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सेबी को सैट का झटका:फ्रैंकलिन टेंपल्टन के डेट फंड की रोक पर स्टे लगा, 3 हफ्ते में 250 करोड़ जमा कराने का आदेश

मुंबई4 महीने पहले
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  • सेबी के इस मामले में सैट 30 अगस्त को सुनवाई करेगा
  • फ्रैंकलिन टेंपल्टन के निवेशकों को किस्तों में पैसा मिल रहा है

शेयर बाजार के रेगुलेटर सेबी के आदेश पर इसकी अपीलेट बॉडी सैट ने रोक लगा दी है। सेबी ने कुछ दिन पहले ही फ्रैंकलिन टेंपल्टन म्यूचुअल फंड को डेट फंड लांच करने पर दो साल की रोक लगाई थी। उसी मामले में सैट ने स्टे दिया है।

इसी महीने पास हुआ था ऑर्डर

सेबी ने इसी महीने में यह ऑर्डर पास किया था। सेबी ने कहा था कि फ्रैंकलिन टेंपल्टन अगले दो साल तक कोई भी डेट फंड लांच नहीं कर पाएगी। इसके खिलाफ फ्रैंकलिन ने सैट में अपील की थी। उसी मामले में आज सैट ने फैसला दिया है। हालांकि सैट ने कहा कि फ्रैंकलिन को अगले 3 हफ्तों में 250 करोड़ रुपए की रकम एक अलग खाते में जमा करानी होगी। इस मामले में सैट 30 अगस्त को सुनवाई करेगा।

5 करोड़ का जुर्माना भी लगा था

सेबी ने प्रोडक्ट लांच पर बैन के साथ ही 5 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसके साथ ही रूपा कुड़वा, विवेक कुड़वा और उनकी मां को 22 करोड़ रुपए वापस लौटाने का भी आदेश दिया था। सेबी ने कहा कि विवेक कुड़वा ने अपनी पत्नी को कंपनी से जुड़ी जानकारी दी और इसी आधार पर स्कीम के बंद होने से पहले पैसे निकाल लिए गए। इससे पहले सेबी ने फ्रैंकलिन टेंपल्टन म्यूचुअल फंड के 11 डायरेक्टर और कर्मचारियों पर 16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। इस रकम को 45 दिनों के अंदर भरना है। इसमें डायरेक्टर की पत्नी और रिलेटिव भी हैं।

4 अलग- अलग ऑर्डर जारी किया

सेबी ने कुल 4 ऑर्डर अलग-अलग जारी किए थे। कुल 9 लोगों पर 15 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। सेबी ने ऑर्डर में कहा कि निवेश का उद्देश्य अलग होने के बावजूद 6 स्कीम में एक ही जैसी निवेश की रणनीति अपनाई गई थी। एए और उससे नीचे के कॉर्पोरेट बांड में इन 6 स्कीम का निवेश ज्यादा था। यह भी पाया गया कि 70 पर्सेंट से ज्यादा निवेश डेट सिक्योरिटीज में किया गया था। सेबी ने पाया कि इसके लिए जो ब्याज की गणना की गई थी वह गलत तरीके से की गई थी।

6 डेट फंड को बंद कर दिया था

गौरतलब है कि फ्रैंकलिन इंडिया लोन ड्यूरेशन फंड, अल्ट्रा शॉर्ट फंड, शॉर्ट टर्म इनकम फंड, क्रेडिट रिस्क फंड, डायनॉमिक अक्रुअल फंड और इनकम अपोरच्युनिटीज फंड को 23 अप्रैल को बंद कर दिया था। सेबी ने आदेश में कहा था कि फ्रैंकलिन टेंपल्टन को 4 जून 2018 से 23 अप्रैल 2020 के बीच डेट स्कीम के यूनिट धारकों से ली गई इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट और एडवाइजरी फीस भी ब्याज के साथ लौटानी होगी। यह रकम करीबन 512 करोड़ रुपए होगी। यह रकम यूनिट धारकों को 21 दिनों के भीतर देनी होगी। सेबी का यह ऑर्डर उस संबंध में आया है, जिसमें फ्रैंकलिन टेंपल्टन ने अप्रैल 2020 में अपनी 6 डेट स्कीम को अचानक बंद कर दिया था।

26 हजार करोड़ रुपए निवेशकों का फंसा था

बंद की गई स्कीम्स का असेट अंडर मैनेजमेंट करीबन 26 हजार करोड़ रुपए था। असेट अंडर मैनेजमेंट मतलब निवेशकों का पैसा जितना उस स्कीम में है। सेबी ने आदेश में कहा कि यह पता चला है कि फ्रैंकलिन टेंपल्टन की डेट स्कीम में काफी सारी अनियमितताएं पाई गई हैं। इसमें ड्यू डिलिजेंस भी सही से नहीं किया गया। साथ ही रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क भी सही नहीं था।

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