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विवाद / एचएएल के चेयरमैन ने कहा- राफेल का पिछला सौदा रद्द होने की जानकारी नहीं थी



यूपीए सरकार में राफेल का सौदा आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद मोदी सरकार ने 2015 में नया समझौता किया। -फाइल यूपीए सरकार में राफेल का सौदा आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद मोदी सरकार ने 2015 में नया समझौता किया। -फाइल
राफेल विमान में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। -फाइल राफेल विमान में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। -फाइल
राफेल फाइटर प्लेन से एकसाथ कई तरह के हथियार दागे जा सकता है। -फाइल राफेल फाइटर प्लेन से एकसाथ कई तरह के हथियार दागे जा सकता है। -फाइल
एचएएल के चेयरमैन आर माधवन। एचएएल के चेयरमैन आर माधवन।
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यूपीए सरकार में राफेल का सौदा आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद मोदी सरकार ने 2015 में नया समझौता किया। -फाइलयूपीए सरकार में राफेल का सौदा आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद मोदी सरकार ने 2015 में नया समझौता किया। -फाइल
राफेल विमान में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। -फाइलराफेल विमान में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। -फाइल
राफेल फाइटर प्लेन से एकसाथ कई तरह के हथियार दागे जा सकता है। -फाइलराफेल फाइटर प्लेन से एकसाथ कई तरह के हथियार दागे जा सकता है। -फाइल
एचएएल के चेयरमैन आर माधवन।एचएएल के चेयरमैन आर माधवन।

  • एचएएल हेलिकॉप्टर बनाने वाली सरकारी कंपनी
  • यूपीए सरकार के समय हुई डील में एचएएल शामिल थी
  • भारत-फ्रांस के बीच 36 राफेल विमानों का नया सौदा हुआ, इसमें घोटाले के आरोप लगा रही कांग्रेस

Dainik Bhaskar

Nov 03, 2018, 01:30 PM IST

बेंगलुरु. सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन आर माधवन ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी को यह पता ही नहीं था कि पिछले राफेल सौदे को एनडीए सरकार रद्द कर चुकी है। माधवन ने कहा कि एचएएल नए राफेल सौदे का हिस्सा नहीं है। उनका कहना है कि "राफेल डील में कंपनी का अब कोई रोल नहीं। इसकी कीमत और पॉलिसी को लेकर कुछ नहीं कह सकते।" 

 

मोदी सरकार ने 2015 में पुरानी डील रद्द की थी 

  • यूपीए सरकार ने फ्रांस की लड़ाकू विमान बनाने वाली कंपनी दैसो एविएशन के साथ 125 राफेल विमानों का सौदा किया था।
  • इसमें से 108 विमानों का निर्माण लाइसेंस्ड प्रोडक्शन के तहत एचएएल द्वारा किया जाना था।
  • 18 विमानों का निर्माण फ्रांस में कर उन्हें भारत लाने की योजना थी। यह सौदा आगे नहीं बढ़ा।
  • इसके बाद मोदी सरकार ने साल 2015 में फ्रांस की सरकार के साथ दूसरा सौदा कर लिया।
  • इसमें 125 के बजाय सिर्फ 36 राफेल विमानों के लिए डील की गई। इसकी अनुमानित कीमत 54 अरब डॉलर है। 

 

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