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आपके फायदे की बात:निवेश पर चाहिए ज्यादा रिटर्न तो 'फंड ऑफ फंड्स' में लगाएं पैसा, बीते 1 साल में दिया 51% तक का रिटर्न

नई दिल्ली2 महीने पहले
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बढ़ती महंगाई में अगर आप अपने निवेश पर फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं तो आप म्यूचुअल फंड की 'फंड ऑफ फंड्स' कैटेगरी में निवेश कर सकते हैं। इसने बीते 1 साल में 51% तक का रिटर्न दिया है। आज हम आपको म्यूचुअल फंड की इस कैटेगरी के बारे में बता रहे हैं।

'फंड ऑफ फंड्स' क्या हैं?
फंड ऑफ फंड्स म्यूचुअल फंड की ऐसी स्कीम्स हैं जो दूसरी म्यूचुअल फंड स्कीम्स में निवेश करती हैं। लेकिन यह इंडेक्स फंड्स और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) तक सीमित नहीं है। उदाहरण के लिए अगर फंड मैनेजर सोने में निवेश करना चाहता है तो वह सोने में निवेश करने वाली गोल्ड स्कीम में पैसा लगाएगा, फंड मैनेजर जिस भी स्कीम में पैसा लगाना चाहे लगा सकता है।

इसका मतलब यह है कि फंड ऑफ फंड्स म्यूचुअल फंड की ऐसी स्कीम्स है जो दूसरी स्कीम्स में निवेश करती हैं। वह किसी एक स्कीम में पैसा लगाने के लिए बाध्य नहीं होती हैं। फंड ऑफ फंड्स में कंपनी के शेयर या बॉन्ड नहीं होते हैं, फंड ऑफ फंड्स अन्य स्कीम्स की यूनिट होल्ड करते हैं। एक फंड ऑफ फंड्स मैनेजर अपने फंड हाउस या अन्य फंड हाउस की कई स्कीम्स में निवेश कर सकता है।

इसमें रहती है ज्यादा फायदे की संभावना
इसमें निवेश का सबसे बड़ा फायदा छोटे निवेशकों को है जो धन की कमी के कारण निवेश के अलग-अलग विकल्पों में निवेश नहीं कर पाते हैं। वे इस स्कीम के जरिये अपने पोर्टफोलियो को कम राशि में डायवर्सिफाई कर सकते हैं। निवेश पर अधिक लाभ कमाने की संभावना बढ़ जाती है।

कई तरह के होते हैं 'फंड ऑफ फंड्स'?
फंड ऑफ फंड्स तीन तरह के हो सकते हैं। एक जो इक्विटी में निवेश करते हैं। दूसरे जो डेट फंड में पैसा लगाते हैं। तीसरे वे जिनका निवेश अंतरराष्ट्रीय बाजारों में होता है। ये तीन प्रकार तकरीबन सभी एसेट क्लास को कवर कर लेते हैं।

कितना देना होता है टैक्स?
12 महीने से कम समय में निवेश भुनाने पर इक्विटी फंड्स से कमाई पर शार्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स लगता है। यह मौजूदा नियमों के हिसाब से कमाई पर 15% तक लगाया जाता है। अगर आपका निवेश 12 महीनों से ज्यादा के लिए है तो इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) माना जाएगा और इस पर 10% ब्याज देना होगा।

SIP के जरिए निवेश करना रहेगा सही
रूंगटा सिक्‍योरिटीज के CFP और पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट हर्षवर्धन रूंगटा कहते हैं कि म्यूचुअल फंड में एक साथ पैसा लगाने की बजाए सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP द्वारा निवेश करना चाहिए। SIP के जरिए आप हर महीने एक निश्चित अमाउंट इसमें लगाते हैं। इससे रिस्क और कम हो जाता है क्योंकि इस पर बाजार के उतार चढ़ाव का ज्यादा असर नहीं पड़ता।

इसमें किसे निवेश करना चाहिए?
वो लोग जो म्यूचुअल फंड में कम पैसा निवेश करने के साथ अपने पोर्टफोलियो को डायवर्स‍िफाई करना चाहते हैं उनका इसमें निवेश करना सही रहेगा। इसके अलावा ये उन लोगों के लिए भी सही है जिन्हें म्यूचुअल फंड के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, क्योंकि इसमें एक विश्वस्तरीय फंड मैनेजर आपके पैसों को संभालता है। इससे भी आपका जोखिम कम हो जाता है।

इन 'फंड ऑफ फंड्स' ने दिया बढ़िया रिटर्न

फंड का नाम1 साल में कितना रिटर्न (%)बीते 3 साल में औसत सालाना रिटर्न (% में)बीते 5 साल में औसत सालाना रिटर्न (% में)
ICICI प्रूडेंशियल निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड51.717.515.0
IDBI निफ्टी जूनियर इंडेक्स फंड51.617.314.4
ICICI प्रूडेंशियल एडवाइजर सीरीज50.518.414.7
फ्रेंकलिन इंडिया डायनमिक PE रेशियो46.311.410.2
UTI निफ्टी इंडेक्स फंड43.921.0

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