कोविड-19 इफेक्ट:होटल इंडस्ट्री पर कोरोना संकट; जनवरी-सितंबर के बीच हाॅस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का प्रति कमरे का 53% रेवेन्यू गिरा

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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कोरोनावायरस और लॉकडाउन के चलते भारत के हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री नुकसान में है। कोविड -19 महामारी के कारण जनवरी-सितंबर के दौरान होटल उद्योग का राजस्व प्रति वर्ष 53 फीसदी पर गिर गया। संपत्ति सलाहकार जेएलएल की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

जेएलएल ने अपने एक बयान में कहा है कि भारत के हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ने कोविड-19 महामारी के प्रभाव के कारण पिछले साल की समान अवधि में जनवरी से सितंबर 2020 के दौरान रेवेन्यू प्रति उपलब्ध कमरे (रेवप्र) में 52.8 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

JLL के होटल मोमैंटम इंडिया (HMI) सितंबर तिमाही 2020 के अनुसार, इन्वेंट्री वॉल्यूम के लिहाज से ब्रांड साइनिंग में इस साल पिछले साल की समान अवधि की तिमाही की तुलना में 19 फीसदी की गिरावट आई है।

भारत के सभी प्रमुख 11 बाजारों ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में 2020 की तीसरी तिमाही में रेवप्र के प्रदर्शन में कमी दर्ज की गई। पिछले 2020 में इसी अवधि में 88.1 फीसदी की गिरावट के साथ, बेंगलुरू ने 2020 की तीसरी तिमाही में रेवप्र में सबसे तेज गिरावट देखी।

होटल एंड हॉस्पिटैलिटी ग्रुप (इंडिया), जेएलएल के प्रबंध निदेशक जयदीप डांग ने कहा कि निवेशक कारोबार और वेकेशन स्पॉट में ऑपरेटिंग के अवसर तलाश रहे हैं। हालांकि, अर्थव्यवस्था के चरणबद्ध अनलॉक के साथ ही मांग में वृद्धि देखी गई है।

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