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बहुत हुआ वर्क फ्रॉम होम:एंप्लॉयीज को दफ्तर बुलाना चाहती है कंपनियां; कुछ घर और ऑफिस, दोनों जगह से काम करवाने के लिए तैयार

नई दिल्ली8 महीने पहले
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ज्यादातर कंपनियां चाहती हैं कि कर्मचारी कोविड-19 से पहले के समय की तरह ऑफिस आकर काम करें। एक हालिया सर्वे के मुताबिक 70% कंपनियां कोविड के बाद वर्क फ्रॉम होम के मूड में नहीं हैं। सर्वे में यह भी पता चला है कि 59% कंपनियां रिमोट वर्किंग या अपने घर से काम करने को सामान्य या लंबे समय तक जारी रखने वाला मॉडल मानने को तैयार नहीं हैं। ये सर्वे एंप्लॉयमेंट वेबसाइट इनडीड ने 1200 एंप्लॉयी और 600 एंप्लॉयर पर किया।

घरेलू कंपनियां विदेशी कंपनियों जितना उत्साहित नहीं

घरेलू कंपनियां कोविड-19 के बाद रिमोट वर्किंग जारी रखने को लेकर विदेशी कंपनियों जितना उत्साहित नहीं हैं। सर्वे में शामिल देश-विदेश की कंपनियों में से 67% बड़ी और 70% मझोली घरेलू कंपनियां कोविड-19 के बाद रिमोट वर्किंग जारी नहीं रहने देना चाहतीं। विदेशी कंपनियां ज्यादा उदार दिख रही हैं और उनमें सिर्फ 60% बड़ी और 34% मझोली कंपनियों को ही उससे परहेज है।

विकासशील देशों की कंपनियों का रुख देखना दिलचस्प होगा

इनडीड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शशि कुमार बताते हैं, 'रिमोट वर्क ने कंपनियों को काम कराने का तरीका बदलने पर मजबूर कर दिया है। उसने इस मामले में हाई और लो रैंकिंग एंप्लॉयीज के बीच बराबरी लाने का काम किया है। लेकिन कोविड से रिकवरी के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत जैसे विकासशील देशों में कंपनियां रिमोट वर्किंग को लेकर क्या रुख अपनाती हैं। यहां काम की सहूलियत पर वर्क कल्चर भारी पड़ता है और टीम के लोगों के फिजिकली करीब होने पर प्रॉब्लम सॉल्विंग ज्यादा कारगर होती है।'

हमेशा के लिए होमटाउन में रहना चाहते हैं 9% एंप्लॉयीज

अब बात करते हैं एंप्लॉयीज की। सर्वे में शामिल 46% एंप्लॉयी को लगता है कि जो लोग महानगरों से होमटाउन गए हैं, हमेशा वहां नहीं रहने वाले हैं। 50% एंप्लॉयी का कहना है कि अगर काम के लिए वापस लौटना पड़ा तो वे आ जाएंगे। सर्वे में शामिल सिर्फ 9% एंप्लॉयीज ही ऐसे रहे हैं जो लौटने के बजाय हमेशा के लिए होमटाउन में ही रहना चाहते हैं। हालांकि 60% कामकाजी महिलाएं होमटाउन जाने को तैयार हैं, जबकि सिर्फ 29% पुरुष ही इसके लिए हामी भर रहे हैं।

होमटाउन से काम के लिए 32% एंप्लॉयी सैलरी कट को तैयार

32% एंप्लॉयी तो होमटाउन से काम करने के लिए सैलरी में कटौती स्वीकार करने को भी तैयार हैं, लेकिन यह ऊंची रैंक वाले ज्यादातर प्रोफेशनल को मंजूर नहीं है। सर्वे के मुताबिक, सीनियर लेवल के 88% एंप्लॉयी होमटाउन में रहकर काम करने के लिए सैलरी कट के ऑफर मानने को तैयार नहीं। होमटाउन से काम करते रहने के लिए 60% कामकाजी महिलाएं सैलरी कट को तैयार नहीं जबकि ऐसे 42% पुरुष ही इसके लिए मना कर रहे हैं।

घर और ऑफिस दोनों से काम की इजाजत दे सकती हैं कुछ कंपनियां

बहुत सी कंपनियां धीरे-धीरे अपने एंप्लॉयी को ऑफिस बुला रही हैं, जबकि कुछ कंपनियां ब्लेंडेड यानी फ्लेक्सिबल वर्किंग मॉडल पर काम करने की इजाजत दे सकती हैं। उसमें उन्हें घर और ऑफिस दोनों से काम करने की इजाजत मिल सकती है। दूसरा मॉडल हाइब्रिड भी हो सकता है जिसमें आधे लोग ऑफिस बुलाए जा सकते हैं और आधे को घर से काम करने के लिए कहा जा सकता है।

हाइब्रिड मॉडल पर काम करती रह सकती है KPMG इंडिया

KPMG इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर अर्जुन वैद्यनाथन ने बताया, 'कंपनी 10% एंप्लॉयीज को दफ्तर में बुला रही है। सबको टीका लगने और चौबीसों घंटे पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिलने तक हम इसी मॉडल पर काम करते रहना चाहेंगे। टीकाकरण के बाद ज्यादा एंप्लॉयी ऑफिस आ सकेंगे या कंपनी हाइब्रिड मॉडल पर काम करती रहेगी।

50-50% का ब्लेंडेड मॉडल अपनाएगी RPG एंटरप्राइजेज

RPG एंटरप्राइजेज ने अपने यहां 50-50% का ब्लेंडेड मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इस मॉडल में एंप्लॉयीज को महीने के आधे दिन ऑफिस और आधे दिन घर से काम करने की आजादी होगी।

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