्ष्मी मित्तल नवोदय कंसल्टेंट्स लिमिटेड के को-प्रमोटर थे जिसमें उनके भाई प्रमोद और विनोद भी प्रमोटर के तौर पर शामिल थे। इसे छिपाने के लिए लक्ष्मी मित्तल ने 1 अक्टूबर 2018 से 31 दिसंबर 2018 के बीच नवोदय के अपने शेयर बेच दिए और खुद को प्रमोटर के तौर पर दिखाना बंद कर दिया।

  4. एस्सार के प्रमोटर ने 54389 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया था

    कंपनी हाथ से जाती देख पिछले साल अक्टूबर में एस्सार स्टील के प्रमोटर रुइया परिवार ने इतनी राशि चुकाने का ऑफर दिया था। रुइया परिवार चाहता था कि कर्जदाता आर्सेलर की बोली खारिज कर एस्सार स्टील के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया से बाहर आ जाएं लेकिन कर्जदाताओं ने इसे नामंजूर कर दिया था।

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