शिकंजा / वीडियोकॉन लोन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने चंदा कोचर से की पूछताछ



चंदा कोचर (फाइल फोटो) चंदा कोचर (फाइल फोटो)
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चंदा कोचर (फाइल फोटो)चंदा कोचर (फाइल फोटो)

  • यह पहली बार है जब चंदा कोचर को ईडी के दिल्ली आफिस में समन किया गया
  • 1,875 करोड़ रुपए के लोन मामले में उनके पति दीपक कोचर से भी ईडी ने किए सवाल 

Dainik Bhaskar

May 13, 2019, 12:56 PM IST

नई दिल्ली. आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली स्थित मुख्यालय में पेश हुए। वीडियोकॉन लोन मामले में उनसे पूछताछ की गई। यह पहली बार है जब कोचर दंपती को पूछताछ के लिए दिल्ली में तलब किया गया। इससे पहले उनसे कई बार पूछताछ की गई, लेकिन तब उन्हें मुंबई स्थित दफ्तर में समन किया गया था। दंपती सुबह 10.30 बजे ईडी के दफ्तर में पहुंच गए थे। 

 

वीडियोकॉन और न्यूपावर रिन्यूएबल्स के लेनदेन पर निगाह 
2012 में वीडियोकॉन ग्रुप को आईसीआईसीआई बैंक ने 1,875 करोड़ रुपए का लोन दिया था। इसी मामले में ईडी कार्रवाई कर रहा है। एजेंसी वीडियोकॉन और न्यूपावर रिन्यूएबल्स के बीच हुए लेन-देन को भी खंगाल रही है। न्यूपावर चंदा के पति दीपक की कंपनी है।

 

धूत ने किया था दीपक की कंपनी में निवेश
सूत्रों का कहना है कि वीडियोकॉन के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत ने लोन के बदले दीपक कोचर की कंपनी में निवेश किया था। दीपक समेत उनके परिवार के सदस्यों को धूत ने वित्तीय फायदे पहुंचाए थे। इससे पहले फरवरी में ईडी ने कोचर दंपती और धूत समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ के मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत केस दर्ज किया था।

 

मार्च में ईडी ने कई जगहों पर मारे थे छापे
ईडी ने मार्च में चंदा कोचर, उनके पति दीपक और धूत के कई ठिकानों पर रेड की थी। एजेंसी उन दस्तावेजों को खंगाल रही है, जिनमें 
वीडियोकॉन के न्यूपावर रिन्यूएबल्स से लेनदेन का ब्योरा है। 

 

सीबीआई भी दर्ज कर चुकी है केस
जनवरी में सीबीआई ने भी कोचर दंपती और वेणुगोपाल धूत के खिलाफ केस दर्ज किया था। एजेंसी ने वीडियोकॉन के मुंबई-औरंगाबाद स्थित दफ्तरों और दीपक के ठिकानों पर छापे भी मारे थे। कुछ दिनों पहले सीबीआई ने चंदा कोचर के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया था। 

 

आईसीआईसीआई ने वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपये दिए थे
वीडियोकॉन ग्रुप को कुल 40 हजार करोड़ रुपये का लोन दिया गया था। इनमें से 3250 करोड़ रुपये आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से जारी किए गए थे, लेकिन 2017 तक इसमें से बहुत सारा पैसा चुकता ही नहीं किया गया।

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