गर्मी में आइसक्रीम खाना महंगा:कीमतों में 5-10% का इजाफा, बिक्री में 2 सालों के बाद सबसे ज्यादा उछाल

नई दिल्ली3 महीने पहले
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आइसक्रीम की बढ़ती कॉस्ट और डिमांड की वजह से इसकी सप्लाई में कमी आ रही है। इस वजह से ज्यादातर कंपनियों ने आइसक्रीम की कीमतों में 5-10% का इजाफा किया है। साथ ही आइसक्रीम कंपनियों ने 30% तक प्रोडक्शन भी बढ़ाया है। कंपनियों का कहना है कि बढ़ती गर्मी की वजह से साल 2019 के मुकाबले पिछले तीन महीनों में आइसक्रीम की बिक्री 45% तक बढ़ी है।

कर्नाटक हेडक्वार्टर्स वाले हांग्यो आइसक्रीम के MD प्रदीप जी पाई ने बताया कि शहरों में आइसक्रीम मैन्युफैक्चरर का सलाना कारोबार मार्च से जून तक की बिक्री का कॉन्ट्रीब्यूशन 45-50% रहा।

आइसक्रीम डिमांड 11,000 करोड़ रुपए तक होगी
इंडियन आइसक्रीम मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के मुताबिक 2022 में ज्यादा डिमांड की वजह से इंडस्ट्री के 9,000 करोड़ रुपए के अनुमान की बजाय 11,000 करोड़ रुपए के करीब पहुंचने की उम्मीद है।

यह बात 80 प्राइवेट आइसक्रीम मैन्युफैक्चरर को लीड करने वाले एसोसिएशन ने कही। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली NCR, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे शहरों में सबसे ज्यादा आइसक्रीम खरीदी गई।बढ़ती डिमांड की वजह बढ़ती गर्मी, रेस्टोरेंट, ऑफिस और स्कूल-कॉलेजों का खुलना रहा। दूध वाली आईसक्रीम और डेयरी बेस्ड बेवरेज दोनों में 35-40% ग्रोथ देखी गई। आइसक्रीम की बिक्री में तेजी 2 सालों के बाद आई है।

आइसक्रीम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री

आइसक्रीम बनाने के लिए दूध, दूध का पाउडर, क्रीम, चीनी, मक्खन और अंडे जैसी चीजों की जरूरत पड़ती है। इन सब चीजों के अलावा आपको कलर पाउडर और फ्लेवर पाउडर की भी जरूरत पड़ती है। इसके अलावा क्रीम, शुगर जैसी चीजें किसी भी दुकान से खरीदी जा सकती हैं। वहीं इन सब चीजों के दाम एक जैसे नहीं रहते हैं और बदलते रहते हैं।

आइसक्रीम बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन

  • फ्रिज (ज्यादा कैपेसिटी वाला)
  • मिक्सर
  • थर्मोकोल आइस कूलर बॉक्स
  • कूलर कंडेंसर
  • ब्रिने टैंक

आइसक्रीम बनाने की प्रोसेस

मिक्चर बनाना
आइसक्रीम का मिक्चर तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले ब्लेंडर में दूध, अंडे और चीनी को डालना होगा और इन सब चीजों को अच्छे से मिलाना होगा।

पश्चुरिकरण प्रोसेस
पश्चुराईस प्रोसेस में मिक्चर में मौजूदा पैथोजेनिक बैक्टीरिया को मारा जाता है। क्योंकि ये बैक्टीरिया सेहत के लिए ठीक नहीं होते हैं। इस प्रोसेस में दूध को अच्छे से उबाला जाता है।

होमोजीनाइजेशन प्रोसेस
होमोजीनाइजेशन प्रोसेस में दूध में मौजूद वसा को खत्म किया जाता है। इस प्रोसेस में दूध को यूनिफार्म टैक्शचर दिया जाता है। इस प्रोसेस के बाद दूध के मिक्चर को कम से कम 4 घंटे या रात भर 5 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाता है। ऐसा करने से मिक्चर की व्हिप्पिंग प्रॉपर्टीज अच्छी हो जाती है।

लिक्विड फ्लेवर एंड कलर्स
इसमें मिक्चर में कलर्स और लिक्विड फ्लेवर्स को मिलाया जाता है। दूध के मिक्चर में इनको मिलाए जाने के बाद इन्हें फ्रिजर की मदद से जमाया जाता है। आइसक्रीम के जम जाने के बाद इन्हें पैक कर दिया जाता है।