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विदेशी निवेश:FII ने नवंबर में अब तक 45,732 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, 2 दशकों में किसी भी एक महीने का सबसे बड़ा निवेश

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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इस कारोबारी साल में FII ने अब तक 1.34 लाख करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की है - Dainik Bhaskar
इस कारोबारी साल में FII ने अब तक 1.34 लाख करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की है
  • अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव खत्म होने और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आने के बाद विदेशी निवेश में भारी बढ़ोतरी हुई है
  • महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए केंद्रीय बैंकों से राहत मिलने की उम्मीद में भी विदेशी निवेश बढ़ रहा है

दुनियाभर में कोरोनावायरस की दूसरी लहर के बीच भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों को आकर्षण बढ़ता दिख रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सिर्फ लक्ष्मी पूजन दिवस को छोड़कर नवंबर में बाकी सभी दिनों में भारतीय बाजार में निवेश किया है। सिर्फ लक्ष्मी पूजन दिवस पर उन्होंने महज 78.5 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे।

नवंबर में अब तक उन्होंने भारतीय बाजारों में 45,732 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की, जो कम से कम 2 दशकों में किसी भी एक महीने का सबसे बड़ा निवेश है। इस कारोबारी साल में उन्होंने अब तक 1.34 लाख करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की है। खास तौर से अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव खत्म होने और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आने के बाद विदेशी निवेश में भारी बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिका में दूसरे राहत पैकेज की तैयारी हो रही है

विदेशी निवेश बढ़ने का एक बड़ा कारण यह है कि कोरोनावायस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए दुनियाभर के बड़े केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर पर बाजार में नकदी डाल सकते हैं। अमेरिका में भी दूसरे राहत पैकेज की घोषणा हो सकती है। हालांकि इसमें कुछ समय लग सकता है, क्योंकि रिपब्लकन और डेमोक्रैटिक पार्टियों के बीच इस पर वार्ता हो रही है।

विकसित देशों की सरकारों और केंद्रीय बैंकों ने 21 लाख करोड़ डॉलर के राहत पैकेज जारी किए हैं

कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में इक्विटी सेगमेंट के प्रमुख हेमंत कानावाला ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के असर से निपटने के लिए विकसित देशों की सरकारों और केंद्रीय बैंकों ने 21 लाख करोड़ डॉलर के राहत पैकेज जारी किए हैं। इनमें से बड़ा हिस्सा अमेरिका ने जारी किया है, इसलिए अप्रैल के बाद से डॉलर कमजोर होता गया है। इसके कारण पूंजी अमेरिका से निकलकर उभरते बाजारों में पहुंच रही है।

भारत के आकर्षक वैल्युएशन के कारण भी विदेशी निवेश बढ़ा है

उन्होंने कहा कि अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले भारत के आकर्षक वैल्युएशन के कारण अप्रैल के बाद से भारत में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश हुआ है। विकसित देशों में 2021 में भी राहत कार्यक्रम जारी रह सकता है। इसके कारण उभरते बाजारों और भारत में FII का निवेश जारी रह सकता है।

भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत दिख रहे हैं

भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार तेजी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इस कारोबारी साल की दूसरी छमाही में जीडीपी में बढ़ोतरी हो सकती है। माना यह भी जा रहा है कि कारोबारी साल 2021-22 में विकास की दर दहाई अंकों में रह सकती है।