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रोजगार के मोर्चे पर खुशखबरी:जून तिमाही में नौकरी के ज्यादा मौके मिल सकते हैं, मार्च तिमाही से ज्यादा कंपनियों ने बनाया हायरिंग प्लान

एक वर्ष पहले
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  • 12% कंपनियों ने जून तिमाही में भर्तियां करने की मंशा जताई है
  • मार्च तिमाही में 8% कंपनियों ने भर्तियां करने की योजना बनाई थी

नौकरी ढूंढ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। उनको जून तिमाही में ज्यादा मौके मिल सकते हैं। मार्च तिमाही से ज्यादा कंपनियों ने हायरिंग करने का प्लान बनाया है। इसका पता मैनपावरग्रुप एंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे से चला है। इसके मुताबिक सबसे ज्यादा भर्तियां पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और एजुकेशन सेक्टर में हो सकती हैं। हायरिंग के मोर्चे पर इसके बाद सर्विस सेक्टर की कंंपनियों का नंबर हो सकता है।

12% कंपनियों की जून तिमाही में भर्ती की योजना

मैनपावरग्रुप ने अपना सर्वे देश की 2,375 कंपनियों पर किया है। उनमें से 12% कंपनियों ने जून तिमाही में भर्तियां करने की मंशा जताई है। मार्च तिमाही में 8% कंपनियों ने भर्तियां करने की योजना बनाई थी। सर्वे में शामिल 2% कंपनियों ने जून तिमाही में एंप्लॉयी की संख्या घटाने का फैसला किया है। 53% कंपनियां अगली तिमाही में स्टाफ जस का तस रखने वाली हैं। 33% ने हायरिंग को लेकर फिलहाल कोई प्लान नहीं बनाया है।

पिछले साल से 2% कम कंपनियों का हायरिंग प्लान

सर्वे के मुताबिक नेट बेसिस पर 10% कंपनियां जून तिमाही में भर्तियां करने के बारे में सोच रही हैं। यानी छंटनी करने वाली कंपनियों के मुकाबले इतने पर्सेंट ज्यादा कंपनियां हायरिंग करेंगी। सीजनल फैक्टर के हिसाब से एडजस्टमेंट के बाद यह आंकड़ा 9% होता है। मार्च तिमाही में 6% कंपनियों ने हायरिंग का प्लान बनाया था। लेकिन अगर सालाना आधार पर देखें तो जून तिमाही में हायरिंग के बारे में सोच रहीं कंपनियों की संख्या पिछले साल से 2% कम है।

बजट घोषणाओं का रोजगार पर पॉजिटिव असर

मैनपावरग्रुप इंडिया के ग्रुप एमडी संदीप गुलाटी के मुताबिक, 'कोविड-19 के बाद इंडियन जॉब मार्केट में अच्छी-खासी रिकवरी हुई है। बजट में हुई घोषणाओं ने रोजगार के मौकोंं पर पॉजिटिव असर डाला है। खास तौर पर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थकेयर और BFSI यानी बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस सेक्टर में नौकरियों के मौके बढ़े हैं। हालांकि रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से किए गए खर्च का असर दिसंबर और मार्च क्वॉर्टर में दिखेगा।'

बड़ी कंपनियों में भर्तियों का सबसे ज्यादा रुझान

सर्वे के मुताबिक, भर्तियों का सबसे ज्यादा रुझान बड़ी कंपनियों के बीच बना है। जून क्वॉर्टर में 10% (250 से ज्यादा एंप्लॉयी वाली) बड़ी कंपनियों ने हायरिंग का प्लान बनाया है। ऐसे प्लान वाली मझोली कंपनियों का प्रतिशत 8% और छोटी कंपनियों का प्रतिशत 6% है। जिन सेक्टर में सबसे ज्यादा भर्तियां हो सकती हैं उनमें पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और एडुकेशन टॉप पर है। इस सेक्टर की 10% कंपनियों ने जून तिमाही में हायरिंग करने का प्लान बनाया है।

सर्विस सेक्टर की 9% कंपनियों की भर्तियों की मंशा ​​

सर्विस सेक्टर की 9% कंपनियां और फाइनेंस, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्टेशन और यूटिलिटी सेक्टर की 6% कंपनियां हायरिंग करने के बारे में सोच रही हैं। इनके अलावा माइनिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की 5% कंपनियों और होलसेल और रिटेल सेक्टर की 2% कंपनियों ने जून में भर्तियों की योजना बनाई है।

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