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ECLG स्कीम में बांटे 23,000 करोड़ के लोन:MSME को लोन बांटने में दूसरे नंबर पर आया HDFC बैंक, 30% बढ़कर 2,01,758 करोड़ रुपए हो गई लोन बुक

3 महीने पहले
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  • ECLG स्कीम में पांच साल के लोन पर 2% का सबवेंशन मिलता है यानी बॉरोअर को इतना पर्सेंट कम ब्याज देना पड़ता है
  • बॉरोअर को पहले साल लोन चुकाने की जरूरत भी नहीं होती क्योंकि उसके लिए एक साल का मोरैटोरियम भी होता है

छोटे और मझोले कारोबार (MSME) को लोन बांटने के मामले में HDFC बैंक SBI के बाद दूसरे नंबर पर आ गया है। MSME को HDFC बैंक की तरफ से दिया गया लोन 30% की बढ़ोतरी के साथ दिसंबर के अंत में दो लाख करोड़ रुपए हो गया था।

इसमें ECLG यानी इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के अंदर लगभग 1,10,000 उद्यमों को बांटे गए 23,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के लोन का बड़ा हाथ रहा है। दिसंबर 2019 में MSME को बैंक की तरफ से दिया गया टोटल लोन 1.4 लाख करोड़ रुपए था। MSME को दिए गए टोटल लोन में बैंक का मार्केट शेयर 10.6% पर पहुंच गया है।

MSME को दिया गया बैंक का लोन कोविड से पहले वाले लेवल पर पहुंचा

बैंक के बिजनेस बैंकिंग और हेल्थकेयर फाइनेंस सीनियर ईवीपी सुमंत रामपाल ने बताया कि MSME को दिया गया बैंक का लोन कोविड से पहले वाले लेवल पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि यह सालाना आधार पर 30% की बढ़ोतरी के साथ 2,01,758 करोड़ रुपए हो गया है।

रामपाल ने कहा कि बैंक के लोन बुक को ECLG में बांटे गए 23,000 करोड़ रुपए के लोन के अलावा गांवों और कस्बों के कस्टमर पर फोकस बढ़ाने का फायद मिला है। इससे MSME लोन में 60,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और ज्यादातर ECLGS वाले लोन पिछले तीन चार महीनों में बांटे गए हैं। बैंक की सबसे ज्यादा लोन ग्रोथ MSME सेगमेंट में हुई है।

ECLG स्कीम में 28 फरवरी तक बांटे गए 1.81 लाख रुपए के लोन

गुरुवार को यूनियन MSME मिनिस्टर नितिन गडकरी ने लोकसभा में कहा था कि 3 लाख करोड़ रुपए की स्कीम में बैंकों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस की तरफ से 28 फरवरी तक कुल 2.46 लाख करोड़ रुपए के लोन सैंक्शन हुए थे जबकि 1.81 लाख रुपए बांटे गए थे। उन्होंने यह जानकारी ECLG स्कीम को लागू करने वाली नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी के आंकड़ों के आधार पर दी है।

इस स्कीम में पांच साल के लोन पर दो पर्सेंट का सबवेंशन मिलता है यानी कि बॉरोअर को इतना पर्सेंट कम ब्याज देना पड़ता है। इसके अलावा पहले साल लोन चुकाने की जरूरत भी नहीं होती क्योंकि इसके लिए एक साल का मोरैटोरियम भी है।

बैंक MSME को वर्किंग कैपिटल/टर्म लोन सहित कई तरह की सर्विस देता है

बैंक MSME को कई तरह की सर्विस देता है जिनमें वर्किंग कैपिटल/टर्म यानी रोजमर्रा के कामकाज की जरूरतें पूरी करने के लिए दिया जाने वाला लोन शामिल है। बैंक MSME को पैसों का लेन-देन संभालने के अलावा विदेश व्यापार और फॉरेन करेंसी के लेनदेन में भी मदद करता है।

बैंक MSME लोन टेक्सटाइल, फैब्रिकेशन, एग्री प्रोसेसिंग, केमिकल, कंज्यूमर गुड्स, होटल और रेस्टोरेंट, ऑटो कंपोनेंट, फार्मा और पेपर इंडस्ट्री के अलावा उनकी सप्लाई चेन में शामिल होलसेलर, रिटेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, स्टॉकिस्ट और सुपरमार्केट को भी बांटता है।

6 करोड़ रजिस्टर्ड MSME में से सिर्फ 1.2 करोड़ ले रहे हैं लोन

रामपाल ने बताया कि देश में 6 करोड़ रजिस्टर्ड MSME हैं जिनमें से सिर्फ 1.2 करोड़ ही सरकार और रिजर्व बैंक की तरफ से बढ़ावा दिए जाने पर लोन ले रहे हैं। उनके मुताबिक, जहां तक लोन क्वॉलिटी की बात है तो ECLGS वाला समूचा लोन एक साल के मोरैटोरियम के अंदर आ रहा है। अच्छी लोन क्वॉलिटी के लिए मशहूर HDFC बैंक का MSME बैड लोन दिसंबर 2019 में सिर्फ 0.48% था।

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