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Q2 GDP:कोरोना संकट से यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा प्रभावित, सितंबर तिमाही में रेल यात्रा 98% और हवाई यात्रा 77.4% घटी

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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पहली तिमाही में रेलवे के पैसेंजर किलोमीटर्स में महज 2% गिरावट रही थी, जबकि एयरपोर्ट्स के पैसेंजर हैंडलिंग 1.3% बढ़ा था - Dainik Bhaskar
पहली तिमाही में रेलवे के पैसेंजर किलोमीटर्स में महज 2% गिरावट रही थी, जबकि एयरपोर्ट्स के पैसेंजर हैंडलिंग 1.3% बढ़ा था
  • एयरपोर्ट्स कार्गो हैंडलिंग Q2 में 23.1% गिरा, जबकि Q1 में यह सिर्फ 8.7% गिरा था
  • प्रमुख सीपोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग Q2 में 8.9% गिरा, Q1 में इसमें 1.6% का ग्रोथ हुआ था

इस कारोबारी साल की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कोरोनावायरस महामारी का सबसे ज्यादा असर यात्रियों की आवाजाही पर दिखा। सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी की गई दूसरी तिमाही के GDP आंकड़ों के मुताबिक रेलवे के पैसेंजर किलोमीटर में 98 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान एयरपोर्ट्स के पैसेंजर हैंडलिंग में 77.4 फीसदी गिरावट दर्ज की गई।

इन दोनों सेगमेंट की हालत पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2020) में दूसरी तिमाही के मुकाबले बेहतर थी। पहली तिमाही में रेलवे के पैसेंजर किलोमीटर्स में महज 2 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। एयरपोर्ट्स के पैसेंजर हैंडलिंग में जून तिमाही में 1.3 फीसदी का ग्रोथ दर्ज हुआ था।

माल ढुलाई भी जून के मुकाबले सितंबर तिमाही में ज्यादा गिरी,

कार्गो हैंडलिंग पर भी पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में ज्यादा कोरोना संकट का ज्यादा असर दिखा। एयरपोर्ट्स कार्गो हैंडलिंग दूसरी तिमाही में 23.1 फीसदी गिरा, जबकि पहली तिमाही में यह सिर्फ 8.7 फीसदी गिरा था। इसी तरह से प्रमुख सीपोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग सितंबर तिमाही में 8.9 फीसदी गिर गया, जबकि जून तिमाही में इसमें 1.6 फीसदी का ग्रोथ हुआ था।

सीमेंट व क्रूड ऑयल उत्पादन में भी ज्यादा गिरावट

सीमेंट उत्पादन दूसरी तिमाही में साल-दर-साल आधार पर 10.6 फीसदी गिरा, जबकि पहली तिमाही में इसमें 0.2 फीसदी का ग्रोथ हुआ था। क्रूड ऑयल का उत्पादन सितंबर तिमाही में 5.7 फीसदी गिरा, जबकि जून तिमाही में यह 5.1 फीसदी गिरा था। स्टील की खबर दूसरी तिमाही में 4 फीसदी गिर गई, जबकि पहली तिमाही में इसमें 3.5 फीसदी की तेजी थी। चावल का उत्पादन दूसरी तिमाही में 2.9 फीसदी गिरा, जबकि मछली उत्पादन इस दौरान 12.4 फीसदी बढ़ा। कोयला उत्पादन 5.5 फीसदी बढ़ा, जबकि पहली तिमाही में यह 10.3 फीसदी गिरा था।

निजी वाहनों की खरीदारी 2% बढ़ी, कमर्शियल वाहनों की बिक्री 20% घटी

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक दूसरी तिमाही में निजी वाहनों की खरीदारी 2.1 फीसदी बढ़ी, जबकि पहली तिमाही में यह 21.6 फीसदी गिर गई थी। कमर्शियल वाहनों की बिक्री सितंबर तिमाही में 20.1 फीसदी की गिरावट रही, जबकि पहली तिमाही में इसमें 35 फीसदी की गिरावट रही थी। टेलीफोन ग्राहकों की संख्या दूसरी तिमाही में 2.2 फीसदी घट गई।

बैंक डिपॉजिट 10.5 फीसदी बढ़ा

सितंबर तिमाही में बैंक डिपॉजिट्स 10.5 फीसदी बढ़ा। पहली तिमाही में भी इसमें 9.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। बैंकों के कुल कर्ज में दूसरी तिमाही में 5.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि पहली तिमाही में इसमें 8.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।

आयात 16.4% गिरा

दूसरी तिमाहीमें वस्तु एवं सेवाओं का आयात 16.4 फीसदी गिर गया, जबकि पहली तिमाही में भी यह 6.9 फीसदी घटा था। वस्तु एवं सेवाओं का निर्यात हालांकि दूसरी तिमाही में 0.5 फीसदी बढ़ा, जो पहली तिमाही में 0.2 फीसदी घटा था। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि पहली तिमाही में गैर-आवश्यक सेवाओं पर पाबंदी लगा दी गई थी। इन पाबंदियों को धीरे-धीरे हटा लिया गया है। लेकिन आर्थिक गतिविधियों पर अब भी पाबंदियों का असर दिख रहा है।

खुदरा महंगाई दर 6.9% रही

दूसरी तिमाही में खुदरा महंगाई दर 6.9 फीसदी रही, जो जून तिमाही में 3.5 फीसदी थी। थोक महंगाई के मामले में फूड आर्टिकल्स की महंगाई दूसरी तिमाही में 5.7 फीसदी, मिनरल्स की महंगाई 5 फीसदी, मैन्यूफैक्चर्ड प्रॉडक्ट्स की महंगाई 1.2 फीसदी रही। सभी वस्तुओं की थोक महंगाई दर 0.5 फीसदी रही।

औद्योगिक क्षेत्र में मेटालिक मिनरल्स का उत्पादन सबसे ज्यादा 20.1% गिरा

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के तहत मेटालिक्स मिनरल्स का उत्पादन सबसे ज्यादा 20.1 फीसदी गिरा। माइनिंग में इस दौरान 7.1 फीसदी और मैन्यूफैक्चरिंग में 6.8 फीसदी की गिरावट आई। बिजली उत्पादन हालांकि 0.1 फीसदी बढ़ा।

कृषि सेक्टर में 3.4% की तेजी

ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) के अनुमान के मुताबिक दूसरी तिमाही में एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्र्री व फिशिंग में 3.4 फीसदी की तेजी रही। इस दौरान माइनिंग एंड क्वारिंग में 9.1 फीसदी की गिरावट रही। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 8.6 फीसदी, ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशंस एंड ब्रॉडकास्टिंग सर्विस में 15.6 फीसदी, फाइनेंशियल, रियल एस्टेट एवं प्रोफेशनल सर्विसेज में 8.1 फीसदी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस एवं अन्य सर्विस में 12.2 फीसदी की गिरावट रही।