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सस्ता हुआ कर्ज:होम लोन की ब्याज दरें सबसे निचले स्तर पर पहुंचीं, टैक्स और पीएमएवाई के लाभ के बाद 2.5% की दर पर आ गया इंटरेस्ट रेट

मुंबईएक वर्ष पहले
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  • प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ के लिए अगर आप योग्य नहीं हैं तो ब्याज दरें 4% के आस पास पड़ेंगी
  • अगर आप प्रधानमंत्री आवास योजना और टैक्स दोनों का लाभ नहीं लेते हैं तो यह ब्याज दर 6.80% पर पड़ेगी

(अजीत सिंह) आपने शायद कल्पना नहीं की होगी न ही कभी सुना होगा। देश में होम लोन की ब्याज दरें अब 2.5 प्रतिशत तक पहुंच गई हैं। अगर आप 27 लाख रुपए का लोन लेते हैं और इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई), टैक्स पर छूट जोड़ देते हैं तो आपको 2.5 प्रतिशत पर लोन मिल रहा है। अगर आप पीएमएवाई के योग्य नहीं हैं तो फिर यह दरें आपको 4 प्रतिशत तक हो सकती हैं।

हालांकि अगर कोई टैक्स छूट नहीं होती है तो फिर आपको यह ब्याज दर 6.80 पड़ेगी। यानी तीनों स्थितियों में होम लोन की ब्याज दरें इस समय ऑल टाइम लो पर हैं। यह उस स्तर पर है जो कभी नहीं हुआ था।

कैसे मिलेगा 2.5 प्रतिशत पर होम लोन

यह गणना 7.50 प्रतिशत के आधार पर है जो मार्च में ब्याज दर थी। अगर हम वर्तमान की 6.90 प्रतिशत की ब्याज दर की गणना करेंगे तो 2.9 की दर आपको 2.5 के करीब पड़ जाएगी
यह गणना 7.50 प्रतिशत के आधार पर है जो मार्च में ब्याज दर थी। अगर हम वर्तमान की 6.90 प्रतिशत की ब्याज दर की गणना करेंगे तो 2.9 की दर आपको 2.5 के करीब पड़ जाएगी

आप इसके लिए इस चार्ट को देख सकते हैं। यह चार्ट हालांकि 7.5 प्रतिशत के होम लोन की ब्याज दर पर है। इस साल मार्च में होम लोन की यही दर थी। इस चार्ट में साल 2000, 2002 और 2020 की तुलना की गई है। इसके अनुसार साल 2000 में आप 27 लाख के होम लोन पर 3.57 लाख रुपए ब्याज चुकाते थे। 2002 में यह 2.90 लाख रुपए हो गई और अब यह ब्याज राशि 1.85 लाख रुपए है।

साल 2000 में ऐसे कटता था मूलधन और ब्याज

इसी तरह 2000 में आपकी कुल ईएमआई पर साल भर में मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) 27,630 रुपए कटता था। 2002 में 38,694 रुपए मूलधन कटने लगा लेकिन अब यह 1.50 लाख रुपए कटता है। आप साल 2000 में 32,775 रुपए टैक्स बचाते थे। 2002 में यह 53,550 रुपए हो गया। जबकि अब यह 108,150 रुपए हो गया। साल 2000 में इफेक्टिव (प्रभावी) ब्याज की दर 12 प्रतिशत हुआ करती थी।

साल 2002 में ब्याज दर 8.8 प्रतिशत हुई

2002 में यह 8.8 प्रतिशत हुई जबकि अब 2.9 प्रतिशत हुई। यह गणना 7.50 प्रतिशत पर है। अगर हम इसे 6.95 पर गणना करते हैं तो यह ब्याज दर 2.50 प्रतिशत पर पहुंच जाती है। दरअसल सीएलएसएस सब्सिडी के रूप में आपको 230,156 रुपए का लाभ मिलता है। जबकि ब्याज पर तमाम छूट भी साल में मिलती है। इस तरह से आपको कई तरह के लाभ मिलते हैं जो होम लोन में लागू होता है।

साल 2002 से 2004 के बीच दरों में तेजी से बदलाव

आंकड़े बताते हैं कि 23 दिसंबर 2003 से 9 फरवरी 2004 के बीच 2.99 लाख रुपए के लोन पर ब्याज दर 7.50 प्रतिशत हुआ करती थी। जबकि 3 लाख और उससे ज्यादा के लोन पर ब्याज दर 7.50 प्रतिशत होती थी। इसी तरह 10 फरवरी 2003 से 18 नवंबर 2004 के बीच 2.99 लाख रुपए के लोन पर ब्याज दर 7.75 प्रतिशत और 3 लाख से ऊपर के लोन पर ब्याज दर 7.25 प्रतिशत होती थी। 19 नवंबर 2004 से 15 जून 2005 के बीच 9.99 लाख के लोन पर ब्याज दर 7.75 प्रतिशत थी जबकि 10 लाख से ऊपर के लोन पर ब्याज दर 7.25 प्रतिशत थी।

2003 से 2005 के दौरान कुछ समय के लिए ब्याज दरें निचले स्तर पर थीं

इसी तरह दिसंबर 2003 से जून 2005 के दौरान ब्याज दरें सबसे निचले स्तर पर थीं। हालांकि यह कुछ समय के लिए ही थी। लेकिन पिछले 15 सालों में कैपिटल प्रोविजनिंग से यह दरें बढ़ती गईं। वर्तमान ब्याज दरें 2003 से 2005 के स्तर पर पहुंच गई हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री समीर नारंग कहते हैं कि एक अक्टूबर से बैंकों ने रिटेल लोन के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (ईबीएलआर) की शुरुआत की। ज्यादातर बैंक की दरें आरबीआई के रेपो रेट से जुड़ी हुई हैं। हाल में रेपो रेट में तेजी से कमी हुई जिसकी वजह से होम लोन की ब्याज दरें भी नीचे आ गईं।

ब्याज दरें अब रेपो रेट से जुड़ी हैं

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एमडी एवं सीईओ ए.एस. राजीव कहते हैं कि बाजार से जुड़ी ब्याज दरों के कारण यह स्थिति आई है। यूनियन बैंक के एम.डी. आर.के राय कहते हैं कि होम लोन की ब्याज दरों में गिरावट इसलिए आई है क्योंकि बैंक की दरें रेपो से जुड़ी हुई हैं। इसलिए जब भी रेपो रेट में कटौती होती है यह दरें नीचे आ जाती हैं। हाल में आरबीआई ने रेपो की दरों में तेजी से ज्यादा कटौती की है।

बैंकों के फंड की लागत घट गई है

एसबीआई के एक अधिकारी के मुताबिक हमारे बैंक की फंड की लागत इस समय निचले स्तर पर है। शुद्ध ब्याज मार्जिन काफी ज्यादा है। एसबीआई इसलिए 6.95 प्रतिशत की ब्याज दर पर होम लोन दे रही है। ब्याज मार्जिन का मतलब उधारी पर ली जाने वाली ब्याज और डिपॉजिट पर दी जाने वाली ब्याज से होता है। बैंकिंग सेक्टर के जानकार कहते हैं कि मूलधन का पेमेंट, ब्याज का पेमेंट और प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के कारण ब्याज दरें निचले स्तर पर आ गई हैं। यह शायद इतिहास में अब तक की सबसे निचले दर की ब्याज है।

पीएमएवाई पर 2.67 लाख रुपए की सुविधा

अगर किसी ने पीएमएवाई की सुविधा नहीं ली तो उसे यह ब्याज दर थोड़ी बढ़ जाएगी जो 4 प्रतिशत पर होगी। पीएमवाई पर 2.67 लाख रुपए की सब्सिडी मिलती है। मार्च तक होम लोन की ब्याज दरें 7.50 प्रतिशत पर ही थीं। हालांकि साल 2004-05 में 7.25 प्रतिशत पर कुछ समय के लिए होम लोन की ब्याज दरें थीं। देश में प्रमुख बैंकों और एनबीएफसी की ब्याज दरों की बात करें तो एचडीएफसी लिमिटेड, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक 6.95 प्रतिशत पर होम लोन दे रहे हैं। जबकि एक्सिस बैंक 7.75 प्रतिशत पर, एलआईसी हाउसिंग 6.90 प्रतिशत पर होम लोन दे रहा है।

यूनियन बैंक 6.80 के साथ सबसे कम दर पर होम लोन दे रहा है। इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस की ब्याज दर 8.99 प्रतिशत जबकि कैन फिन की ब्याज दर 8.80 प्रतिशत है।

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