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फेसबुक पर 520 करोड़ का जुर्माना:ब्रिटेन की रेगुलेटरी बॉडी ने कहा- कंपनी ने जानबूझकर आदेश नहीं माने, कानून से ऊपर कोई नहीं

लंदन3 महीने पहले

ब्रिटेन के कॉम्पिटिशन रेगुलेटर ने फेसबुक पर 50.5 मिलियन पाउंड (करीब 520 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया। फेसबुक पर यह जुर्माना जिफी के टेकओवर के मामले की जांच कर रहे यूके कॉम्पिटिशन एंड मार्केट्स अथॉरिटी (CMA) के आदेश का उल्लंघन करने पर लगाया गया है। हालांकि फेसबुक ने इस पर आपत्ति जताई।

CMA ने कहा- फेसबुक ने जानबूझकर आदेश का पालन नहीं किया। ये जुर्माना चेतावनी के रूप में लगाया गया है। कोई भी कंपनी कानून से ऊपर नहीं है। CMA ने जांच में पाया था कि GIF और मीम शेयरिंग सर्विस के सबसे बड़े प्रोवाइडर जिफी और फेसबुक का मर्जर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच कॉम्पिटिशन को निगेटिव रूप से प्रभावित करेगा।

चेतावनी के बावजूद फेसबुक ने नहीं दिए अपडेट
CMA ने जून 2020 में इस मामले में इनिशियल एनफोर्समेंट ऑर्डर (IEO) जारी किया था। इसके तहत, फेसबुक को CMA को नियमित अपडेट प्रदान करना था, लेकिन फेसबुक ने CMA की बार-बार चेतावनी के बावजूद पूरे अपडेट नहीं दिए। इसके बाद CMA ने इस बड़े उल्लंघन के लिए फेसबुक पर 520 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोक दिया।

IEO जारी करना स्टैंडर्ड प्रैक्टिस
CMA के अनुसार पूर्ण अधिग्रहण (Completed Acquisition) की जांच की शुरुआत में इनिशियल एनफोर्समेंट ऑर्डर (IEO) जारी करना स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है। यह तय करता है कि कंपनियां मर्जर के बिना एक-दूसरे के साथ कॉम्पिटिशन जारी रखें।

फेसबुक ने CMA के फैसले पर असहमति जताई
फेसबुक प्रवक्ता ने इस मामले पर कहा, “हम CMA के फैसले से पूरी तरह असहमत हैं। हम CMA के फैसले की समीक्षा करेंगे और विकल्पों पर विचार करेंगे।' फेसबुक और जिफी की डील 400 मिलियन डॉलर में हुई थी।

फेसबुक पर अलग से 5 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना
CMA ने फेसबुक पर अलग से 500,000 पाउंड (5 करोड़ रुपए से ज्यादा) का जुर्माना भी लगाया है। ये जुर्माना CMA की सहमति लिए बिना दो अलग-अलग मौकों पर अपने अधिकारी को बदलने के लिए लगाया गया है।