1997 में हुई थी स्थापना:कार निर्माता कंपनी होंडा कार्स ने ग्रेटर नोएडा प्लांट में उत्पादन रोका, अब कंपनी का देश में सिर्फ एक प्लांट बचा

नई दिल्ली10 महीने पहले
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नवंबर 2020 में HCIL ने घरेलू बाजार में 9,990 यूनिट्स की बिक्री की है। नवंबर 2019 की 6,459 यूनिट्स के मुकाबले इस साल 55% की ग्रोथ रही है। - Dainik Bhaskar
नवंबर 2020 में HCIL ने घरेलू बाजार में 9,990 यूनिट्स की बिक्री की है। नवंबर 2019 की 6,459 यूनिट्स के मुकाबले इस साल 55% की ग्रोथ रही है।
  • ग्रेटर नोएडा प्लांट में कंपनी का कॉरपोरेट हेड ऑफिस चलता रहेगा
  • होंडा सिटी, CR-V और सिविक मॉडल की कारों का उत्पादन होता था

प्रमुख कार निर्माता कंपनी होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड (HCIL) ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित प्लांट से उत्पादन बंद कर दिया है। इंडस्ट्री सूत्रों ने यह जानकारी दी है। HCIL जापान की होंडा मोटर कंपनी की सब्सिडियरी है। कंपनी ने 1997 में ग्रेटर नोएडा प्लांट की स्थापना की थी।

प्लांट में कॉरपोरेट ऑफिस चलता रहेगा

इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा प्लांट में HCIL का कॉरपोरेट हेड ऑफिस पहले की तरह चलता रहेगा। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स डिविजन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर भी कार्य करते रहेंगे। हालांकि, कंपनी ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब कंपनी अपनी कारों की पूरी रेंज के उत्पादन के लिए राजस्थान की तापूकारा प्लांट पर निर्भर हो गई है।

इस साल की शुरुआत में लॉन्च की थी VRS स्कीम

HCIL ने अपने मैन्युफैक्चरिंग लाइन एसोसिएट्स के लिए इस साल की शुरुआत में वॉलेंट्री रिटायरमेंट स्कीम (VRS) लॉन्च की थी। इस स्कीम का मकसद प्रोडक्टिविटी और कार्यक्षमता में बढ़ावा लाना था। कंपनी होंडा सिटी, होंडा CR-V और होंडा सिविक जैसी कारों का उत्पादन ग्रेटर नोएडा प्लांट में करती थी। इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 1 लाख यूनिट सालाना थी।

तापूकारा प्लांट की क्षमता 1.8 लाख यूनिट सालाना

राजस्थान के तापूकारा में स्थित प्लांट की क्षमता 1.8 लाख यूनिट सालाना है। इसके अलावा इस प्लांट में दूसरे देशों को निर्यात किए जाने वाले इंजनों का उत्पादन भी होता है। नवंबर 2020 में HCIL ने घरेलू बाजार में 9,990 यूनिट्स की बिक्री की है। नवंबर 2019 की 6,459 यूनिट्स के मुकाबले इस साल 55% की ग्रोथ रही है।