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टैक्स की बात:कैश में ज्यादा बड़े ट्रांजेक्शन करने पर आ सकता है आयकर विभाग का नोटिस; इन 6 बातों का रखें ध्यान, नहीं तो होना पड़ सकता है परेशान

नई दिल्ली6 महीने पहले
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अगर आप बड़े कैश ट्रांजैक्शन करते हैं तो ये आपको परेशानी में डाल सकता है। बैंक में पैसे जमा करने, म्यूचुअल फंड में निवेश या क्रेडिट कार्ड का ज्यादा बिल भरने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेज सकता है। इसीलिए अगर कोई व्यक्ति बड़े कैश ट्रांजैक्शन करता है तो इसकी जानकारी उन्हें इनकम टैक्स विभाग को देनी होती है। हम आपको ऐसे 6 कैश ट्रांजैक्शन्स के बारे में बता रहे हैं ताकि आपको परेशानी का सामना न करना पड़े।

10 लाख से ज्यादा की FD करने पर
अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में एक साल में 10 लाख रुपए से ज्यादा जमा करते हैं तो आपको आयकर विभाग का नोटिस मिल सकता है। भले ही वो एक बार में जमा किए हों या कई बार में या फिर कैश ट्रांजैक्शन हों या डिजिटल। इनकम टैक्स विभाग आपसे इन पैसों के स्रोत के बारे में पूछ सकता है और आपको नोटिस भेज सकता है। ऐसे में FD में अधिकतर पैसे चेक के जरिए जमा करें।

बैंक अकाउंट में न करें ज्यादा कैश जमा
अगर किसी बैंक या को-ऑपरेटिव बैंक में आप भारी मात्रा में कैश जमा करते हैं तो उसकी सूचना बैंक या को-ऑपरेटिव बैंक आयकर विभाग को देगा। अगर कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में अपने एक खाते या एक से अधिक खातों में 10 लाख रुपए या उससे अधिक की रकम कैश में जमा करता है तो आयकर विभाग नोटिस भेजकर पैसों के स्रोत की जानकारी मांग सकता है।

क्रेडिट कार्ड के बिल का नकद भुगतान करने पर भी हो सकती है परेशानी
अगर आपके क्रेडिट कार्ड का बिल 1 लाख से ज्यादा का है और आप एक बार में इस बिल को नकद में भर देते हैं। तो भी आपको नोटिस आ सकता है। वहीं अगर आप एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपए से अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान कैश में करते हैं तो भी आपसे पैसों के स्रोत के बारे में पूछा जा सकता है। अगर आपने ऐसा कुछ किया है तो आपको अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इसकी जानकारी देनी होगी।

प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ज्यादा नकद पैसे देने पर
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार के पास अगर आप कैश में बड़ा ट्रांजैक्शन करते हैं तो उसकी रिपोर्ट आयकर विभाग के पास भी जाती है। अगर आप किसी 30 लाख या उससे अधिक की प्रॉपर्टी को कैश में खरीदते या बेचते हैं तो प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार की तरफ से इसकी जानकारी आयकर विभाग को जाएगी। ऐसे में आयकर विभाग आपसे इस लेन-देन के बारे में जानकारी मांग सकता है।

शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए न दें ज्यादा नकदी
अगर आप शेयर, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर और बॉन्ड में ज्यादा रकम का नकदी में लेन-देन करते हैं तो आपको दिक्कत हो सकती है। एक वित्त वर्ष में ऐसे इंस्ट्रुमेंट्स में अधिकतम 10 लाख रुपए तक का ही कैश ट्रांजैक्शन किया जा सकता है। इससे ज्यादा का नकद ट्रांजैक्शन करने पर आप मुश्किल में फंस सकते हैं।

2 लाख रुपए से ज्यादा का नकद गिफ्ट न लें
सेक्शन 269ST के अनुसार यदि कोई पर्सन 2 लाख या अधिक की राशि नकद में प्राप्त करता है, तो उस पर्सन पर पेनाल्टी लगाई जाएगी। यानी कि इस सेक्शन में पेनाल्टी कैश प्राप्त करने वाले पर लगाई जाएगी न कि राशि का भुगतान करने वाले पर। इसलिए अगर आप 2 लाख या अधिक की राशि गिफ्ट के रूप में ले रहे हैं, तो इसे सिर्फ बैंकिंग चैनल्स के माध्यम से लें, जैसे :- A /C Payee चेक, या A /C Payee बैंक ड्राफ्ट, या इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से बैंक में ट्रांसफर। यदि पेमेंट सेल्फ चेक के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है, तो इसे भी कैश में किया गया लेन-देन ही माना जाएगा और पेनाल्टी लगाई जाएगी।