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कॉर्पोरेट / गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ बने पिचाई ने गूगल का ऐड रेवेन्यू 3 साल में 85% बढ़ाया, कंपनी को विवादों से भी उबारा

Google CEO Sundar Pichai  | Sundar Pichai: Google Chief Executive Officer Sundar Pichai increased Google's annual ad revenue growth by 74 Per Cent
Google CEO Sundar Pichai  | Sundar Pichai: Google Chief Executive Officer Sundar Pichai increased Google's annual ad revenue growth by 74 Per Cent
Google CEO Sundar Pichai  | Sundar Pichai: Google Chief Executive Officer Sundar Pichai increased Google's annual ad revenue growth by 74 Per Cent
सुंदर पिचाई पत्नी अंजलि के साथ। सुंदर पिचाई पत्नी अंजलि के साथ।
पिचाई मार्च में आकाश अंबानी की शादी में शामिल होने भारत आए थे। पिचाई मार्च में आकाश अंबानी की शादी में शामिल होने भारत आए थे।
पिचाई पत्नी अंजलि के साथ। पिचाई पत्नी अंजलि के साथ।
Google CEO Sundar Pichai  | Sundar Pichai: Google Chief Executive Officer Sundar Pichai increased Google's annual ad revenue growth by 74 Per Cent
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सुंदर पिचाई पत्नी अंजलि के साथ।सुंदर पिचाई पत्नी अंजलि के साथ।
पिचाई मार्च में आकाश अंबानी की शादी में शामिल होने भारत आए थे।पिचाई मार्च में आकाश अंबानी की शादी में शामिल होने भारत आए थे।
पिचाई पत्नी अंजलि के साथ।पिचाई पत्नी अंजलि के साथ।
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  • पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का रेवेन्यू 2018 में 9.52 लाख करोड़ रुपए रहा, इसमें गूगल ऐड का 85% शेयर
  • पिचाई ने 2004 में गूगल ज्वॉइन की, 2015 में सीईओ बने; 4 साल बाद अब अल्फाबेट के भी सीईओ चुने गए
  • चेन्नई में जन्मे पिचाई को अमेरिका भेजने के लिए पिता को कर्ज लेना पड़ा था

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 05:48 PM IST
बिजनेस डेस्क. सुंदर पिचाई (47) गूगल के सीईओ चुने जाने के 4 साल बाद ही पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ भी बना दिए गए। पिचाई के नेतृत्व में गूगल का सालाना ऐड रेवेन्यू पिछले 3 साल में 85% बढ़ा। 2015 में 4.35 लाख करोड़ रुपए था, 2018 में 8.31 लाख करोड़ पहुंच गया। पिचाई के नेतृत्व में गूगल सभी प्रमुख ट्रेंड जैसे- क्लाउड, मोबाइल, सर्च और एडवरटाइजिंग में अग्रणी है, नई तकनीक पर खर्च करने में भी आगे है। अल्फाबेट के रेवेन्यू में गूगल के ऐड बिजनेस की 85% हिस्सेदारी है। कंपनी बीती 15 तिमाही से लगातार मुनाफे में है। पिछले साल अल्फाबेट का कुल रेवेन्यू 9.52 लाख करोड़ रुपए रहा। बीते 4 साल में कंपनी के शेयर ने 80% से ज्यादा रिटर्न दिया।

पिचाई 2 साल पहले अल्फाबेट के बोर्ड में शामिल किए गए, उनके पास 0.1% शेयर

  1. पिचाई ने प्राइवेसी, नफरत फैलाने वाले बयान, गलत जानकारी और राजनीतिक भेदभाव जैसे विवादों से भी कंपनी को उबारा। टाइग्रेस फाइनेंशियल पार्टनर्स के डायरेक्टर (रिसर्च) इवान फेनसेथ का कहना है कि यह उम्मीद हमेशा से थी कि एक न एक दिन पिचाई को ज्यादा जिम्मेदारियां दी जाएंगी। अल्फाबेट के नेतृत्व के लिए वे उचित व्यक्ति हैं।

    बीते 4 साल में गूगल का ऐड रेवेन्यू

    साल रेवेन्यू (रुपए)
    2015 4.35 लाख करोड़
    2016 5.55 लाख करोड़
    2017 6.10 लाख करोड़
    2018 8.31 लाख करोड़

  2. बीते 15 साल के दौरान गूगल में पिचाई का कद तेजी से बढ़ा। शुरुआत में गूगल टूलबार और गूगल क्रोम डेवलप करने में उनकी अहम भूमिका रही। 2014 में उन्हें कंपनी के सभी प्रोडक्ट और प्लेटफॉर्म्स के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिली। पिचाई 2015 में गूगल के सीईओ बने और 2017 में पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल कर लिए गए। उनके पास कंपनी के 0.1% शेयर हैं। अब अल्फाबेट के सीईओ बनने के बाद उनके पोर्टफोलियो में गूगल के कोर प्रोडक्ट्स के अलावा सेल्फ ड्राइविंग कार सब्सिडियरी वेयमो जैसे प्रोजेक्ट भी शामिल हो गए हैं।

  3. गूगल अल्फाबेट
    21 साल पहले सर्च इंजन के तौर पर शुरुआत हुई थी। कंपनी अब सॉफ्टवेयर से लेकर सेल्फ-ड्राइविंग कार तक बनाती है। गूगल अल्फाबेट की सबसे बड़ी सब्सिडियरी है। इसके पोर्टफोलियो में प्रमुख रूप से सर्च इंजन और ऐप्स आते हैं। इनमें गूगल सर्च, गूगल मैप्स, यूट्यूब और ऐडसेंस प्रमुख हैं। एंड्रॉयड और इससे जुड़ी गूगल-पे जैसी सर्विस भी इसमें शामिल हैं। अल्फाबेट के हर 10 में से 9 कर्मचारी गूगल के लिए काम करते हैं। गूगल के फाउंडर लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने 2015 में गूगल को रिस्ट्रक्चर कर अल्फाबेट बनाई। गूगल के शेयर अल्फाबेट में कन्वर्ट हो गए। अमेरिकी शेयर बाजार में कंपनी का नाम बदलकर अल्फाबेट हो गया। गूगल लाइफ साइंस, नेस्ट लैब्स, गूगल फाइबर, गूगल एक्स, गूगल वेंचर, गूगल कैपिटल और वेयमो जैसी कंपनियां अल्फाबेट की सब्सिडियरी हैं। गूगल एक्स के प्रोजेक्ट्स में विंग ड्रोन डिलीवरी सिस्टम और सेल्फ ड्राइविंग कार शामिल हैं।

  4. मार्केट कैप में अल्फाबेट दुनिया की तीसरी बड़ी कंपनी

    कंपनी मार्केट कैप (रुपए)
    एपल 82.55 लाख करोड़
    माइक्रोसॉफ्ट 81.62 लाख करोड़
    अल्फाबेट 64 लाख करोड़
    अमेजन 62.88 लाख करोड़
    फेसबुक 40.63 लाख करोड़

  5. 1972 में चेन्नई में जन्मे पिचाई का मूल नाम पिचाई सुंदराजन है, लेकिन उन्हें सुंदर पिचाई नाम से जाना जाता है। उन्होंने बैचलर डिग्री आईआईटी, खड़गपुर से ली। पिचाई ने अपने बैच में सिल्वर मेडल हासिल किया था। यूएस में उन्होंने एमएस की पढ़ाई स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से की और वॉर्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। 2004 में प्रोडक्ट और इनोवेशन ऑफिसर के पद पर गूगल ज्वॉइन की थी।

  6. आठ साल पहले गूगल छोड़ने का विचार था

    ट्विटर ने 2011 में पिचाई को जॉब ऑफर किया था, लेकिन गूगल ने उन्हें 5 करोड़ डॉलर (305 करोड़ रुपए) देकर रोक लिया। जून में एक इंटरव्यू में पिचाई ने कहा था- अमेरिका आने से मेरे पास कम्प्यूटर नहीं था। परिवार को टेलीफोन कनेक्शन के लिए 5 साल इंतजार करना पड़ा था। घर में फोन लगा तो पड़ोसी अपने बच्चों को कॉल करने के लिए आते थे। वह सामुदायिक कनेक्शन हो गया था, लेकिन इन्हीं बातों से मुझे तकनीक की ताकत पता चली। बता दें पिचाई चेन्नई में दो कमरों वाले घर में रहते थे। मेहनत के बूते उन्हें आईआईटी खड़गपुर में एडमिशन मिला। यहां से इंजीनियरिंग करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप मिली। उस समय आर्थिक स्थिति हालत इतनी खराब थी कि सुंदर के एयर टिकट के लिए पिता को कर्ज लेना पड़ा था।

  7. कितने भी व्यस्त हों, परिवार को पर्याप्त समय देना चाहिए: पिचाई

    पिचाई के 47वें जन्मदिन पर गूगल के पूर्व कर्मचारी और टेक गुरु सिद्धार्थ राजहंस ने दैनिक भास्कर के लिए पिचाई का इंटरव्यू किया। पिचाई ने कहा था कि हम गूगल के हर प्रोडक्ट और सर्विस के साथ इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि उससे दुनिया की किसी न किसी समस्या का हल निकल सके। साथ ही कहा कि आप कितने भी व्यस्त क्यों न हो, अपने परिवार के लिए समय निकालिए। यह एक ऐसा गुण है जो हर इंसान में होना चाहिए।

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