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फायदे की बात:कम रिस्क के साथ चाहिए FD से ज्यादा रिटर्न तो मल्टी कैप फंड्स में कर सकते हैं निवेश, बीते 1 साल में मिला 90% से ज्यादा रिटर्न

नई दिल्ली3 महीने पहले
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इन दिनों अगर आप कहीं ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहां से आपको फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD से ज्यादा ब्याज मिले तो आप म्यूचुअल फंड की मल्टी कैप स्कीम्स में पैसा लगा सकते हैं। इसने बीते 1 साल में निवेशकों को 92% तक का रिटर्न दिया है। आप भी इसमें निवेश करके फायदा कमा सकते हैं। हम आपको आज इसके बारे में बता रहे हैं।

सबसे पहले समझें मल्टी कैप फंड क्या हैं?
मल्टी-कैप फंड के तहत लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप में निवेश किया जाताहै। उपरोक्त तीनों कैटेगरी के अपने-अपने अवसर और जोखिम होते हैं, जिनको मल्टी कैप अपने हिसाब से समावेश करता है। सेबी के नियमों के मुताबिक बाजार पूंजीकरण के लिहाज से शीर्ष 100 कंपनियां लार्ज कैप होती हैं जबकि उसके बाद मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियां होती हैं।

इसमें 75% पैसा इक्विटी में होता है निवेश
सेबी के नए नियमों के अनुसार मल्टी-कैप फंड में लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों में 25-25% हिस्सा रखना होगा। फंड मैनेजर को न्यूनतम 75% इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड में निवेश रखना होगा।
मान लीजिए फंड मैनेजर के पास निवेशकों का कुल 100 रुपए हैं। यहां फंड मैनेजर को न्यूनतम 75 रुपए इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड में निवेश करना होगा। जिसमें 25-25 रुपए लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों में लगाना होगा। बाकि बचे हुए 25 रुपए फंड मैनेजर अपने हिसाब से निवेश कर सकते है।

इनमें रहता है कम जोखिम
यदि आप इक्विटी फंड्स में इन्वेस्ट करना चाहते हैं लेकिन ज्यादा-रिस्की एक्सपोजर लेना नहीं चाहते, तो आप टॉप-रेटेड मल्टी-कैप फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन की दृष्टि से ये फंड्स अच्छी तरह डाइवर्सिफाइड भी होते हैं। ये फंड्स, मार्केट के स्थिर रहने पर, स्मॉल और मिड कैप फंड्स की तुलना में कम रिटर्न दे सकते हैं लेकिन अस्थिर मार्केट कंडीशन में ये फंड्स कम रिस्की होते हैं। इसलिए, यदि आप एक ऐसा फंड चाहते हैं जिसमें काम रिस्क हो तो आप मल्टी कैप फंड्स आपके लिए सही इन्वेस्टमेंट चॉइस हो सकता है।

कितना देना होता है टैक्स?
12 महीने से कम समय में निवेश भुनाने पर इक्विटी फंड्स से कमाई पर शार्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स लगता है। यह मौजूदा नियमों के हिसाब से कमाई पर 15% तक लगाया जाता है। अगर आपका निवेश 12 महीनों से ज्यादा के लिए है तो इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) माना जाएगा और इस पर 10% ब्याज देना होगा।

SIP के जरिए निवेश करना रहेगा सही
रूंगटा सिक्‍योरिटीज के CFP और पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट हर्षवर्धन रूंगटा कहते हैं कि म्यूचुअल फंड में एक साथ पैसा लगाने की बजाए सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP द्वारा निवेश करना चाहिए। SIP के जरिए आप हर महीने एक निश्चित अमाउंट इसमें लगाते हैं। इससे रिस्क और कम हो जाता है क्योंकि इस पर बाजार के उतार चढ़ाव का ज्यादा असर नहीं पड़ता।

बीते सालों में इन मल्टी कैप फंड्स ने दिया शानदार रिटर्न

फंड का नामबीते 1 साल का रिटर्न (%)बीते 3 साल में औसत सालाना रिटर्न (% में)बीते 3 साल में औसत सालाना रिटर्न (% में)
क्वांट एक्टिव फंड92.435.826.1

महिंद्रा मैनुलाइफ मल्टी कैप फंड

78.931.721.2
इनवेस्को इंडिया मल्टी कैप फंड69.024.618.3
बड़ौदा मल्टी कैप फंड68.826.417.7
प्रिसिपल मल्टी कैप ग्रोथ फंड64.922.518.5
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