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बढ़ सकता है फ्लाइट का किराया, ‘यात्री सुविधा शुल्क’ में हो सकती है बढ़ोतरी

एक वर्ष पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो

यूटिलिटी डेस्क. कोरोनावायरस के कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने विदेशियों के भारत आने पर 15 अप्रैल तक की पाबंदी लगा दी है। वायरस के डर के कारण यात्रा करने वालों की संख्या में भारी कमी आई है। इससे एविएशन और पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। वहीं, प्राइवेट एयरपोर्ट संचालकों को हवाई अड्डे पर उतरने वाले यात्रियों की मेडिकल जांच की व्यवस्था करनी पड़ी है। इसमें होने वाले खर्च की भरपाई के लिए इन एयरपोर्ट संचालकों ने हवाई  टिकट पर ‘यात्री सुविधा शुल्क’ लगाने की मांग की है। प्राइवेट एयरपोर्ट संचालकों के संगठन एपीएओ ने सरकार को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि वायरस के डर से कई एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द की हैं। आने वाले समय में भी वे ऑपरेटिंग कास्ट घटाने के लिए अपनी उड़ानों को रद्द कर सकती हैं या अन्य बाजारों में अपने विमानों को लगा सकती हैं। इसके चलते एयरपोर्ट संचालकों के पास नकदी का तात्कालिक संकट पैदा हो गया है।

आईजीआई पर यात्रियों की संख्या 36% तक घटी
दुनिया में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस के खौफ के चलते इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर यात्रियों की संख्या में 36% की गिरावट आ गई है। आम दिनों में यहां रोजाना 25 हजार से अधिक यात्री पहुंचते थे। अब इनकी संख्या घटकर 16 हजार रह गई है। अमेरिका ने ब्रिटेन को छोड़कर यूरोप से यात्रियों की आवाजाही पर 30 दिन के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

टिकट कैंसिलेशन चार्ज माफ करें एयरलाइन
डीजीसीए ने कोरोनावायरस के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस से टिकट कैंसिलेशन और यात्रा तारीख में बदलाव पर लगने वाले शुल्क को माफ करने को कहा है। साथ ही अन्य कोई प्रोत्साहन देने पर विचार करने को कहा है। नियामक ने गुरुवार को सर्कुलर जारी किया है। इसे भारत के लिए या यहां से उड़ान भरने वाली सभी अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को भेजा गया है।

विदेश से भारत में एंट्री पर लगे प्रतिबंध से पर्यटन और विमानन क्षेत्र को 8,500 करोड़ के नुकसान का अंदेशा
विदेश से लोगों के भारत में आने पाबंदी के फैसले से पर्यटन और विमानन क्षेत्र को 8,500 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अंदेशा है। केंद्र सरकार ने 15 अप्रैल तक सभी देशों के पर्यटक वीसा निलंबित कर दिए हैं। सरकार ने सभी प्रकार के सामान्य वीसा पर एक माह के लिए रोक लगा दी है।

वीसा पर रोक के फैसले की समीक्षा करे सरकार
ट्रैवल कंपनियों के संगठन आईएटीओ और एसोचैम के मुताबिक पर्यटन और एयरलाइंस गैर-जरूरी वर्कफोर्स में कटौती को मजबूर हो गई हैं। संगठन ने वीसा पर रोक के फैसले की समीक्षा का आग्रह किया है। साथ ही कुछ प्रमुख शहरों पर पर्याप्त जांच के बाद विदेशी पर्यटकों को अनुमति देने का अनुरोध किया है।

एअर इंडिया ने सात देशों के लिए अप्रैल तक उड़ानें रोकीं
एअर इंडिया ने इटली, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इजराइल, दक्षिण कोरिया और श्रीलंका के लिए अपनी उड़ानों को 30 अप्रैल तक बंद रखने का फैसला किया है। इससे पहले एयरलाइन ने गुरुवार को कुवैत की उड़ानें भी 30 अप्रैल तक के लिए रोक दी थीं।

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