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यूएस / नडेला के अप्रवासियों पर समर्थन की वजह: गूगल समेत 4 नामी टेक कंपनियों के सीईओ विदेशी मूल के

Sundar Pichai Satya Nadella | Google CEO Sundar Pichai, Microsoft CEO Satya Nadella, Including 4 US Tech Immigrant Chief Executive Officer
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Sundar Pichai Satya Nadella | Google CEO Sundar Pichai, Microsoft CEO Satya Nadella, Including 4 US Tech Immigrant Chief Executive Officer

  • एपल समेत 5 नामी टेक कंपनियों के फाउंडर भी अप्रवासी या फिर उनके बच्चे हैं
  • गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन पूर्व सोवियत संघ से अमेरिका आए थे

दैनिक भास्कर

Jan 22, 2020, 07:31 PM IST

वॉशिंगटन. गूगल और माइक्रोसॉफ्ट समेत अमेरिका की 4 नामी टेक कंपनियों के सीईओ विदेशी मूल के हैं। इनमें गूगल के सीईओ- सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और एडोब के शांतनु नारायण भारतीय मूल के हैं। इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क दक्षिण अफ्रीका से अमेरिका आए थे। अप्रवासियों की बात इसलिए हो रही है, क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने मंगलवार को कहा कि जो देश अप्रवासियों का समर्थन नहीं करते वे ग्लोबल टेक इंडस्ट्री की ग्रोथ को जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया लेकिन, अप्रवासियों के मुद्दे पर नडेला का एक हफ्ते में यह दूसरा बयान है।

नडेला ने पिछले हफ्ते कहा था- कोई बांग्लादेशी इन्फोसिस का सीईओ बनेगा तो खुशी होगी

नडेला ने पिछले हफ्ते भारत में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से बने हालात पर अफसोस जताया था। उन्होंने कहा था कि कोई बांग्लादेशी भारत आकर बड़ी कंपनी बनाएगा या इन्फोसिस जैसी कंपनी का सीईओ बनेगा तो मुझे खुशी होगी। अपनी ही बात करूं तो अमेरिका में मेरे साथ भी यही हुआ। मैं उम्मीद करता हूं कि भारत में भी ऐसा ही हो। भारतीय मूल के नडेला 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बने थे।

एपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स के पिता सीरिया से अमेरिका आए थे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई बार अप्रवासियों को लेकर सख्त नीतियां अपना चुके हैं। लेकिन, अमेरिका की 5 नामी टेक कंपनियों के फाउंडर विदेशी या फिर उनके बच्चे ही हैं। इनमें गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन भी शामिल हैं। वे पूर्व सोवियत संघ से अमेरिका आए थे। एपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स के पिता सीरिया से अमेरिका आए थे।

सर्गेई ब्रिन: को-फाउंडर, गूगल पूर्व सोवियत संघ में जन्मे सर्गेई ब्रिन ने अमेरिका आकर लैरी पेज के साथ मिलकर गूगल की शुरुआत की थी। ब्रिन के परिजन यहूदियों के भेदभाव से बचने के लिए अमेरिका आए थे। ब्रिन 2017 में सैन फ्रांसिस्को में अप्रवासियों के प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे।
एलन मस्क: फाउंडर-सीईओ टेस्ला  दक्षिण अफ्रीका में पले-बढ़े, अमेरिका में आकर इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला और अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स शुरू की।
जेफ बेजोस: फाउंडर-सीईओ, अमेजन अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेजोस के पिता माइक बेजोस क्यूबा से अमेरिका आए थे, क्योंकि फिदेल कास्त्रो के शासन में वे सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। हालांकि, वे जेफ के जैविक पिता नहीं हैं लेकिन जेफ की कामयाबी में उनका अहम योगदान है। जेफ की मां जैकलिन ने पहले पति टेड जॉर्गनसन से 1965 में तलाक ले लिया था। जेफ के जैविक पिता जॉर्गनसन ही थे। गाइज ने 1968 में माइक बेजोस से शादी की थी। उस वक्त जेफ की उम्र 4 साल थी।
स्टीव जॉब्स: फाउंडर एपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स को कैलिफॉर्निया के एक परिवार ने गोद लिया था। जॉब्स के जैविक पिता अब्दुलफताह जांदाली सीरिया से अमेरिका आए थे।
जेरी यांग: फाउंडर,
याहू
याहू के फाउंडर जेरी यांग 12 साल की उम्र में ताइवान से अमेरिका आए थे। 1995 में डेविड फिलो के साथ मिलकर याहू की शुरुआत की थी।

अमेरिका: 55% बिलियन डॉलर स्टार्टअप के फाउंडर विदेशी मूल के
नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2018 तक अमेरिका में 1 अरब डॉलर (7000 करोड़ रुपए) के वैल्यूएशन वाली 91 कंपनियां थीं। इनमें से 50 यानी 55% के फाउंडर्स में से कोई एक विदेशी है। राइड शेयरिंग कंपनी उबर के फाउंडर गैरेट कैंप मूल रूप से कनाडा के हैं। जिन 91 कंपनियों की बात कर रहे हैं उनमें से 75 यानी 82% में सीईओ और वाइस प्रेसिडेंट जैसे अहम पद अमेरिका से बाहर के लोग संभाल रहे हैं।

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