पिछले साल से 28% बढ़ा GST कलेक्शन:जुलाई में GST से मिले 1.49 लाख करोड़ रुपए, मार्च 2022 के बाद से GST 1.40 लाख करोड़ के ऊपर

नई दिल्ली13 दिन पहले
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GST कलेक्शन जुलाई में बढ़कर 1.49 लाख करोड़ रुपए हो गया है। एक साल पहले की तुलना में ये 28% की बढ़ोतरी है। जुलाई 2021 में GST कलेक्शन 1.16 करोड़ रुपए रहा था। वहीं जून यह 1.45 लाख करोड़ रुपए रहा था। अब तक का सबसे बड़ा GST कलेक्शन अप्रैल महीने में रहा था। जुलाई का कलेक्शन दूसरा बड़ा GST केलक्शन है। मार्च के बाद से GST 1.40 लाख करोड़ के स्तर से ऊपर बना हुआ है।

जुलाई में CGST 25,751 करोड़ रुपए, SGST 32,807 करोड़ रुपए, जबकि IGST 79,518 करोड़ रुपए और सेस 10,920 रुपए था। इससे पहले जून में CGST 25,306 करोड़ रुपए, SGST 32,406 करोड़ रुपए, IGST 75,887 करोड़ रुपए और GST कंपनसेशन सेस 11,018 करोड़ रुपए रहा था।

मई में CGST 25,036 करोड़ रुपए, SGST 32,001 करोड़ रुपए, IGST 73,345 करोड़ रुपए और सेस 10,502 करोड़ रुपए था। GST लागू होने के बाद यह छठवीं बार और मार्च 2022 से लगातार पांचवीं बार है जब GST कलेक्शन 1.40 लाख करोड़ रुपए के पार रहा है।

अप्रैल में बना था GST कलेक्शन का रिकॉर्ड
अप्रैल 2022 में ऐसा पहली बार हुआ था जब GST कलेक्शन 1.5 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया था। अप्रैल में ग्रॉस GST रेवेन्यू 1,67,540 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था। इसमें CGST 33,159 करोड़ रुपए, SGST 41,793 करोड़ रुपए, IGST 81,939 करोड़ रुपए और सेस 10,649 करोड़ रुपए था।

GST कलेक्शन में ये राज्य रहे सबसे अव्वल
जून 2022 में GST कलेक्शन के लिहाज से टॉप-5 राज्यों में महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। महाराष्ट्र में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 17% बढ़कर 22,129 करोड़ रुपए रहा। इस लिस्ट में कर्नाटक 9,795 करोड़ के कलेक्शन के साथ दूसरे और गुजरात 9,183 करोड़ के कलेक्शन के साथ तीसरे नंबर पर है।

राज्य

जुलाई-21

जुलाई-22

ग्रोथ

जम्मू और कश्मीर

4324310%

हिमाचल प्रदेश

66774612%

पंजाब

1,5331,73313%

चंडीगढ़

1691764%

उत्तराखंड

1,1061,39026%

हरियाणा

5,3306,79127%

दिल्ली

3,8154,32713%

राजस्थान

3,1293,67117%

उत्तर प्रदेश

6,0117,07418%

बिहार

1,2811,264-1%

सिक्किम

19724926%

अरुणाचल प्रदेश

556518%

नागालैंड

284248%

मणिपुर

374520%

मिजोरम

212727%

त्रिपुरा

6563-3%

मेघालय

12113814%

असम

8821,04018%

पश्चिम बंगाल

3,4634,44128%

झारखंड

2,0562,51422%

ओडिशा

3,6153,6521%

छत्तीसगढ़

2,4322,69511%

मध्य प्रदेश

2,6572,96612%

गुजरात

7,6299,18320%
दमन और दीव00-66%

दादरा और नागर हवेली

22731338%

महाराष्ट्र

18,89922,12917%

कर्नाटक

6,7379,79545%

गोआ

30343333%
लक्षद्वीप1269%

केरल

1,6752,16129%

तमिलनाडु

6,3028,44934%

पुडुचेरी

12919854%

अंडमान निकोबार

192326%

तेलंगाना

3,6104,54726%

आंध्र प्रदेश

2,7303,40925%

लद्दाख

132054%

अन्य टेरेटरी

14121654%

सेंटर ज्यूरिडिक्शन

1611620%

टोटल

87,6781,06,58022%

*आंकड़े करोड़ रुपए में
*सामान के इंपोर्ट पर लगने वाला GST ऊपर दिए टेबल में शामिल नहीं है।

दरें बढ़ने से बढ़ सकता है GST कलेक्शन
आने वाले दिनों में GST कलेक्शन में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका कारण जून महीने में GST काउंसिल हुई बैठक में कुछ चीजों पर GST लगाने और बढ़ाने का लिया गया फैसला है। GST की दरें बढ़ने से दही, लस्सी, चावल और आटा समेत कई जरूरी चीजें महंगी हो गई है। अब टेट्रा पैक वाले दही, लस्सी और बटर मिल्क पर 5% GST और अनब्रांडेड प्री-पैकेज्ड और प्री लेबल आटा और दाल पर भी 5% GST लग रहा है। नई दरें 18 जुलाई से लागू हो गई है।

GST के 4 स्लैब
GST में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब हैं। हालांकि, गोल्ड और गोल्ड ज्वेलरी पर 3% टैक्स लगता है। कुछ अनब्रांडेड और अनपैक्ड प्रोडक्ट ऐसे भी है जिनपर GST नहीं लगता।