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आपके फायदे की बात:टैक्स बचाने के साथ चाहते हैं बेहतर रिटर्न तो PPF या ELSS में कर सकते हैं निवेश, यहां जानें इनसे जुड़ी खास बातें

नई दिल्ली2 महीने पहले
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अगर आप अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं, जहां आपको FD से ज्यादा रिटर्न के साथ टैक्स छूट का भी फायदा मिले तो आप पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) में पैसा लगा सकते हैं। इन दोनों स्कीम्स में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है। हम आपको इन दोनों स्कीम्स के बारे में बता रहे हैं।

PPF में मिल रहा 7.1% ब्याज

  • इस स्कीम को बैंक या पोस्ट ऑफिस में कहीं भी खोला जा सकता है। इसके अलावा इसे किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर किया जा सकता है।
  • इसे खोला तो केवल 500 रुपए से जा सकता है, लेकिन फिर बाद में हर साल 500 रुपए एक बार में जमा करना जरूरी है।
  • इस अकाउंट में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए ही जमा किए जा सकते हैं।
  • यह स्कीम 15 साल के लिए है, जिससे बीच में नहीं निकला जा सकता है। इसे 15 साल के बाद 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
  • इसे 15 साल के पहले बंद नहीं किया जा सकता है, लेकिन 3 साल बाद से इस अकाउंट के बदले लोन लिया जा सकता है।
  • ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन माह में सरकार करती है। ब्याज दरें कम या ज्यादा हो सकती हैं। फिलहाल इस अकाउंट पर 7.1% ब्याज मिल रहा है।
  • ये निवेश EEE की श्रेणी में आता है। यानी योजना में किए गए पूरे निवेश के साथ ही इसमें मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी रकम पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं देना होता।

ELSS में रहता है 3 साल का लॉक-इन पीरियड

  • इसमें 1.5 लाख रुपए की अधिकतम टैक्स छूट ली जा सकती है, लेकिन अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।
  • इस इनकम टैक्स बचाने वाली स्कीम में निवेश 3 साल के लिए लॉक-इन रहता है। इसके बाद निवेशक चाहे तो यह पैसा निकाल सकता है। तीन साल के बाद चाहें तो पूरा पैसा निकाल लें या जितनी जरूरत हो उतना पैसा निकाल लें और बाकी पैसा इस ELSS में जब तक चाहें बना रहने दें।
  • ELSS केवल 3 साल के लिए लॉक-इन होता है, लेकिन अगर निवेशक इसमें डिविडेंट पे-आउट का ऑप्शन लेता है तो उन्हें बीच-बीच में पैसा मिलता रहेगा। हालांकि इनकम टैक्स बचाने वाली ELSS स्कीम से बीच में पैसा निकाला नहीं जा सकता है।
  • ELSS में सिस्‍टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP या सिप) के जरिए 500 रुपए से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है।
  • म्यूचुअल फंड से एक साल में मिलने वाले 1 लाख रुपए तक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को आयकर से छूट है।
  • म्यूचुअल फंड कंपनी ये स्कीम चला रही है। इसे ऑनलाइन घर बैठे-बैठे या किसी एजेंट के माध्यम से खरीदा जा सकता है।

इन ELSS फंड्स ने बीते सालों में दिया शानदार रिटर्न

फंड हाउस1 साल में रिटर्न (%)पिछले 3 साल में सालाना औसत रिटर्न (%)पिछले 5 साल में सालाना औसत रिटर्न (%)
क्वांट टैक्स सेवर फंड86.332.524.8
DSP टैक्स सेवर फंड67.821.717.9
BOI AXA टैक्स एडवांटेज फंड67.225.421.9

मिराए एसेट टैक्स सेवर

64.824.122.9
केनरा रोबेको इक्विटी टैक्स सेवर60.523.420.1

कहां करें निवेश?
दोनों ही जगह निवेश करके इनकम टैक्स बचाया जा सकता है। इसके अलावा दोनों स्कीम की अपनी खासियत और कमियां हैं। ऐसे में अगर कोई इनकम टैक्स बचाने में थोड़ा सा रिस्क लेना चाहता है उनके लिए ELSS बेहतर विकल्प हैं। वहीं अगर आप मार्केट के रिस्क से दूर रहना चाहते हैं तो PPF में निवेश करना सही रहेगा।

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