• Hindi News
  • Business
  • If You Are Planning To Get RD, Then First Know Where To Invest Post Office Or SBI Will Be More Beneficial

सुरक्षित निवेश:RD कराने का बना रहे हैं प्लान तो पहले जान लें पोस्ट ऑफिस या SBI में से कहां निवेश करना रहेगा ज्यादा फायदेमंद

नई दिल्ली5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

इस महंगाई वाले समय में मंथली सैलरी वालों के लिए बड़ा फंड तैयार कर पाना आसान काम नहीं होता है। लेकिन आप हर महीने थोड़ी बचत करके ऐसा कर सकते हैं। इसमें रिकरिंग डिपॉजिट यानी RD आपकी मदद कर सकता है। इस स्कीम के तहत आप छोटी-छोटी सेविंग्स करके बड़ी रकम तैयार कर सकते हैं। आज हम आपको पोस्ट ऑफिस RD और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की RD के बारे में बता रहे हैं।

सबसे पहले समझें RD क्या है?
रिकरिंग डिपॉजिट या RD बड़ी बचत में आपकी मदद कर सकती है। आप इसका इस्‍तेमाल गुल्लक की तरह कर सकते हैं। मतलब आप इसमें हर महीने सैलरी आने पर एक निश्चित रकम डालते रहें और इसके मेच्योर होने पर आपके हाथ में बड़ी रकम होगी। इसका मेच्योरिटी पीरियड आमतौर पर 6 महीने से 10 साल के बीच रहता है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) RD से जुड़ी खास बातें

  • SBI में आप 1 साल से लेकर 10 साल तक के लिए निवेश कर सकते हैं।
  • SBI RD पर अधिकतम 5.4% अधिकतम ब्याज मिल रहा है।
  • सीनियर सिटीजन को इस पर 0.50% ज्यादा ब्याज मिलता है।
  • इसमें मिनिमम 100 रुपए हर महीने निवेश कर सकते हैं।
  • इससे ज्यादा 10 के मल्टीपल में आप कोई भी रकम जमा करा सकते हैं। मैक्सिमम जमा राशि की कोई लिमिट नहीं है। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

किस साल के लिए निवेश करने पर मिलेगा कितना ब्याज

अवधिब्याज दर (% में)
1 साल से 2 साल से कम4.9
2 साल से 3 साल से कम5.1
5 साल से 5 साल से कम5.3
5 साल से 10 साल से कम5.4

पोस्ट ऑफिस RD से जुड़ी खास बातें

  • इसमें 5 साल के लिए निवेश करना होता है। हालांकि आप इसे अपने हिसाब से आगे बढ़ा सकते हैं।
  • अगर आप 5 साल से पैसा निकालते हैं तो आपको पैनल्टी देनी होगी।
  • इंडिया पोस्ट की RD पर 5.8% ब्याज मिल रहा है।
  • इसमें मिनिमम 100 रुपए हर महीने निवेश कर सकते हैं।
  • इससे ज्यादा 10 के मल्टीपल में आप कोई भी रकम जमा करा सकते हैं। मैक्सिमम जमा राशि की कोई लिमिट नहीं है। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

RD से ब्याज पर टैक्स
रिकरिंग डिपॉजिट (RD) से होने वाली ब्याज आय अगर 40000 रुपए (सीनियर सिटीजन के मामले में 50000 रुपए) तक है तो इस पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता। इससे ज्यादा आय होने पर 10% TDS काटा जाता है।