ई गवर्नेंस / आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़ेगा एमसीए 21 पोर्टल, सारा काम आटो पायलट मोड पर होगा

Dainik Bhaskar

May 19, 2019, 12:13 PM IST


प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
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प्रतीकात्मक फोटोप्रतीकात्मक फोटो

  • 2006 में पोर्टल लॉन्च हुआ था, 2019 की शुरुआत में इसे अपग्रेड करने के लिए निविदाएं मांगी गई थीं
  • पोर्टल का वर्जन 3 एक साल में तैयार होगा, फिर इसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जोड़ेंगेः श्रीनिवास

नई दिल्ली. सरकार एमसीए 21 पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जोड़ने की तैयारी कर रही है। यह पोर्टल 2006 में लॉन्च हुआ था। 2019 की शुरुआत में इसे अपग्रेड करने के लिए सर्विस प्रोवाइडर्स से निविदाएं मांगी गई थीं। कॉरपोरेट अफेयर्स सेक्रेट्री इन्जेती श्रीनिवास का कहना है कि पोर्टल का वर्जन 3 एक साल में तैयार होगा। फिर इसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जोड़ा जाएगा।

काम हो जाएगा बेहद आसानः श्रीनिवास

  1. कॉरपोरेट अफेयर्स सेक्रेट्री का कहना है कि कंप्लायंस प्रोसेस को आसान बनाने के लिए यह कवायद की जा रही है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इन्फोर्समेंट एक्टिविटीज आटोपायलट मोड पर होने लग जाएंगी।

  2. कंपनीज ला के तहत एमसीए 21 के जरिए ही कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री को सारा डेटा भेजा जाता है। इसके माध्यम से सभी स्टेक होल्डर्स को इलेक्ट्रानिक तरीके से जानकारी मुहैया कराई जाती है। स्टेक होल्डर्स में रेगुलेटर, कॉरपोरेट और इन्वेस्टर शामिल हैं।

  3. श्रीनिवास का कहना है कि नई व्यवस्था के लागू होने के बाद संबंधित कंपनी को संज्ञेय जानकारी बार-बार नहीं भरनी पड़ेगी। सिस्टम के डेटाबेस से जुड़ने के बाद सप्ताह में 24 घंटे आटो पायलट मोड पर सारी प्रक्रिया पूरी होने लग जाएंगी।

  4. ई गवर्नेंस के पहले चरण का काम टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने पूरा किया था, जबकि दूसरे चरण का काम इंफोसिस कर रही है। इंफोसिस ने जनवरी 2013 से दूसरे चरण का काम शुरू किया था, इसके जुलाई 2021 तक पूरा होने की संभावना है।

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