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काम की बात:होम लोन मिलने में आ रही है परेशानी, को-एप्‍लीकेंट जोड़ने सहित ये 6 काम करने पर आसानी से मिलेगा कर्ज

नई दिल्ली10 महीने पहले
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कई बार देखा जाता है कि व्यक्ति लोन लेकर घर खरीदना चाहता है, लेकिन कमजोर क्रेडिट स्कोर (सिबिल स्कोर) या नियमित आय के कारण उनको लोन नहीं मिल पाता है। अगर आपके साथ भी यही परेशानी हो रही है तो आप को-एप्‍लीकेट जोड़कर और फिक्स ऑब्लिगेशन टू इनकम रेश्यो जैसी बातों का ध्यान रखकर आसानी से लोन के पा सकते हैं। हम आपको आज कुछ ऐसी बातों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आपको आसानी से लोन मिल सकेगा।

कम लोन के लिए करें अप्लाई
कम लोन-टू-वैल्‍यू (LTV) रेशियो आपको आसानी से लोन दिला सकता है। इसका मतलब है कि घर खरीदने के लिए आपको अपना कॉन्ट्रिब्‍यूशन ज्‍यादा रखना होगा। कम एलटीवी रेशियो चुनने से प्रॉपर्टी में खरीदार का कॉन्ट्रिब्‍यूशन बढ़ जाता है। इससे बैंक का जोखिम कम होता है। वहीं, कम EMI से लोन की अफोर्डेबलिटी बढ़ती है। इससे आपको लोन मिलने की चांस बढ़ जाएंगे।

को-एप्‍लीकेंट जोड़ें
को-एप्‍लीकेंट जोड़ने से कर्ज देने वाली संस्‍थान का जोखिम कम हो जाता है। यह कोई ऐसा व्‍यक्ति हो सकता है जिनकी स्‍थायी इनकम हो और अच्‍छा क्रेडिट स्‍कोर हो। लोन की रकम तब त‍क नहीं बढ़ेगी जब तक वे अच्‍छी कमाई वाले को-एप्‍लीकेंट को नहीं जोड़ते हैं। को-एप्‍लीकेंट को जोड़ने से लोन अप्रूव होने के चांस बढ़ जाते हैं।

सिक्‍योर्ड लोन के लिए करें अप्लाई
जो लोन किसी एसेट की गारंटी पर लिया जाता है, उसे सिक्योर्ड लोन कहते हैं। कोई व्‍यक्ति प्रॉपर्टी, गोल्ड, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), शेयर, म्यूचुअल फंड या PPF आदि जैसे एसेट्स पर लोन ले सकता है। अनसिक्‍योर्ड लोन के मुकाबले सिक्योर्ड लोन के लिए नियम थोड़े नरम होते हैं।

संबंधित बैंक में लोन के लिए करें आवेदन
अगर आपकी रेगुलर इनकम नहीं है या क्रेडिट स्कोर खराब है तो आपको इसी बैंक में लोन के लिए आवेदन करना चाहिए जहां आपका अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हो। अगर आप उसी बैंक से लोन ले लिए अप्लाई करते हैं तो लोन मिलना आसान हो सकता है।

फिक्स ऑब्लिगेशन टू इनकम रेश्यो का रखें ध्यान
जब हम बैंक में लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो बैंक फिक्स ऑब्लिगेशन टू इनकम रेश्यो (FOIR) भी देखता है। इससे पता चलता है कि आप हर महीने लोन की कितने रुपए तक की किस्त दे सकते हैं। FOIR से पता चलता है कि आपकी पहले से जा रही ईएमआई, घर का कि‍राया, बीमा पॉलि‍सी और अन्‍य भुगतान मौजूदा आय का कि‍तना फीसदी है। अगर लोन दाता को आपके ये सभी खर्च आपकी सैलरी के 50% तक लगते हैं तो वह आपकी लोन एप्‍लि‍केशन को रि‍जेक्‍ट कर सकते है। इसीलिए यह ध्यान भी रखें की लोन की रकम इससे ज्यादा न हो।

NBFC में भी कर सकते हैं आवेदन
यदि आपको बैंक से लोन मिलने में परेशानी हो रही है तो NBFC में लोन के लिए आवेदन करना ठीक रहेगा। क्योंकि वे कम क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को भी लोन देती हैं। हालांकि NBFC द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर बैंकों द्वारा दी जाने वाली पेशकश की तुलना में अधिक होती हैं।

ये बैंक कम ब्याज दर पर दे रहे लोन

बैंकब्याज दर (%)
बैंक ऑफ बड़ौदा6.50
कोटक महिंद्रा6.55
LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड6.66
SBI6.70
ICICI6.70
HDFC बैंक6.70
एक्सिस6.75
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया6.80
पंजाब नेशनल बैंक6.80