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मोबाइल फोन पर जीएसटी 12% से बढ़ाकर 18% किया गया, महंगे होंगे हैंडसेट; नई दर 1 अप्रैल से लागू होगी

एक वर्ष पहले
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  • माचिस पर जीएसटी को 12% किया गया, पहले हैंड मेड माचिस पर 5% टैक्स था
  • एयरक्रॉफ्ट के मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल सर्विस पर जीएसटी घटकर 5% हुई

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक में मोबाइल फोन पर जीएसटी 12% से बढ़ाकर 18% करने को निर्णय लिया गया। काउंसिल के इस निर्णय से मोबाइल फोन की कीमतों में बढ़ोतरी संभव है। कोरोनावायरस के चलते चीन से मोबाइल कंपोनेंट की आपूर्ति प्रभावित होने से पहले ही हैंडसेट कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी की बात कर रही है। कुछ ब्रांड के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की कीमतों में पहले से ही तेजी देखने को मिल रही है।

एयरक्रॉफ्ट मेंटेनेंस सर्विस पर टैक्स घटाकर 5% किया गया
जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए दूसरे फैसलों के मुताबिक माचिस पर 12% जीएसटी लगेगा। पहले हैंड मेड माचिस पर 5 फीसदी का टैक्स लगता था। जीएसटी की नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी। इसके अलावा एयरक्रॉफ्ट के मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल सर्विस पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। भारत में इस सर्विस के अभाव कारण एयरलाइन कंपनियों का विमानों के मेंटेनेस के लिए विदेश भेजना पड़ता है और इस पर भारी खर्च आता है। 

2 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वालों को लेट फाइलिंग पर जुर्माना नहीं 
जीएसटी काउंसिल ने  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए जीएसटी रिटर्न फाइल करने की तारीख को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया है। ऐसे कारोबारी जिनका टर्नओवर 2 करोड़ रुपए से कम है उन्हें लेट रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना नहीं देना होगा। ये नियम विवरण के समाधान दाखिल करने में देरी होने पर भी लागू होगा। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने भुगतान में देरी करने पर एक जुलाई से नेट टैक्स देनदारी पर ब्याज लगाने का फैसला किया है। 

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