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एडुकेशन सेक्टर का बैड लोन 9.55% हुआ:सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों से कहा, एडुकेशन लोन की वसूली में न करें सख्ती

2 महीने पहले
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आपने लोन लेकर पढ़ाई की है और कोविड के चलते लौटाने में दिक्कत हो रही है तो ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं। सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों से एडुकेशन लोन की वसूली में जोर-जबरदस्ती नहीं करने के लिए कहा है। एडुकेशन लोन मार्केट में 92% हिस्सा पब्लिक सेक्टर बैंकों का है।

दिसंबर 2020 में एडुकेशन लोन का डिफॉल्ट 9.55% पर रहा, मार्च में 7.61% था आंकड़ा

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि बैंकों को एडुकेशन लोन का पैसा मिलने में दिक्कत हो रही है और उनका (NPA) बढ़ रहा है। पब्लिक सेक्टर बैंकों को ऐसे जिन एडुकेशन लोन की रिपेमेंट पर 90 दिन से ज्यादा बकाया हो गया है, वह दिसंबर 2020 में 9.55% तक पहुंच गया था। पिछले साल मार्च में यह आंकड़ा 7.61% पर था।

रिपेमेंट में रियायत की बात बैंकों के बोर्ड में शामिल सरकारी नॉमिनी के जरिए उठाई गई है

एक सूत्र ने बताया कि सरकार ने यह बात बैंकों के बोर्ड में शामिल अपने नॉमिनी के जरिए उठाई है। उन्होंने कहा कि कोविड के चलते पिछले एक साल में लोन डिफॉल्ट बढ़े हैं, यह बात सरकार समझती है। लेकिन उसने बैंकों को बॉरोअर से नरमी दिखाने के लिए कहा है। इकोनॉमी के रफ्तार पकड़ने पर हालात सुधरेंगे।

ज्यादातर डिफॉल्टर दूसरे-तीसरे दर्जे के कॉलेज के पढ़े हैं, एंट्री लेवल के जॉब कर रहे हैं

हालांकि एक सीनियर बैंकिंग एग्जिक्यूटिव ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर और आंशिक लॉकडाउन को देखते हुए जॉब मार्केट में ज्यादा सुधार होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, 'जो युवा एडुकेशन लोन नहीं चुका पा रहे हैं, दूसरे या तीसरे दर्जे के कॉलेज के पढ़े हैं और एंट्री लेवल के जॉब कर रहे हैं।'

बड़ी संख्या में एंट्री लेवल की नौकरियां गईं, दो-तीन तिमाही तक हालात बदलने वाले नहीं

उन्होंने कहा, 'बड़ी संख्या में एंट्री लेवल की नौकरियां गई हैं और सैलरी कट भी हुई है। कम से कम अगली दो-तीन तिमाहियों में हालात बदलने वाले नहीं हैं।' उन्होंने कहा कि ज्यादातर बैंक एडुकेशन लोन को स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए बॉरोअर्स को पहले से ही रिजॉल्यूशन प्लान ऑफर कर रहे हैं।

RBI ने आसान शर्तों पर एडुकेशन लोन चुकाने की सहूलियत देने की इजाजत बैंकों को दी है

बॉरोअर को जिन एडुकेशन लोन के रिपेमेंट में दिक्कत हो रही है, उनको आसान शर्तों पर चुकाने की सहूलियत देने की इजाजत बैंकों को रिजर्व बैंक ने दी है। RBI ने बैंकों को इस लोन के रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा पर्सनल लोन के रिजॉल्यूशन के लिए बनाई व्यवस्था के तहत दी है।

बैंकों को एडुकेशन लोन को स्टैंडर्ड लोन बनाए रखने, दो साल का मोरैटोरियम देने की इजाजत

रिजर्व बैंक की व्यवस्था के हिसाब से बैंक ऐसे लोन को स्टैंडर्ड लोन बनाए रख सकते हैं और उसके लिए दो साल का मोरैटोरियम देंगे यानी लोन दो साल वापस नहीं मांगेंगे। सेंट्रल बैंक के पूर्व स्वतंत्र निदेशक एम पी शूरावाला कहते हैं, 'एडुकेशन लोन के मामले में बैंकों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। बॉरोअर की दिक्कत समझेंगे तो वे जीवन भर के लिए उनके ग्राहक बना जाएंगे।'

एडुकेशन लोन में सबसे ज्यादा डिफॉल्ट नर्सिंग की पढ़ाई के वास्ते लिए गए कर्ज में हुए हैं

आंकड़ों के मुताबिक, एडुकेशन लोन में सबसे ज्यादा डिफॉल्ट नर्सिंग की पढ़ाई के वास्ते लिए गए कर्ज में हुए हैं जबकि इंजीनियरिंग कोर्स दूसरे नंबर पर है। बैंकों को जितना एडुकेशन लोन वापस नहीं मिल पा रहा है, उसमें 14.15% हिस्सा नर्सिंग और 12.13% हिस्सा इंजीनियरिंग वालों का है। दिसंबर 2020 के आंकड़ों के मुताबिक, बैंकों ने नर्सिंग कोर्स करने वालों को 3,675 करोड़ रुपए का लोन दिया हुआ था।

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