अर्थव्यवस्था / 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए बीएस-IV वाहन वैध रहेंगे, सरकारी विभागों में वाहन खरीद पर रोक हटी



(प्रतीकात्मक फोटो) (प्रतीकात्मक फोटो)
X
(प्रतीकात्मक फोटो)(प्रतीकात्मक फोटो)

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, ऑटो सेक्टर में तेजी लाने के लिए सरकार का प्लान बताया
  • उन्होंने बताया कि सरकारी विभाग पुरानी गाड़ियां रिप्लेस करके नई गाड़ियां खरीदेंगे, ताकि वाहनों की बिक्री में तेजी आए
  • वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस में 10 से 20 गुना बढ़ोतरी की योजना जून 2020 तक टाली गई
  • वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार नई स्क्रैपेज पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही, इससे पुरानी गाड़ी बेचकर नई गाड़ी खरीदने पर छूट मिलेगी

Dainik Bhaskar

Aug 23, 2019, 08:33 PM IST

नई दिल्ली. ऑटो सेक्टर में मंदी और वाहनों की बिक्री में 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडस्ट्री की हालत सुधारने के लिए कई बड़े ऐलान किए। निर्मला सीतारमण ने बताया कि ऑटो सेक्टर में तेजी लाने के लिए सरकारी विभाग पुरानी गाड़ियां रिप्लेस करके नई गाड़ियां खरीदेंगे। पहले पुरानी गाड़ियों को रिप्लेस कर नई गाड़ियां खरीदने पर प्रतिबंध था, जिसे अब हटा दिया गया है। बीएस-IV वाहनों की बिक्री को लेकर इंडस्ट्री और उपभोक्ताओं की चिंताएं दूर करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए ऐसे वाहन वैध रहेंगे। 

 

सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल 2020 से बीएस-VI लागू करके बीएस-IV वाहनों की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला दिया था। इस फैसले के बाद ग्राहकों के मन में आशंकाएं थीं कि अगर बीएस-IV वाहन खरीदे तो इन पर भी अप्रैल 2020 से पाबंदी लग सकती है। लेकिन, निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को साफ किया कि 31 मार्च 2020 तक बीएस-IV वाहन खरीद सकते हैं और इन्हें तब तक चला सकते हैं, जब तक इनका रजिस्ट्रेशन होगा। सरकार के इस फैसले के बाद बीएस-IV वाहनों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि बीएस-VI लागू होने के बाद वाहनों की कीमतों में 12% की बढ़ोतरी होने की संभावना है। 

 

रजिस्ट्रेशन फीस 10 से 20 गुना बढ़ाने की तैयारी थी, अब फैसला जून 2020 तक टाला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार मध्यम श्रेणी के वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस मौजूदा 1 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए तक करने की तैयारी में थी। इसके लिए मसौदा भी तैयार कर लिया गया था। अगर यह फैसला लागू हो जाता तो दोपहिया वाहनों की फीस 50 रुपए से बढ़कर 1,000 रुपए और कारों की फीस 600 रुपए से बढ़कर 5,000 रुपए तक हो सकती थी। लेकिन अब सरकार ने रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने का फैसला जून 2020 तक टाल दिया है। इस फैसले से वाहनों की कीमतों पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

नई स्क्रैपेज पॉलिसी आएगी, पुरानी गाड़ी बेचकर नई खरीदने पर छूट मिलेगी
निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार नई स्क्रैपेज पॉलिसी पर भी काम कर रही है। स्क्रैपेज पॉलिसी आने पर पुरानी गाड़ियों को बेचकर नई गाड़ी खरीदने पर अतिरिक्त छूट मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 साल पुराना कमर्शियल वाहन बेचने पर 50,000 और पैसेंजर कार बेचने पर 20,000 रुपए तक की छूट मिल सकती है। जबकि, 7 साल पुराने टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बेचने पर 5,000 रुपए तक की छूट दिए जाने की तैयारी है। हालांकि, यह छूट तभी मिलेगी जब ग्राहक पुरानी गाड़ी के बदले नई खरीदेगा।

 

एनबीएफसी से लोन मिलना आसान होगा

  • वित्तमंत्री ने कैश फ्लो बढ़ाने के लिए बैंकों को 70,000 करोड़ रुपए जारी करने की बात कही है। एनबीएफसी आसानी से ग्राहकों को लोन उपलब्ध करा सके, इसलिए उन्हें अब आधार से सत्यापित बैंक केवाईसी का उपयोग करके लोन बांटने की अनुमति भी दे दी गई है। वित्त मंत्री का कहना है कि इससे लोन मिलना आसान होगा।
  • टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के डिप्टी एमडी एन राजा ने पिछले दिनों दैनिक भास्कर ऐप से कहा था कि नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) के नकदी संकट और लोन के सख्त नियमों की वजह से पिछले कुछ महीनों में मंदी बढ़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सरकार बैंकों को पूंजी देकर लिक्विडिटी बढ़ाने जैसे जरूरी कदम उठाएगी। 
     
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना