फेसबुक विवाद / वाइस प्रेसीडेंट ने कहा- केवल इस आधार पर कंपनी को बांटना गलत, क्योंकि वो कामयाब है



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  • क्लेग के मुताबिक- कंपनी को बांटने से नहीं होगा समस्याओं का समाधान
  • फ्रांस के दौरे पर गए मार्क जुकरबर्ग ने भी अपने वाइस प्रेसीडेंट के बयान का समर्थन किया

Dainik Bhaskar

May 12, 2019, 10:42 AM IST

सैन फ्रांसिस्को. फेसबुक के ग्लोबल अफेयर्स और कम्युनिकेशन महकमे के वाइस प्रेसीडेंट निक क्लेग ने कहा है कि कंपनी को केवल इस आधार पर दंडित करना गलत है, क्योंकि वो कामयाब है। वह फेसबुक के सह संस्थापक क्रिस ह्यूज की उस मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि कंपनी बहुत बड़ी हो गई है और इसके संस्थापक मार्क जुकरबर्ग बेहद शक्तिशाली। लिहाजा इसे बांट देना चाहिए। क्लेग का कहना है कि कंपनी को इस आधार पर नहीं तोड़ सकते, क्योंकि वो ज्यादा बड़ी हो चुकी है। 
 

डेटा लीक और चुनावों में दखल पर फेसबुक को जिम्मेदार ठहराना उचितः क्लेग

  1. क्लेग ने कहा कि क्रिस ह्यूज की वह मांग ठीक है, जिसमें कहा गया है कि डेटा लीक और चुनावों में दखल को लेकर फेसबुक को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, लेकिन उनका यह भी कहना था कि कंपनी का बंटवारा करने से उन समस्याओं का समाधान नहीं होगा, जो फिलहाल सामने खड़ी हैं। इंस्टाग्राम और वाट्सऐप फेसबुक की सहयोगी कंपनियां हैं।  

  2. उधर, फ्रांस के दौरे पर गए कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने भी ह्यूज की मांग को गलत बताया। उनका कहना था कि इससे समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि फेसबुक की वजह से करोड़ों लोग एक दूसरे से जुड़ सके हैं। 
     

  3. ह्यूज का दावा- जुकरबर्ग जरूरत से ज्यादा ताकतवर हो गए हैं

    ह्यूज ने चेताया था कि कंपनी के हेड मार्क जुकरबर्ग जरूरत से ज्यादा ताकतवर हो गए हैं, इसलिए अब फेसबुक को बांटना जरूरी है। ह्यूज ने आरोप लगाया कि फेसबुक अपनी प्रतियोगी कंपनियों को या तो खरीद लेता है या फिर उनकी नकल कर लेता है, ताकि सोशल मीडिया के क्षेत्र में उसका वर्चस्व बना रहे। 
     

  4. जुकरबर्ग और क्रिस ह्यूज ने ही हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 2004 में दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर फेसबुक शुरू की थी। हालांकि, करीब 10 साल पहले ह्यूज ने खुद को कंपनी से अलग कर लिया था। फिलहाल वह अमेरिका में इकोनॉमिक सिक्योरिटी प्रोजेक्ट नाम के संगठन से जुड़े हैं। यह संगठन देश में यूनिवर्सल बेसिक इनकम लागू करने की मांग उठा रहा है। 
     

  5. फेसबुक को विभाजित करने का मसला अमेरिका में इस समय सबसे ज्यादा सरगर्म है। राजनीतिज्ञ भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। ड्रेमोक्रेट सांसद एलिजाबेथ वारेन ने यहां तक कहा है कि अगर 2020 चुनाव जीतकर वह राष्ट्रपति बनती हैं तो कंपनी को विभाजित कर देंगी। 

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