• Hindi News
  • Business
  • India Economy Seen Growing At World's Quickest Rate Despite Covid Outbreak

अर्थशास्त्रियों का अनुमान:कोरोना के बावजूद डबल डिजिट में रहेगी देश की जीडीपी ग्रोथ, 10% की ग्रोथ के रास्ते पर अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोविड-19 महामारी को खत्म होने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की क्षमता को परखा जाएगा। इसके बावजूद इस बात में कोई शक नहीं है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली अर्थव्यवस्थाओ में से एक बनकर उभरेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था 1 अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष में 10% की ग्रोथ के रास्ते पर है। ब्लूमबर्ग ने 12 अर्थशास्त्रियों के अनुमान के आधार पर यह बात कही है। हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर के कारण स्थानीय स्तर पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते कुछ अर्थशास्त्रियों ने अपने अनुमान में कटौती भी की है।

पिछले साल अर्थव्यवस्था खुलने पर बढ़ी मांग

पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण करीब दो महीने तक सख्त लॉकडाउन लागू रहा था। इसके बाद अर्थव्यवस्था खुलने पर मोबाइल फोन से लेकर कार तक सभी वस्तुओं की मांग बढ़ी थी। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स का कहना है कि पिछले महीने कई राज्यों ने अपने स्तर पर लॉकडाउन का दायरा बढ़ाया है। लेकिन इससे आने वाली गिरावट अर्थव्यवस्था की रिकवरी को हल्के में नहीं लेने का संदेश है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि राज्यों में प्रतिबंधों में ढील रिकवरी की मजबूती को रफ्तार देगी। वहीं, उपभोक्ता खर्च करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि वे पिछले साल लॉकडाउन में खर्च नहीं कर पाए थे। यह काफी महत्वपूर्ण होगा।

जून से खुल सकते हैं देश के कुछ हिस्से

इंडिया इकोनॉमिस्ट के अभिषेक गुप्ता का कहना है कि कोरोना के केसों में कमी आने लगी है। ऐसे में देश के कुछ हिस्से जून से खुल सकते हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं के खुलकर खर्च होने की संभावना नहीं है। इससे आर्थिक अनिश्चितता और बेरोजगारी बनी रहेगी। क्वांटइको रिसर्च की इकोनॉमिस्ट युविका सिंघल का कहना है कि परिवार खर्च करने के मुकाबले बचत को प्राथमिकता देंगे। युविका सिंघल ने पूरे साल की ग्रोथ में 150 बेसिस पॉइंट की कटौती करके 10% कर दिया है।

कोविड-19 का मांग पर सबसे ज्यादा असर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि कोविड-19 की दूसरी लहर का सबसे ज्यादा असर मांग पर पड़ा है। इसके साथ ही मोबिलिटी, गैरजरुरी खर्च और रोजगार भी प्रभावित हुए हैं। रिजर्व बैंक इस सप्ताह ब्याज दरों की समीक्षा करेगा। माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों को यथावत रख सकता है। साथ ही ग्रोथ को मदद करने के लिए सिस्टम में और लिक्विडिटी डाल सकता है।

अनुमान से ज्यादा हो सकता है नुकसान

बार्कलेज के इकोनॉमिस्ट राहुल बाजौरिया का कहना है कि भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के केसों की संख्या में कमी आने लगी है। इसके बावजूद आर्थिक नुकसान अनुमान से ज्यादा हो सकता है। वैक्सीनेशन की धीमी गति और लॉकडाउन लगाने से भारत की आर्थिक रिकवरी पर भी व्यापक असर पड़ेगा। बाजौरिया का कहना है कि यदि भारत कोविड की तीसरी लहर का सामना करता है तो ग्रोथ गिरकर 7.7% तक आ सकती है।

देश में कोरोना महामारी आंकड़ों में

  • बीते 24 घंटे में कुल नए केस आए: 1.53 लाख
  • बीते 24 घंटे में कुल ठीक हुए: 2.37 लाख
  • बीते 24 घंटे में कुल मौतें: 3,129
  • अब तक कुल संक्रमित हो चुके: 2.80 करोड़
  • अब तक ठीक हुए: 2.56 करोड़
  • अब तक कुल मौतें: 3.29 लाख
  • अभी इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या: 20.22 लाख