• Hindi News
  • Business
  • Gold Return Calculator; Gold Investment Over The Long Term? How To Invest, Options & Benefits

सोने में निवेश का सही समय:बीते 5 साल में सोने ने दिया 56% का रिटर्न, 50 साल में भाव 184 रुपए से 48 हजार रुपए पहुंचा

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

देश में सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है। 2021-22 जून तिमाही में सोने की मांग 2020-21 जून तिमाही के मुकाबले 19.2% बढ़ी है। अगर आप भी सोने में निवेश करना चाहते हैं तो ये सही समय हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना आपको बेहतर रिटर्न दिला सकता है।

लॉन्ग टर्म के लिए सोने में निवेश फायदेमंद रहता है। बीते 5 सालों की बात करें तो सोने ने 56% का रिटर्न दिया है यानी सालाना 11% से भी ज्यादा। अगस्त 2016 में सोना 31 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर था जो अब 48 हजार पर आ गया है।

बीते 50 सालों में सोने के दाम 261 गुना बढ़े
भारत में सोने का दाम 1970 की तुलना में अभी 261 गुना ज्यादा है। 1970 में सोना 184 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव से बिक रहा था जो अब 48 हजार पर है।

पिछले साल 56 हजार के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था सोना
अगस्त 2020 में सोने ने 56,200 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर छुआ था। वैक्सीन आने के बाद मार्च 2021 में ये 43 हजार पर आ गया था और अब सोना 48 हजार पर पहुंच गया है।

आने वाले 5 सालों में 1 लाख तक जा सकता है सोना
स्पेन के क्वाड्रिगा फंड का अनुमान है कि अगले 3 से 5 सालों में इसकी कीमत 3,000 से 5000 डॉलर प्रति आउंस यानी करीब 78,690 से 1,31,140 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।

हालांकि IIFL सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनुज गुप्ता कहते हैं कि अगले 5 सालों का अभी कुछ भी कह पाना सही नहीं है। हां, लेकिन अर्थव्‍यवस्‍था को सुधरने में अभी वक्त लगेगा। जब तक अर्थव्‍यवस्‍था नहीं सुधरती, सोना सबसे ज्यादा रिटर्न देता रहेगा। इसके चलते आने वाले 1 साल में सोना 60 हजार के पार जा सकता है।

अभी सोने में बहुत ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं
इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार होने लगा है। अगर आने वाले दिनों में कोरोना महामारी का प्रकोप नहीं बढ़ता है तो सोने में बहुत ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है।

निवेशक सोने में पैसा लगाकर कर रहे कमाई
भोपाल के सर्राफा एसोसिएशन के सचिव नवनीत अग्रवाल कहते हैं, अब सोना भी सट्टेबाजी जैसा मार्केट बनता जा रहा है। वायदा बाजार यानी MCX ने बड़े-बड़े पूंजीपतियों के लिए सोने में निवेश के लिए रास्ते खोल दिए हैं। वे सोना अपने पास रखने के लिए नहीं खरीदते। शेयर बाजार की तरह सोने में पैसा लगाते हैं, भाव बढ़ने पर बेच कर रिटर्न कमाते हैं।

भारत में हर साल 800 टन सोने की खपत
भारत में हर साल 700-800 टन सोने की खपत होती है, जिसमें से 1 टन का उत्पादन भारत में ही होता है और बाकी आयात किया जाता है। देश में सोने का इम्पोर्ट 2020 में 344.2 टन रहा जो पिछले साल के मुकाबले 47% कम रहा। 2019 में ये 646.8 टन था।

सोने में सीमित निवेश फायदेमंद
IIFL सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनुज गुप्ता कहते हैं कि आपको सोने में सीमित निवेश ही करना चाहिए। एक्सपर्ट के अनुसार कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 10 से 15% ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपके पोर्टफोलियो के रिटर्न को कम कर सकता है।