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फ्रैंकलिन टेंपलटन के निवेशकों के लिए जरूरी खबर:बंद हुईं 6 डेट स्कीम के निवेशकों को इसी हफ्ते मिलेंगे करीब 3 हजार करोड़ रु, पहली किस्त में मिले थे 9122 करोड़ रुपए

मुंबई8 महीने पहले
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अगर आपने भी फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड की बंद स्कीम में निवेश किया था, तो अब आपको इसकी दूसरी मिलने वाली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक SBI म्यूचुअल फंड (MF) इस हफ्ते दूसरी किस्त के तहत 2,962 करोड़ रुपए वितरित करेगा। इसका फायदा फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड की बंद हो चुकी 6 स्कीम के यूनिटधारकों को होगा। पहली किस्त में SBI म्यूचुअल फंड ने फरवरी में निवेशकों को 9,122 करोड़ रुपए दिए थे।

इसी हफ्ते से पेमेंट किया जाएगा
फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि जिन निवशकों के खाते KYC अपडेटेड है, उन्हें सोमवार यानी 12 अप्रैल से शुरू हफ्ते के दौरान पेमेंट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूनिटधारकों को पेमेंट 9 अप्रैल को यूनिट के नेट असेट वैल्यू (NAV) के आधार पर आनुपाति रूप से किया जाएगा।

पेमेंट डिजिटल किया जाएगा
यह पेमेंट SBI MF द्वारा योग्य निवेशकों को डिजिटल तरीके से किया जाएगा। अगर किसी निवेशक का अकाउंट डिजिटल पेमेंट के लिए योग्य नहीं तो उसके रजिस्टर अड्रेस पर चेक या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए पेमेंट भेजा जाएगा। फ्रैंकलिन टेंपलटन MF ने डेट या बॉन्ड मार्केट में नकदी की किल्लत और रिडेम्शन प्रेशर के चलते 23 अप्रैल 2020 को 6 डेट म्यूचुअल फंड स्कीम को बंद कर दिया था। ये 6 स्कीम हैं...

  • फ्रैंकलिन इंडिया लो डुरेशन फंड
  • फ्रैंकलिन इंडिया डायनामिक एक्यूरल फंड
  • फ्रैंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड
  • फ्रैंकलिन इंडिया शॉर्ट टर्म इनकम प्लान
  • फ्रैंकलिन इंडिया अल्ट्रा शॉर्ट बॉन्ड फंड
  • फ्रैंकलिन इंडिया इनकम अपॉरच्यूनिटीज फंड

इन सभी स्कीम का असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 25 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा था। कंपनी ने 17 जनवरी को कहा था कि इन योजनाओं से अब तक मैच्‍योरिटी, प्री-पेमेंट और कूपन पेमेंट के तौर पर 15,272 करोड़ रुपए मिले हैं।

भारत से कारोबार समेटने की खबरें थी, जिसे कंपनी ने नकारा
पिछले दिन मीडिया में ये भी खबरें थी कि अमेरिकी कंपनी भारत से कारोबार समेटने वाली है। उसने मार्केट रेगुलेटर सेबी से उचित और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की है, ऐसा न होने की स्थिति में कंपनी ने भारतीय बाजार से बाहर निकलने की धमकी भी दी। हालांकि, बाद में कंपनी ने कारोबार समेटने की बात को नकार दिया।

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