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टैक्स की बात:प्लॉट या मकान बेचकर हुई कमाई से दूसरी हाउस प्रॉपर्टी खरीदकर बचा सकते है इनकम टैक्स, यहां जानें इससे जुड़े नियम

नई दिल्ली2 महीने पहले
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अगर आपने भी हाल में कोई प्रॉपर्टी बेची है या बेचने का मन बना रहे हैं तो उससे संबंधित टैक्स देनदारी से जुड़े नियमों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। अगर आप कोई प्रॉपर्टी बेचते हैं तो आपको उस में होने वाले मुनाफे पर इनकम टैक्स चुकाना पड़ता है। हालांकि आप दूसरी हाउस प्रॉपर्टी में निवेश करके टैक्स बचा सकते हैं। सीए अभय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष इंदौर चार्टर्ड अकाउंटेंट शाखा) आपको बता रहें हैं कि आप किस तरह टैक्स बचा सकते हैं।

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 54 के तहत ले सकते हैं छूट इनकम टैक्स एक्ट के तहत घर की बिक्री से हुए कैपिटल गेंस पर भी टैक्स लगता है। लेकिन आयकर कानून के सेक्शन 54 के तहत अगर कोई व्यक्ति निर्धारित समय के अंदर इस रकम से दूसरा घर खरीदता है तो, नए घर में निवेश की गई रकम टैक्सेबल कैपिटल गेंस से घट जाती है।

रेजिडेंशियल हाउस प्रॉपर्टी पर ही मिलेगा फायदा
सेक्शन 54 में छूट लेने के लिए एक नई रेजिडेंशियल हाउस प्रॉपर्टी खरीदी जाए या मकान बनाया जाए। नई रेजिडेंशियल हाउस प्रॉपर्टी, पुरानी रेजिडेंशियल हाउस प्रॉपर्टी के ट्रांसफर किए जाने की तिथि से एक वर्ष पूर्व या ट्रांसफर की तिथि के बाद से 2 साल के भीतर खरीदी जानी चाहिए। यदि प्रॉपर्टी का कंस्ट्रक्शन किया जा रहा है तो यह ट्रांसफर की तिथि के बाद 3 साल के भीतर पूरा होना चाहिए। जिस प्रॉपर्टी में निवेश किया जा रहा है, वह भारत में ही होनी चाहिए।

सरकारी बांड में करें निवेश
बिक्री से 6 महीने के भीतर सरकार के निर्धारित बांड में निवेश से भी टैक्स बचा सकते हैं। एनएचएआई, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम, रेलवे वित्त निगम आदि के कैपिटल गेन बांड में पैसे लगा सकते हैं। एक वित्तवर्ष में 50 लाख तक निवेश कर सकते हैं और लॉकइन अवधि 5 साल होगी। इस दौरान इन्हें भुनाया या गिरवी नहीं रखा जा सकता

रिटर्न में देनी होगी जानकारी
मकान की बिक्री से हुए लाभ को निवेश करने के लिए भले ही आपको दो-तीन साल का समय मिलता हो लेकिन बिक्री के बाद भरे जाने वाले आईटीआर में इसकी जानकारी देनी होगी।

कितना देना होता है टैक्स?
इनकम टैक्स कानून के हिसाब से अगर प्रॉपर्टी खरीदने के तीन साल के अंदर बेच दिया जाए तो इससे होने वाले मुनाफे को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) माना जाता है। घर या प्लॉट बेचने से हुए मुनाफे की इस रकम को आपकी कुल आमदनी में जोड़ा जाएगा और उसके बाद आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से इस पर टैक्स वसूला जाएगा।

अगर आप प्रॉपर्टी खरीदने के बाद 3 साल रखते हैं और फिर उसे बेचते हैं तो इससे होने वाला मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) माना जाएगा। इस तरह की आमदनी पर आपको इंडेक्सेशन के लाभ के बाद 20% के हिसाब से टैक्स चुकाना पड़ेगा।