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बीमा कंपनी का विनिवेश:IPO से पहले सरकार ने LIC के वैल्यूएशन के लिए निविदा मंगाई, 8 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन

नई दिल्ली7 महीने पहले
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सरकार ने डेलॉय और SBI कैपिटल को LIC के प्री-IPO ट्रांजेक्शन के लिए एडवाइजर नियुक्त किया गया है। - Dainik Bhaskar
सरकार ने डेलॉय और SBI कैपिटल को LIC के प्री-IPO ट्रांजेक्शन के लिए एडवाइजर नियुक्त किया गया है।
  • IPO के जरिए LIC की करीब 10% हिस्सेदारी बेचना चाहती है सरकार
  • चालू वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य

केंद्र सरकार लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) में से हिस्सेदारी बिक्री की योजना बना रही है। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने सोमवार को LIC की वैल्यूएशन के लिए एक्चुरियल फर्मों से निविदा मंगाई। सरकार LIC की शेयर बाजार में लिस्टिंग के जरिए हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। इसके लिए डेलॉय और SBI कैपिटल को प्री-IPO ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त किया गया है।

IPO से पहले जरूरी होती है वैल्यूएशन

निविदा नोटिस में डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने कहा है कि प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से पहले LIC के इंडियन एम्बेडेड वैल्यू (IEV) रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क का खुलासा करने की आवश्यकता है। इंश्योरेंस कंपनी में शेयरहोल्डर्स की कंसॉलीडेटेड वैल्यू का अनुमान लगाने के लिए एम्बेडेड वैल्यू एक कॉमन वैल्यूएशन उपाय है। सरकार IPO के जरिए LIC की करीब 10% हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

योग्य फर्मों से मांगी निविदा

DIPAM की ओर से जारी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल में नामी और योग्य एक्चुरियल फर्मों से LIC का IEV डेवलप करने के लिए निविदा मंगाई गई है। यह IEV जरूरी एक्ट और रेगुलेशंस, इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुरीज ऑफ इंडिया और LIC एक्ट 1956 के तहत जारी एक्चुरियल स्टैंडर्ड एंड गाइडेंस नोट्स के अनुरूप होनी चाहिए। IEV डेवलप करने की इच्छुक फर्म 8 दिसंबर तक निविदा जमा कर सकती हैं।

हिस्सेदारी बिक्री से 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाना चाहती है सरकार

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में हिस्सेदारी बिक्री से 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया है। इसमें 1.20 लाख करोड़ रुपए CPSE के विनिवेश के जरिए और 90 हजार करोड़ रुपए वित्तीय संस्थानों की हिस्सेदारी बिक्री के जरिए जुटाए जाएंगे। सरकार विनिवेश के जरिए चालू वित्त वर्ष में अब तक 6,138 करोड़ रुपए जुटा पाई है।

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