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काम की बात:अब तक नहीं मिला है इनकम टैक्स रिफंड, बैंक अकाउंट की गलत जानकारी या प्री-वैलिडेट न होना हो सकती इसकी वजह

नई दिल्ली2 महीने पहले
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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अप्रैल 2021 से 2 अगस्त 2021 तक 21.32 लाख करदाताओं को 45,896 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया है, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अब तक रिफंड नहीं मिला है। अगर आपका भी रिफंड नहीं मिला है तो इसके कई कारण हो सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि रिफंड देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं।

बैंक अकाउंट की गलत जानकारी देना
CA अभय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष इंदौर चार्टर्ड अकाउंटेंट शाखा) कहते हैं कि हाल ही में कई बैंकों को दूसरे बैंकों में मर्ज किया गया है। ऐसे में कई बैंकों के IFSC कोड बदल गए हैं। अगर आपने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में अपने बैंक अकाउंट की जानकारी अपडेट नहीं की है तो आपका रिफंड अटक सकता है। आप घर बैठे ही https://www.incometax.gov.in पर जाकर इसे अपडेट कर सकते हैं।

बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेट होना जरूरी
जिस बैंक खाते में इनकम टैक्स रिफंड आना है उस बैंक खाते को प्री-वैलिडेट (पहले से सत्यापित) करा लें। इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद यदि आपका कोई रिफंड बनता है तो वह आपको इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) के जरिए मिलता है। इसके लिए जरूरी है कि आपका बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट हो ताकि आपको रिफंड मिलने में देरी न हो।

रिटर्न वैरिफाई नहीं करने पर भी लगता है ज्यादा समय
आपने रिटर्न समय पर फाइल कर दिया, लेकिन हो सकता है कि आपने ITR का वैरिफिकेशन नहीं किया। जब तक आप वैरिफाई नहीं करेंगे, आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं होगा। यानी, जो ITR आपने दाखिल किया है, उसको वैरिफाई करना जरूरी है। यह भी रिफंड मिलने में देरी का कारण हो सकता है।

आयकर विभाग के ईमेल का जवाब न देना
CA अभय शर्मा के मुताबिक आयकर विभाग की ओर से भेजे गए ई-मेल का जवाब न देने के कारण भी रिफंड अटक सकता है। आयकर विभाग की ओर से भेजे गए ई-मेल में करदाताओं से उनकी बकाया मांग, उनके बैंक खाते तथा रिफंड में किसी तरह के अंतर के बारे में जानकारी मांगी जाती है। इसकी जानकारी सही समय पर न देने पर भी आपका रिफंड अटक सकता है।

आमतौर पर 2 से 3 महीने में आ जाता है रिफंड
ITR प्रोसेसिंग के बाद टैक्स रिफंड आने में करीब एक महीने का समय आमतौर पर लगता है। सामान्य रूप से सेंट्रलाइज प्रोसेसिंग सेक्टर से ITR के प्रोसेसिंग को पूरा होने में 2 से 3 महीने का समय लग जाता है।

ऐसे चेक कर सकते हैं अपने रिफंड का स्टेटस

  • करदाता tin.tin.nsdl.com पर जा सकते हैं।
  • रिफंड स्टेटस पता लगाने के लिए यहां दो जानकारी भरने की जरूरत है – पैन नंबर और जिस साल का रिफंड बाकी है वो साल।
  • अब आपको नीचे दिए गए कैप्चा कोड को भरना होगा।
  • इसके बाद Proceed पर क्लिक करते ही स्टेटस आ जाएगा।

IT डिपार्टमेंट की साइट पर भी चेक कर सकते हैं रिफंड स्टेटस

  • सबसे पहले www.incometax.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
  • पैन, पासवर्ड और कैप्चा कोड जैसी डिटेल को भरकर अपने अकाउंट में लॉग-इन करें। 'रिव्यू रिटर्न्स/फॉर्म्स' पर क्लिक करें।
  • ड्रॉप डाउन मेनू से 'इनकम टैक्स रिटर्न' सिलेक्ट करें। जिस असेसमेंट ईयर का इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस चेक करना चाहते हैं, उसका चयन करें।
  • इसके बाद अपने एक्नॉलेजमेंट नंबर, यानी हाईपर लिंक पर क्लिक करें।
  • एक पॉप-अप आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा जो रिटर्न की फाइलिंग की टाइमलाइन दिखाएगा।
  • जैसे कि कब आपका ITR फाइल और वैरिफाई किया गया था, प्रोसेसिंग के पूरे होने की तारीख, रिफंड इश्यू होने की तारीख आदि।