संकट / विदेशी निवेशकों ने घरेलू पूंजी बाजार से खींचे 1255 करोड़ रुपये



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  • 2 और 3 मई को इक्विटी से 367 करोड़ और डेट मार्केट से निकाले 888 करोड़ 
  • जियोजित फाइनेंशियल सर्विस के विजय कुमार ने कहा- चुनाव की वजह से पैदा हुआ संकट

Dainik Bhaskar

May 05, 2019, 12:48 PM IST

नई दिल्ली. एक चौंकाने वाले घटनाक्रम के तहत विदेशी निवेशकों (फारेन पोर्टफोलिया इन्‍वेस्‍टर्स) ने घरेलू पूंजी बाजार से 1255 करोड़ रुपये खींच लिए। निवेशकों ने 2 और 3 मई के दौरान इक्विटी से 367 करोड़ और डेट मार्केट से 888 करोड़ निकाले। महाराष्ट्र दिवस की वजह से 1 मई को अवकाश था। जियोजित फाइनेंशियल सर्विस के चीफ इन्‍वेस्‍टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजय कुमार ने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऐसा किस वजह से हुआ, लेकिन इसके पीछे फिलहाल जो कारण दिखाई दे रहा है, उससे लगता है कि चुनाव की वजह से यह संकट पैदा हुआ है। 
 

फरवरी, मार्च और अप्रैल में जमकर हुआ था विदेशी निवेश

  1. सूत्रों का कहना है कि इससे पहले घरेलू पूंजी बाजार में फरवरी, मार्च और अप्रैल में जमकर विदेशी निवेश हुआ था। फरवरी में 11,182 करोड़, मार्च में 45,981 करोड़ और अप्रैल में 16,093 करोड़ रुपये का निवेश इक्विटी और डेट मार्केट में किया गया था।  

  2. एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक स्तर पर सेंट्रल बैंकों की उदारवादी नीतियों के चलते भारत में विदेशी पूंजी निवेश पर्याप्त रूप से हो रहा था। घरेलू पूंजी बाजार इसकी वजह से सशक्त बना हुआ था। 

  3. म्यूचुअल फंड्स रिसर्च एट फंड्स इंडिया की प्रमुख विद्या बाला का कहना है कि अप्रैल में जो पूंजी निवेश हुआ वह मार्च की तुलना में काफी कम था। उनका कहना है कि विदेशी निवेशकों ने बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस सेक्टर के साथ ऑयल और गैस से जुड़े कारोबार में काफी रुचि दिखाई थी।

  4. उनका कहना है कि मई में विदेशी निवेशकों के रवैये से निश्चित तौर पर घरेलू पूंजी बाजार को झटका लगा है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि चुनाव की वजह से विदेशी निवेशक भ्रम की स्थित में हैं। 

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