• Hindi News
  • Business
  • HDFC Bank's Profit Up By 18% In December Quarter, NPA Also Came Down To 0.81%

कोरोना से बैंकिंग बेअसर:दिसंबर तिमाही में एचडीएफसी बैंक का प्रॉफिट 18% बढ़ा, एनपीए भी घटकर 0.81% पर आया

मुंबई10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • अक्टूबर से दिसंबर 2020 में बैंक को 8,758 करोड़ रुपए का प्रॉफिट
  • ब्याज से आमदनी 14,173 करोड़ से बढ़कर 16,317 करोड़ रु. हुई

एचडीएफसी बैंक को अक्टूबर से दिसंबर 2020 के दौरान 8,758 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ है। यह एक साल पहले की तुलना में 18.1% ज्यादा है। एचडीएफसी बैंक देश में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक है। यह पहला बड़ा बैंक है जिसने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। आदित्य पुरी की जगह नए एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन के आने के बाद भी यह पहला रिजल्ट है।

आर्थिक गतिविधियों में तेजी से कर्ज 15.6% बढ़ा

दिसंबर तिमाही में बैंक को आर्थिक गतिविधियों में तेजी का फायदा मिला है। इसके कर्ज में 15.6% की वृद्धि हुई है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.2% रहा है। बैंक को जिस औसत रेट पर फंड मिलता है और जिस रेट पर वे कर्ज देते हैं, उसे नेट इंटरेस्ट मार्जिन कहते हैं। ब्याज से होने वाली आमदनी यह 14,173 करोड़ से बढ़कर 16,317 करोड़ हो गई है।

तिमाही और सालाना, दोनों आधार पर एनपीए में गिरावट

बैंक का एनपीए भी कम हुआ है। यह सिर्फ 0.81% रहा है। इससे पहले की तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2020 में यह 1.08% था। 2019 की दिसंबर तिमाही में ग्रॉस एनपीए 1.42% था। यह इस लिहाज से अच्छा माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक ने सितंबर 2021 तक सभी बैंकों का एनपीए 14% तक पहुंच जाने का अंदेशा जताया है।

कोरोना में छूट नहीं मिलती तो एनपीए 1.38% होता

कोरोना के कारण पिछले साल रिजर्व बैंक ने कर्ज लेने वालों को किस्त चुकाने से 6 महीने की रियायत (मोरेटोरियम) दी थी। इसी आधार पर बैंकों को इस दौरान होने वाले कर्ज के डिफॉल्ट को एनपीए में शामिल नहीं करने की छूट मिली थी। एचडीएफसी बैंक ने एक बयान में कहा कि अगर यह छूट नहीं मिलती तो उसका ग्रॉस एनपीए 1.38% होता।

कुल कर्ज 10.82 लाख करोड़ का, सिर्फ 0.5% की रिस्ट्रक्चरिंग

रिजर्व बैंक ने कोरोना को देखते हुए बैंकों को कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग की इजाजत दी थी। एचडीएफसी बैंक का कहना है कि उसके 10.82 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में से सिर्फ 0.5% कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग करने की नौबत आई है। बैंक के कुल कर्ज में ऑटो लोन 81,880 करोड़ रुपए का है। यह एक साल पहले 83,552 करोड़ था। दरअसल बैंक को ऑटो लोन देने में कुछ गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी। इसके बाद सख्ती बरती गई थी। बैंक के कुल कर्ज में रिटेल लोन 48% और कॉरपोरेट लोन 52% है।

खबरें और भी हैं...