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रिटर्न का आकर्षण:अमेरिका में कैपिटल गेंस टैक्स का नियम बदला तो भारतीय शेयर बाजारों में बढ़ेगा विदेशी निवेश

8 महीने पहले
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अमेरिका में शेयरों से होने वाले उस मुनाफे पर भी कैपिटल गेंस टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया गया है, जो निवेश में दिख तो रहा होगा लेकिन भुनाया नहीं गया होगा। वित्त मंत्री जेनेट येलेन के इस प्रस्ताव के लागू होने से FII यानी विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजारों में ज्यादा निवेश करने को बढ़ावा मिल सकता है।

जानकारों का कहना है कि अनरियलाइज्ड कैपिटल गेन पर टैक्स लगाए जाने पर बड़े अमेरिकी फंड्स के लिए अपने देश में पैसे लगाए रखना फायदेमंद नहीं रह जाएगा। इसको देखते हुए भारत जैसे विकासशील देशों के शेयर बाजारों में उनका निवेश बढ़ सकता है।

FII ने 2020 में 22.5 अरब डॉलर यानी 1.7 लाख करोड़ रुपये लगाए थे

इकोनॉमिक रिकवरी उम्मीद से ज्यादा तेज होने के चलते घरेलू शेयर बाजारों ने पिछले एक साल में जोरदार रिटर्न दिया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कैलेंडर ईयर 2020 में घरेलू शेयर बाजार में 22.5 अरब डॉलर यानी 1.7 लाख करोड़ रुपये लगाए थे। भारत पर उनका भरोसा बना हुआ है और वे इस कैलेंडर ईयर में अब तक यहां के शेयर बाजार में 43,770 करोड़ रुपये का नेट इनवेस्टमेंट कर चुके हैं।

फाइनेंशियल सहित और कई सेक्टर में लग सकता है अमेरिका से आने वाला निवेश

HDFC सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च हेड दीपक जासानी कहते हैं, ‘अमेरिका में कैपिटल गेंस टैक्स में प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर वहां से कुछ निवेश निकलकर भारत सहित दूसरे विकासशील देशों में आएगा। वहां से भारतीय बाजार में आने वाली रकम फाइनेंशियल सेक्टर सहित और कई सेक्टर में लग सकती है।’

घरेलू बाजार की संभावनाओं में सुधार, कैपिटल गेंस टैक्स का नया नियम फायदेमंद

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिटेल रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका कहते हैं, ‘घरेलू शेयर बाजार की संभावनाओं में काफी सुधार आया है। इसे अमेरिका में कैपिटल गेंस टैक्स का नया नियम बनने से फायदा होगा।’

मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर्स दे सकते हैं शेयरों में अमेरिकी फंड्स के निवेश को बढ़ावा

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर कहते हैं, ‘इसके (कैपिटल गेंस टैक्स) असर के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अभी उस पर ठोस काम नहीं हुआ है। लेकिन वह भारत के लिए सकारात्मक होगा।’

दरअसल, इंडियन इकोनॉमी में उम्मीद से तेज रिकवरी हुई है और मार्च क्वॉर्टर के नतीजे ठोस रहने का अनुमान है। इसके अलावा देश में टीकाकरण अभियान जोरों से चल रहा है। इन सबसे घरेलू बाजार में विदेशी निवेश तेज हो सकता है।

लॉकडाउन से आई तेज गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों ने सस्ते में खूब शेयर खरीदे थे

2020 में जब कोरोनावायरस पर काबू पाने के लिए जो लॉकडाउन लगाया गया था, तब उससे घरेलू शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों ने सस्ते दाम में खूब शेयर खरीदे थे। दुनियाभर में इकोनॉमी को बढ़ावा देने की सरकारी कवायदों के बीच ब्याज दरें घटकर लगभग शून्य के करीब होने से बाजार में पैसों की बाढ़ आ गई थी। इससे भी भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिला था।

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