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SC से हुई थी शिकायत:SEBI ने पूर्व चुनाव आयुक्त TS कृष्णमूर्ति को बनाया फ्रैंकलिन टेंपलटन के यूनिटहोल्डर्स की ई-वोटिंग का ऑब्जर्वर

6 महीने पहले
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  • MF की बंद होने जा रही 6 स्कीमों पर ई-वोटिंग के लिए ऑब्जर्वर अप्वाइंट नहीं करने का आरोप सेबी पर लगा था
  • ई-वोटिंग 26 से 29 दिसंबर तक होगी, नतीजा ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के साथ अदालत में सीलबंद लिफाफे में पेश होगा

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने देश के पूर्व चुनाव आयुक्त तरुवई सुबैया कृष्णमूर्ति को फ्रैंकलिन टेंपलटन की छह फिक्स्ड इनकम स्कीमों को बंद करने के प्रस्ताव पर 26 से 29 दिसंबर तक चलने वाली यूनिटहोल्डर्स की ई-वोटिंग के प्रोसेस का ऑब्जर्वर बनाया है। शनिवार को जारी सेबी की प्रेस रिलीज के मुताबिक ई-वोटिंग के लिए ऑब्जर्वर का अप्वाइंटमेंट 18 दिसंबर 2020 को ही कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में CFMA ने अंतरिम अर्जी लगाई थी

चेन्नई फाइनेंशियल मार्केट एंड एकाउंटेबिलिटी (CFMA) ने शुक्रवार 25 दिसंबर को आरोप लगाया था कि सेबी ने अदालत का आदेश होने के बावजूद ई-वोटिंग प्रक्रिया का ऑब्जर्वर अप्वाइंट करने का कदम संभवत: अब तक नहीं उठाया है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम अर्जी लगाई गई है। CFMA एक रजिस्टर्ड सोसाइटी है जो बैंकिंग, इंश्योरेंस, फाइनेंशियल सेक्टर को लेकर लोगों की चिंता दूर करने या सामुदायिक हितों से जुड़े मामलों में पीड़ित पक्ष के लिए हल निकालने का काम करती है।

नतीजा ऑब्जर्वर रिपोर्ट के साथ अदालत में पेश होगा

9 दिसंबर के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसका 3 दिसंबर वाला आदेश अगली सुनवाई तक लागू रहेगा, जिसमें कुछ समय के लिए यूनिटहोल्डर को रिडेम्शन का भुगतान पर रोक लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेबी 26 से 29 दिसंबर तक चलने वाली यूनिटहोल्डरों की ई-वोटिंग के लिए ऑब्जर्वर अप्वाइंट करेगा। नतीजे का एलान नहीं किया जाएगा और उसे ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के साथ अदालत में सीलबंद लिफाफे में पेश किया जाएगा। मामले में सुनवाई की अगली तारीख जनवरी के तीसरे हफ्ते की तय की गई है।

एक हफ्ते में यूनिटहोल्डर की मीटिंग बुलाने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिसंबर के आदेश में फ्रैंकलिन टेंपलटन से छह म्यूचुअल फंड स्कीमों को बंद करने के लिए यूनिटहोल्डरों की रजामंदी लेने को एक हफ्ते के भीतर उनकी मीटिंग बुलाने के लिए कहा था। 7 दिसंबर को फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड ने कहा कि उसने छह फिक्स्ड इनकम स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बंद करने के लिए उनके यूनिटहोल्डरों से इजाजत मांगी है।

ये हैं छह फिक्स्ड इनकम स्कीमें, जो बंद होंगी

जिन स्कीमों को बंद किया जाना है उनमें फ्रैंकलिन इंडिया लो ड्यूरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया अल्ट्रा शॉर्ट बॉन्ड फंड, फ्रैंकलिन इंडिया शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया डायनेमिक अक्रूअल फंड और फ्रैंकलिन इंडिया इनकम ऑपर्च्युनिटीज फंड शामिल हैं।

27 नवंबर तक 7,226 करोड़ रुपये का कैश था

म्यूचुअल फंड कंपनी ने बॉन्ड मार्केट में लिक्विडिटी कम होने और रिडेम्शन प्रेशर बनने के चलते स्कीमों को 23 अप्रैल को बंद किया गया था। 27 नवंबर तक इन छह स्कीमों के पास पोर्टफोलियो में शामिल रिक्योरिटीज की मैच्योरिटी, उसके लिए हुए प्रीपेमेंट और कूपन पेमेंट के जरिए 11,576 करोड़ रुपये की रकम आई थी। इस तारीख को इनके पास स्कीम चलाने में होने वाला खर्च काटने के बाद 7,226 करोड़ रुपये का कैश बचा था।