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  • Import Of Edible Oils May Remain Lowest In Six Years, This Year May Decrease By 1 Lakh Tonnes To 13.10 Million Tonnes

कोविड और महंगाई का दबाव:खाद्य तेलों का आयात रह सकता है छह साल में सबसे कम, इस साल 1 लाख टन की गिरावट के साथ रह सकता है 1.31 करोड़ टन

नई दिल्ली3 महीने पहले
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रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेलों का आयात लगातार दूसरे साल गिरावट के साथ छह साल के निचले स्तर पर आ सकता है। यह बात आज इंडस्ट्री बॉडी सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने कही है। SEA के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर डॉ बी वी मेहता के मुताबिक इसकी वजह कोरोना वायरस से फैली महामारी और रिकॉर्ड हाई प्राइस के चलते मांग में आई गिरावट रह सकती है।

पाम, सोया और सनफ्लावर ऑयल सस्ते होने की संभावना

दुनिया में रसोई तेलों के सबसे बड़े इंपोर्टर भारत की खरीदारी कम रहने से मलेशिया के पाम ऑयल, अमेरिका के सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल के दाम में कमी आने की संभावना है। कोविड का प्रकोप होने से पहले भारत में रसोई तेलों की खपत साल दर साल बढ़ रही थी। लेकिन पिछले साल 31 अक्टूबर को खत्म होने वाले मार्केटिंग ईयर में उनका इंपोर्ट 2.1 करोड़ टन रह गया जो साल भर पहले 2.25 करोड़ टन था।

खाद्य तेलों का आयात गिरकर 1.31 करोड़ टन रह सकता है

मेहता के मुताबिक, इस मार्केटिंग र्इयर में रसोई तेलों की मांग में रिकवरी होने की संभावना नजर नहीं आ रही है, क्योंकि दाम बहुत ज्यादा है। उनका कहना है कि 2020-21 में खाद्य तेलों का आयात गिरकर 1.31 करोड़ टन पर आ सकता है, जो साल भर पहले 1.32 करोड़ टन था। उन्होंने एक ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में कहा, 'भारत का बाजार, भाव को लेकर बहुत संवेदनशील है। तेलों का दाम ऊंचा रहने से मांग में और गिरावट आ सकती है।'

पाम ऑयल का इंपोर्ट 8% बढ़कर 78 लाख टन पर पहुंच सकता है

खाद्य तेलों के आयात में गिरावट के बीच इस मार्केटिंग ईयर में पाम ऑयल का इंपोर्ट सालाना आधार पर 8% बढ़कर 78 लाख टन पर पहुंच सकता है। मेहता के मुताबिक, घरेलू बाजार में दाम कम रखने के लिए सरकार ने रिफाइंड पाम ऑयल के आयात की इजाजत दी है और क्रूड पाम ऑयल पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी घटा दी है। देश में खाद्य तेलों की कीमत पिछले एक साल में डबल हो गई है।

खाद्य तेल की दो तिहाई जरूरत आयात से पूरी होती है

गौरतलब है कि घरेलू बाजार में खाद्य तेल की दो तिहाई जरूरत आयात से पूरी होती है। यहां अधिकांश पाम ऑयल दुनिया में इसके सबसे बड़े प्रोड्यूसर- इंडोनेशिया और मलेशिया से आता है। इसके अलावा सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल जैसे बाकी तेल अर्जेंटीना, ब्राजील, उक्रेन और रूस से मंगाए जाते हैं।

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