पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Business
  • Foreign Exchange Reserves Reach 600 Billion Dollars, To Support The Domestic Stock Market To Reach New Highs

बाजार में लबालब नकदी:600 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार, देगा घरेलू शेयर बाजार को मजबूती

15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • जनवरी से अब तक निफ्टी 11.5% मजबूत, FII का इस महीने 3,049 करोड़ का शुद्ध निवेश
  • निफ्टी में FY2023 के अनुमानित EPS के 17.9 गुना के महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड हो रहा है
  • कंपनियों के प्रॉफिट में बढ़ोतरी इस हिसाब से नहीं रही, तो बाजार देगा नेगेटिव रिएक्शन

देश का विदेशी मुद्रा भंडार संभवत: 600 अरब डॉलर का लेवल पार कर गया है। यह घरेलू शेयर बाजारों के लिए फायदेमंद हो सकता है। जानकारों के मुताबिक, देश-विदेश के पूंजी बाजारों में भरपूर नकदी होने से घरेलू शेयर बाजार में तेजी जारी रह सकती है। उन्होंने बताया कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 105 अरब डॉलर की बढ़ोतरी इसी साल हुई है।

पिछले महीने NSE में रोजाना औसतन 79,000 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था

मई में देश के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE में रोजाना औसतन 79,000 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था। उससे एक साल पहले यानी 2020 में NSE में रोजाना का औसत कारोबार 65,000 करोड़ रुपए रहा था। 2019 में एक्सचेंज का डेली ट्रेडिंग एवरेज लगभग 36,000 करोड़ रुपए का था।

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए RBI के स्पेशल पैकेज से बाजार को मिली मजबूती

जानकारों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार में युवाओं का निवेश तेजी से बढ़ा है। घरेलू शेयर बाजार में बना मजबूती का दौर निकट भविष्य में खत्म नहीं होने जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक, RBI की तरफ से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को दिए गए 15,000 करोड़ रुपए के स्पेशल पैकेज से शुक्रवार को शेयर बाजार में मजबूती आई।

ट्रैवल और टूरिज्म, एविएशन कंपनियों, ब्यूटी पार्लर के लिए RBI का स्पेशल पैकेज

रिजर्व बैंक ने ट्रैवल और टूरिज्म कंपनियों, टूर ऑपरेटरों, होटलों, रेस्तराओं, एविएशन कंपनियों, स्पा क्लिनिक और ब्यूटी पार्लर के लिए स्पेशल पैकेज का ऐलान किया है। इसलिए इन सेक्टरों से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को उछाल आया। युनाइटेड ब्रुवरीज, ग्लोबस स्पिरिट्स, युनाइटेड स्पिरिट्स, IFB एग्रो इंडस्ट्रीज और रैडिको खैतान जैसे शेयरों में 8% तक की मजबूती आई।

अप्रैल में मंथली बेसिस पर 0.4% गिरा निफ्टी, मई में 6.5% उछलकर ऑल टाइम हाई पर बंद

मोतीलाल ओसवाल इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नए फाइनेंशियल ईयर के पहले महीने बाजार में कंसॉलिडेशन हुआ। अप्रैल में मंथली बेसिस पर 0.4% गिरा एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी मई में मासिक आधार पर 6.5% उछलकर 15,583 पॉइंट के ऑल टाइम हाई पर बंद हुआ।

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मई के अंतिम पखवाड़े में जमकर पैसा लगाया

जनवरी से अब तक निफ्टी 11.5% मजबूत हुआ है, जिसकी कई वजहें रही हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मई के अंतिम पखवाड़े में जमकर पैसा लगाया। कोविड संक्रमण के नए मामलों में लगातार गिरावट आना शुरू हुआ। इस दौरान दूसरे एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती आई।

12 महीनों में मिडकैप 94% उछला है जबकि निफ्टी में 63% की मजबूती आई है

ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने नेट बेसिस पर 70 करोड़ डॉलर (2,067 करोड़ रुपए) का निवेश किया है। इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII लगातार तीसरे महीने शुद्ध रूप से खरीदार रहे और उन्होंने 30 करोड़ डॉलर (2,067 करोड़ रुपए) का नेट इनवेस्टमेंट किया। पिछले 12 महीनों में मिडकैप 94% उछला है जबकि निफ्टी में 63% की मजबूती आई है।

निफ्टी में FY23 के अनुमानित EPS के 17.9 गुना के महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड हो रहा है

9 मई के बाद से कोविड के एक्टिव मामले 50% ज्यादा कम हो गए हैं। इस महीने राज्य सरकारें कोविड के चलते लगाई गई पाबंदियां धीरे-धीरे हटाना शुरू करेंगी। इन सबका बाजार पर सकारात्मक असर होगा, हालांकि निफ्टी में वित्त वर्ष 2023 के अनुमानित ईपीएस के 17.9 गुना के महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड हो रहा है। ऐसे में कंपनियों के प्रॉफिट में बढ़ोतरी इस हिसाब से नहीं रही, बाजार नेगेटिव रिएक्शन देगा।

खबरें और भी हैं...